00:00इल्यास को ले जाने वाला जहाज सामने है
00:30इस बात तुम बुरी तरह हार गए हो रूच
00:44जिसका तश्चिकस्त खाओगे तो तुम्हे अंताजा होगा
00:49कि तुमसे हकाजाक से नहीं निमट सकते
00:52चलो साथियो लंगर उठाओ बात्मान लेहरा दो
00:57अनका पानी निकालने से पहले ही डूचाएगा हम सुराफ मनने नहीं कर सकते
01:22हैं विसे भी पानी बहुत जुका है
01:25गंदर, चल कर कप्तान को बताते हैं
01:28चलो
01:29उन्होंने पूरे जहाज में स्वराख कर दिये हैं बावरूस
01:37पानी खुटनों तक आ गया है जहाज डुप जाएगा
01:40हम इससे बाहर निकलना होगा
01:41इसका मतलब उनके पीछे नहीं जा सकते हैं
01:43वो मेरी नजरों के सामने इल्यास को दूर ले जा रहे हैं
01:48तुम जहन्नम की गहराई में भी चले के तो तुम्हें पकड़ लूगा
01:51मैं इल्यास को तुम्हारे पास तहीं रहने दूगा
01:53बाबा हुरुच आपका सखम बिगड़ता जा रहा है
02:03हमें इस जहास को डूपने से पहले ही बाहर निकालना होगा
02:06इसके अलावा हमें आपके जखम का इलाज भी तो कराना है ना कप्तान
02:09लेस्वास खबर विजवाता हूँ
02:13उनसे कहो के कैलम नोस में उसमानी जासूसों से
02:17इल्यास के बारे में पता लगवाए
02:18इसाथ भाई से कहना
02:20कि अपनी तमाम फौजों को इखटा कर ले
02:22काफिर रोदोस के जंगजूओं से हमारी जंग शुरू हो चुकी है
02:31आज के बाद से
02:41इसकेंदरिया की कोई भी खातून बेरोसकार नहीं रहेगी
02:46मैं आप सब को हमारे रियासती उमूर के लिए
02:50मुलाजमत पर रखूंगी
02:52रियासत
02:54सब चीजों पर मुकद्दम है
02:57आप सब का मुवज़ा आपकी सूच से ज्यादा होगा
03:03बैटी रही
03:16और अब तुम इन सब को अपनी तरफ कर रही हो जिनने हम अपने लिए राजी कर चुके थे
03:23यू मूच आकर आने से गुरेस किया करो हमा खातून
03:29और लोगों को अपनी तरफ करने से क्या मुराद है तुम्हारी
03:34हमारी तरफ होना मतला रियासत की तरफ होना
03:37इसकेंदरिया के लोग हैं ये
03:41तो काम भी हमारे लिए ही करना चाहिए
03:44तुमने ये इसलिए किया कि कोई मेरे लिए काम नहीं कर सके
03:50रियासत की बातें तो बस कहानी है
03:52तुम लोगों ने हमारी तसलील की
03:58हमारा मुहाइदा हुआ था
04:00यहां तक के मुआफ़जा भी दिया जा चुका था
04:03लेकिन आपने हमें छोड़ दिया
04:06हमेशा रियासत तरजीह होती है हुमा खातून
04:08हम क्या कर सकते हैं
04:10सुल लिया तुमने
04:11हमारे यहां अवजी तरजीह सिर्फ
04:16रियासत को दी जाती है
04:19हमारे लिए तुम्हारे उसूल और मुहाइदे
04:24बेवुक्कतों बेमाया हैं
04:29बहतर होगा कि इस अकिकत को कुबूल करके पीछे अब जाओ, वर्ना हमारे हाथों बहुत तकलीफ अठाओगी.
04:37हमने अब तक तुम्हारी हर साजिश पे नकाब गी, और आगे भी करेंगे.
04:42अपनी हरकतें जारी रखो, हम तुम्हें तबाह करके अपनी ताकत का एहसास दिलाएंगे.
04:55दर्बान!
04:59हमां खातून को बहर ले जाओ.
05:12जख्म कैसा है तुम्हारा?
05:21ठीक है. कुछ दिनों में बेहतर हो जाएगा.
05:28उनका मसला मेरे साथ है.
05:31लेकिन बात यहां खत्ब नहीं होती.
05:33मेरी वज़ा से सब मुसीबत में मुबतला हो रहे हैं.
05:36एक हमला वो करते हैं तो एक हमारी तरफ से होता है.
05:38आखिर ऐसा कब तक चलेगा है सर?
