00:00आज हो, कल हो, आने वाला कैसा भी वक्त हो, परी संजु के दिल में हमेशा रहेगी और इस सच को वक्त भी बिदल नहीं सकता।
00:10एक बार फिर से परी और संजु की प्रेम कहानी उनका व्यवाहिक जीवन शुरू हो रहा है।
00:19काफी सारी मुश्किलों के बाद संजु और परी बाजवा हाउस लोटते हैं, जहां उनका स्वागत धूम धाम से होता है।
00:29एक नई नवेली दुलहन की तरह परी का ग्रह प्रवेश भी होता है।
00:35लेकिन नीती को परी की खुशियों से कब प्रॉबलम नहीं थी जो आज नहीं होगी।
00:42जैसे ही परी का ग्रह प्रवेश होता है, उसकी आरती होती है, नीती जान मूझ के धक्का मारती है, जिसकी वज़े से आरती की थाली गिर जाती है।
00:53नीती परी को एक बार दुबारा ताना मारती है, कि कैसे परी का बाजवा हाउस से कुछ तो इशू है, क्योंकि जब जब वो बाजवा हाउस आई है, उतनी ही तेजी से वापस गई है।
01:07नीती की बाते सुनके परी थोड़ी घबरा जाती है, वो ये सोच में पढ़ जाती है, कि कहीं इस बार फिर से ऐसा कुछ ना हो जाए, कि उसे ये घर छोड़के जाना पड़े। देखना दल्चस्प होगा कि कहानी आगे क्या मोड लेती है।
01:37अगर वो यहाँ होती, तो वो भी इसी तवर तेरा देन की पुर्देश करती है। और वैसे भी, आज मंदिल में पेशे माताराणी का आशरवार मिला है। जनम जनम तक साथ नहीं है। इसलिए मैं भी आती उतारी, तुम लोग की आती उतारी। ताकि किसी और की बुरी न�
02:07एक साथ देखने हैं।
02:37आज हो, कल हो, आने वाला कैसा भी वक्त हो। परी संजु के दिल में हमेशा रहेगी। और इस सच को वक्त भी पदलने ही सकता।
02:59और आप इसका ग्रहप्रवेश कैसे करेगी। परी तो अंदर आगी।
03:09ऑषि आपडला की आपाली।
03:13सुसॉआ।
03:15सॉवड़ी।
03:16सॉड़ी परी तेरी माब तेरा ग्रहप्रवेश किता भापा।
03:20लगता है। इस घर मेरा तेरी किसमत ही ने ग्रहप्रवेश कर लेगा।
03:25त 어떻ँ बेश आपाई।
03:27दुटान गर्ष भंग
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