00:00झाल झाल झाल
00:30झाल झाल झाल झाल झाल
01:00झाल झाल झाल झाल झाल
01:29झाल झाल झाल
01:59झाल झाल झाल झाल
02:29झाल झाल झाल
02:59यह उत्साव सबका है बसीरेटी
03:02राजा हो या प्रजा न्याय सबके लिए बराबर है
03:05आउको राजु को ख्षमा मांगनी ही पड़ेगी
03:07सब चुप क्यों है पिताजी न्याय की बात कर रहे है इनने ख्षमा मांगनी चाहिए आहां ख्षमा तो मांगनी चाहिए आ हां ख्षमा तो मांगनी चाहिए यह पालिकार श्वा कैसे मांगेगा
03:24अपना सर कार्टोंगा
03:31लेकिन शम hugop
03:40माना कहे अवकू राजु ने अपराद किया है
03:42लेकिन ये पाले गार हैं सत्तर गाओं के
03:44ये तो सब जानते ही हैं के इन्हे मुझसे नफरत है
03:47�और यही नफरत इस अपराद का कारन भी है
03:50लेकिन ये अपनी प्रजा से प्रेम करते हैं और प्रजा पर इनके कई उपकार भी हैं तो उनकी खातिर इन्हें हम शमा कर देते हैं
04:10नरसे मारे टी
04:11तुम मुझ में अच्छा या देखते हो यह मुझे अच्छा नहीं लगता
04:20मेरे इर्शा नहीं मेरा स्वा भी मान है नरसे मारे टी
04:25मेरा पिदिन आगा नरसे मारे टी
04:31उस दिन उस सर चुका कर तुम मुझसे कशमा मागोगे और मैं सर उछा कर तुम्हें कशमा कर दोगा
04:38इस मिट्टी में वीर्था है ये वीर्था तुम में भी है और मुझ में भी
04:49अपनी ये वीर्था दुश्मनी पर नहीं अपने देश पर खर्च करो
04:55उसके बाद मैं तुमारे आगे सर जुगा भी सकता और वक्त आने पर तुमारे लिए सर कटा भी सकता
05:08करेंगे तेरा नर्सिमा रेटी अंग्रेजों के खिलाफ पगावत करेगा हमारे मना करने के बावजूद वह यह महुत सब करवा रहा है हम यह और बर्दाश्ट नहीं करेंगे अधराश चिठ्ठी लिग दिया मैंने
05:38अब वो लोग देख लेंगे उसे वहा ख़बर पहुचाने के लिए ही तो किया असली महुत सब तो अब शुरू होगा
06:08हम जानते हैं लक्ष्मी जी लोगों के हित के लिए क्या आप अपनी कला को नए अंदाज में प्रसुत नहीं कर सकती हैं यह लक्ष्मी से देवताओं के लिए नाचती है उन्हीं के लिए गाती है आम मनुश्यों के लिए नहीं
06:38के लिए यह लोगों को जगाने के लिए
Comments