05:42यह तब तक खत्म नहीं होगा.
05:44जब तक हम हत्मी हमला करके उन्हें खत्म नहीं कर देते मरीम.
05:47तुम क्या कहती हो?
05:50कोई शुबा नहीं कि हम उन्हें तबाह कर देंगे.
05:53लेकिन इस अमल में, जिससे मैं प्यार करती हूँ.
05:56बस यहीं डर है कि हमारे प्यारे तकलीफ में आ जाएंगे.
06:07तुम तो उनके लिए एक अदफ हो ही मरीम.
06:11उनका बड़ा मकसद हमें गहरे रूम से बाहर करना है.
06:14हमारी दुश्मनी तुम्हारी वज़ा से शुरू नहीं हुई.
06:16बिलावजे खुद को इल्जाम मत दो.
06:20ये एक अजीम जंग का वक्त है.
06:24अब वो और हम दोनों ही जंग की तैयारी में लगे हुए हैं.
06:29तुम देखोगी, इसके बाद तमाम मुश्किलात का खात्मा हो जाएगा.
06:42इसे अपने साथ दर अलहुकूमत ले जाओ.
06:45महतरम वजीर आजम के पास.
06:48ममलूक भी देखेंगे कि उनकी साज़िशें कैसे उनके सर पर उलट कर आती है.
06:52जो आपका हुक्म हुमा खातून?
06:53अरूज की कोई खाबर आई?
06:54कप्तान अरूज के ब्रोजे नामी जंग्जू को शिफाखाने ले गए हैं.
06:57जखमी था वो.
07:00और इल्यास?
07:01वो दोनों साथ ही थे.
07:03तो फिर इल्यास कहा है?
07:05अरूज बेटा, ये क्या हुआ?
07:15रास्ते में हम पर हमला हुआ था खाला.
07:18मुझे बंदूग की गोली रग गई थी.
07:21और इल्यास, वो कहा है?
07:25उन्होंने तमाम मसलूम हप्शियों और हमारे जंग्जूओं को शहीद कर दिया.
07:30इल्यास को अपने साथ कैलेमनोस ले गए.
07:35इल्यास?
07:36बेटा, इल्यास को क्यों ले गए वो?
07:39जाहर है, उनका हम से किसी बड़ी चीज़ का मतालबा होगा, खाला.
07:42लेकिन आप बेफिकर रहे, मैं उनकी साजिशन नाकाम बनातूँगा.
07:47बताईए भाई, हम क्या करें अब?
07:50इल्यास को उनसे कैसे बचाए?
07:53देखे, मैं कहीं भी जाकर बाहर आजाँगी.
07:57मुझे पहले भी कैलेमनोस ले जाए गया था.
07:59इजासत दीजिए, इल्यास को बचाने के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूँ.
08:02कैलेमनोस पर पहले भी हमला कर चुके हैं.
08:11लेकिन, अब उसी अंदाज में दोबारा ऐसा नहीं कर सकते हैं.
08:15हमने कैलेमनोस में जासुसों को खबर बिजवा दिया.
08:18जैसे ही कोई खबर आई,
08:20हरकत में आने का मनसूबा बना लेंगे.
08:22पता करो, ब्रोजजे कैसा है.
08:27और मेरे लिए भी तबीब ले आओ.
08:30जो आपका हुकम.
08:39पेस तर, संभालो.
08:45उसके वापसी पर हमारी शादी थी, खाला.
08:49क्या हम इसके मुस्तहक हैं?
08:52पहली बहुत कुछ जह चुके हैं.
08:56अब बर्दाश नहीं कर सकती हैं.
09:00काफिरों से हमारी जंग हो रही है.
09:03वो हमारे साथ बहुत बुरा भी कर सकते हैं.
09:07चाहे हम कितनी ही तकलीफ में क्यों ना हूँ,
09:10हमें मस्बूती से खड़े रहना है.
09:12इसके अलावा हमें इल्यास के लिए द्वा कत्मी हैं.
09:16तुमने मच बलाया? क्या हुआ?
09:44सुबह तुम सराय में नहीं थी, इसाबेल.
09:48आखिर कहां थी?
09:49तुम है क्या?
09:51तुम होते कौन हो मुझसे पूछने वाले?
09:55उरूच पर हमला हुआ और उर्सी वक्त तुम भी यहां से गायब थी, इसाबेल.
10:00क्या तफाक है?
10:03हाँ.
10:03आख का पूरा दिन है तिफाकाट से भरपूर है.
