Bhanu Saptami Vrat Katha 2025 : भानू सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा की करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन पूजन के साथ व्रत कथा का पाठ करने से व्यक्ति को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है.
00:00वैदिक पंचांग के मुदाबिक रविवार 20 अपरेल को भानु सप्तमी है
00:04ये पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष और शुकल पक्ष के दिन मनाया जाता है
00:08रविवार के दिन पढ़ने पर भानु सप्तमी का महत्व और बढ़ जाता है
00:11इस शुप्तिती पर आत्मा के कारक सूरेदेव की पूजा की जाती है
00:15साथी दान होडने किया जाता है
00:17इस मौके पर सादक गंगा नदी में इसनान करते हैं
00:20साथी मा गंगा और सूरेदेव की पूजा करते हैं
00:22सुविधाना होने पर घर पर पानी में गंगा जल मिला कर इसनान करते हैं, इसके बाद भक्ती भाव से सूरेदेव की पूझा करते हैं।
00:52युधिष्टर ने भगवान शुरी कृष्ण से पूझा कि कल्यूग में महिलाओं को किस वरत और पूझन से संतान की प्राप्ती होगी। तब भगवान शुरी कृष्ण ने उन्हें एक कथा सुनाई थी।
01:22मुझे वैश्या को किसी युक्ती से मोक्ष मिल सकता है तो वो उपाय बताने की करपा करें।
01:27इंदुमती की ये विंती सुनकर रिशी वशिष्ट ने भानू सप्तमी का महत में बताते हुए कहा इस्तरियों को सुक्ष वभागे सुनर्य और मोक्ष प्रदान करने वाला एक ही वरत है भानू सप्तमी या अचला सप्तमी।
01:39इस सप्तमी तिथी पर जो इस्तरि वरत रखती है और विदिविदान से सुरिदेव की अरातना करती है उसे उसकी चनुसार पूर्णे फल प्राप्त होता है।
01:47वशिष्ट जी आगे बोले अगर तुम इस जीवन के उपरांथ मोक्ष पाना चाहती हो तो सच्चे मन से ये वरत पूजन जरूर करना इससे तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी।
01:56रिशी वशिष्ट से भानु सत्तमी का महत में सुनकर इंदुमती ने इस वरत का पालन किया जिसके फल सवरूप प्रांड तियागने के बाद उसे जन्म मरन के चक्र से मुक्ती मिल गई और स्वर्ग में इंदुमती को अपसराओं की नाईका बनाया गया।
02:10इसी मानिता के अधार पर आज भी जाता कि इस वरत को पूरी शुरुद्धा के साथ करते हैं।
02:14इस वीडियो में फलाल इतना ही उमीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। वीडियो को लाइक करें, शर्क करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल ना भूलें।