00:00ये चम्मक चल लो तिरी कमर में ये नटबॉल धिले हैं गया ऐसे लचक लचक चल रही है
00:06मेरी कमर मेरी मर्जी चाहे हिलाओं या घुमाओं तुझे उससे क्या सबसे पहले मेरे पैसे निकाल उसके बाद हिला डूला मुझे कोई फर्क निपड़ता रील के पैसे दे
00:14कौन सा रील कौन सा रील ऐसा क्यूं पूछ रही हो उस दिन फोटो के चवाते हैं बंदर की तरह मुझ बना बना कर किचवाले थी उसके पैसे हाँ याद आया याद आया पैरों में दर्द हो रहा है और इतनी सारी सीडियां चड़ना बहुत मुश्किल होगा मुझे उठा के �
00:44जो की अग्याद चवाल शेयर में ड्रोटी और ये और उसके बाद यही कोच दशादी और उसके बाद यही कोच दुझी और उसके बाद
01:14तो नजर मत लगाओ लड़कियों को अच्छे से खाना चाहिए पारे बुज़ोर को ने कहा है उनका क्या है वह तो कहते ही रहते हैं ना उठाने वाले को पता सलता है इसे पैसे तेरी तो मैं तो रुक मांझे कब से देख रहा हो तुझे नीचे क्या काता क्या था नीचे उप
01:44पैसे याए पैसे निकाले है मतड़ी है यह किसका दे रही है उठाने का उठाने का पैसा है पास रुपे होते है क्या के दार नाथ में में नीचे से बैसंतेते हो पर देते ते ने
02:09पांच रुपे दे रही हूँ वो क्या है न मैं बहुत समझदार हूँ नहीं मैं जूटा किया यह तो इसे पता ही नहीं देखना कैसे लपक लपक के का रही है बंदरिया
02:39कि अरे क्या हुआ इतना चिला क्यों रही है वो कोई बंदर नारिल उठा ले गया अच्छा यह पंदर आ रहा है अरहा है शुबास चाचा के लिए चांदी की थाली में गरम-गरम खाना खाली जिए सुगंद बहुत अच्छी आ रही है खाने में मजा आएगा आँ हाँ हाँ �
03:09सोने का फूल जिस थाली में नहीं आप उसमें खाना खाएंगे कोई बात नहीं सीताराम जी मुझे भूख लगिए मुझे खाना देते हैं क्या है देखिए शीताराम, आप मुझे जो प्यार संमान दे रहे हैं मुझे पता चल गया मुझे बहुत जोर की भूख
03:22सबस्टी इसमें खालो इसमें खालो।
03:39सब्सटी थोला सा खालो और खाले खाले यह थाले खाले यह कइन मैं भूखे रहूंगा तोई खाना खाएगा ना लएक कहिका
03:51करेंगा?
03:52हुआ
03:53झँझ
03:54झझ झझ
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