00:00अब मैं किसी के भी दुख की वज़ा नहीं बनूगी अब किसी को मेरी वज़े से तक्लीफ नहीं होगी क्यूकि आज मैं अपने आपको खतम करके सब की परिशानियां खतम कर दूगी
00:12ख्याती हो चुकी है अनुपमा के घर से गायब या फिर ख्याती ने खुद ही छोड़ दिया अनुपमा का घर वेल इस वक्त अनुपमा राही और प्रें काफी घबराए हुए हैं क्यूकि ख्याती कहीं मिल नहीं रही है लेकिन ख्याती दरसल किद्नाप नहीं हुई रहती है
00:42बताए किसी को मंदिल जहां पौचती है जहां पे वो रो रही है और उसने जो गल्तियां की है उसकी माफी मांग रही है इसी सब के बीच में आपको ये देखने को मिलेगा कि ख्याती की तब्यत भी बिगड जाती है और वो बिहोश हो जाएगी और उसे ढूनने वाली और को�
01:12कि ख्याती के मिलने के बाद पराग का गुस्ता थंड़ा हो जाएगा और ख्याती एक बार फिर से कोठारी परिवार वापस चली जाएगी
01:22मैं पर अपनों की दफ्रत से हागी मैं मेरी वज़े से मनुप मावेन और राही प्रें भी बिचाले पिस रहे हैं लिकिन बस अब और ने अब मैं किसी के भी दुख की बचा नहीं बनूगी
01:40अब मैं किसी के भी दुख की बचा नहीं बनूगी अब किसी को मेरी वज़े से तक्लीफ नहीं होगी क्योंकि आज मैं अपने आपको खतम करके सब की परिशानियां खतम कर दूगी
02:10कर दो मैं हो जब मैं हो ज फिखसी की आपको कि क्या है कि अर्ओंटर्सर साइब
02:26क्या साइब
02:29क्या
02:31क्या específic
02:37क्या
02:40घ्रैनी
02:46मेन等भा ин्हां
02:51तुम कि मायंं
02:54नहीं, मेरे अपन्धित कर दिखेगे
02:58सब नहीं, परहां सिर्णी नहीं बacjiका शरी ले,
03:02सब आह अगर क्र는지 कुए, पर कंदे हुआ
03:05नहीं ले खाये
03:06कि मेरे खानी
03:07संवाओ
03:09वी अधनी निए। अबस्ताव करता है।
03:15अबस्ताँ करता है।
03:22अबस्ताइव है।
03:25अबस्ताब से लागे है।
03:30वी अबस्ताइब दॉटे लाज़ीगे।
03:34माइके से निकल तर पसुरा लाती है, अपने पती तब घर पसाती है, फिर अपने बच्छों का घर पसाती है, और यहने के लिए उसका अपना घर को ही होता, यह पती की जब मरजी होती है, उसे कह देता है कि जाओ निकल जाओ मोरे दर से, दर उसका होता है, लेकिन मेंने को त
04:04बती के घर से निकाले जाने के पाल कबी भी ओर। अपने माई के नहीं जा सकती।
04:10घास लिए अ जिसलू इसलिए मान बलसायड नहीं कि
04:16अगर मान बलसायड नहीं है इसलिए मान इसी शहर में।
04:19लीट्स फाइम दके हैं..
04:21चलो-चलो-चलो !
04:22यह जो को जिए रहा है।
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