10:07उरूच पर हमला करने वाले रोदूस के जंगजू थे, ये बात प्हली है.
10:11हाला के वो जंगजू यहां सिर्फ यूनिता के जहाज के जहाज के जरीए ही आ सकते हैं.
10:15तो तुम्हें इस कंदरिया में यूनिता की कटपुतली होने के बावजूद इस बारे में कोई ख़बर नहीं थी?
10:21मुझे पता होता तो तुम्हें भी ख़बर होती.
10:23और तुम दस्तावेजाद चुरा कर दोड़ती हुई.
10:25उरूज को जाएकर सब कुछ बता देती, सही कहा ना?
10:28अगर मुझे उरूज की जान के फिक्र होती, तो ऐसा ही करती मैं.
10:31फिर तुम्हारा भाई मारा जाता?
10:33तुम्हें मुझे अपने काबू में रखने के लिए उसे जिन्दा रखना होगा.
10:40इतने यकीन से मत कहो.
10:49देखो.
10:57तुम्हारे भाई का खुम्हें.
11:03गटिया इंसान!
11:06अब बताओ मुझे,
11:08कि तुम्हें उसकी जान ली है ताके मैं तुम्हारी गर्दन काटू.
11:15अभी नहीं मारा.
11:17तुम्हें खबरदार करने के लिए बस थोड़ी सी तकलीफ पहुँचाई है.
11:22अगर तुम्हें उरूज की मदद जारी रखी,
11:23या उसके बास भी गई,
11:26तो याद रखो तुम्हारा भाई.
11:30खत्म.
11:37और मैं भी आखरी बार कह रहे हूँ.
11:40अगर दुबारा तुम्हें मेरे भाई को तकलीफ पहुचाई,
11:43तो मैं तुम्हें तुम्हारी ये खुन में नहलाऊँगी.
11:45बेरहमी से.
11:53बहुत शुक्रिया, दर्वेश.
12:15आप हर मुश्किल में हमारे काम आते हैं.
12:17खेर, मेरा काम तो सिर्फ इलाश करना है.
12:25अल्ला का शुक्र है कि तुम सही वक्त पर आ गए.
12:28अगर गोली कुछ देर और जिसम में रहती,
12:31तो ये जखम नासूर बन जाता.
12:35मेरे इंतगाम की आग के सामने ये जखम तो कुछ भी नहीं है दर्वेश.
12:38उन्होंने मस्लूमों को शहीद कर दिया.
12:43मेरे भाई को अगवा कर लिया.
12:51इस सब का जिम्मेदार सिर्फ मैं हूँ.
12:55जो कुछ भी हो रहा है, इसमें कुसूर मेरा है.
12:58अपने दान भीच लो.
13:01या शाफी, या शाफी, या शाफी.
13:06और अब, तुमने क्या सोचा के उनसे इस जुल्म का बदला कैसे लोगे?
13:25जंग के लिए पहले ही से तलवार निकाल चुका हूँ.
13:28काफिर अगर मौजों की शकल में भी मेरे सामने आये तो मैं पीछे नहीं हड़ोगा.
13:31या तो वो काफिर मेरे हाथों मारे जाएंगे, या फिर इस मकसद के लिए मैं शहीद हो जाओंगा.
13:39ये जंग तो तुमने शुरू की है, हो सकता है, रियास्तों के दर्मियान तनाजिका बाइस बन जाएंगे.
13:49शाये जिससे सियासी तवाजन में तबदीली पैदा हो जाएंगे, और हो सकता है, तुम्हारे दुश्मन तुम पर हावी हो जाएंगे.
13:56हम एक मजलुम की दादरसी के लिए भी सारी दुनिया से टकराने के लिए तैयारे दर्वेश.
14:04सही रास्ते पर होने के बावजूद क्या हमें ये जेब देता है क्या हम पीछे अट जाएंगे.
14:07बिल्कुल ये जेब नहीं देता अरूच बेटा, बिल्कुल जेब नहीं देता, अपने इस वैस्टे के साथ.
14:18आप अल्ला के हुक्म की तामिल कर रहे हैं.
14:21अल्ला आयत करीमा में वाज़ तोर पर बयान करता है, अम्न में खलल और हर तरह की खिलाफ वर्जियों पर जवाबी कारवाई का हुक्म देता है.
14:35अगर आप पर किसी ने हमला किया है तो उसका जवाब दें और अल्ला रब लजजद के हुक्म का एतराम करें.
14:51अब ब्रोज जे की अहालत कैसी है दागी?
14:59फिल्हाल तो तबीब उसका इलाज कर ही रहे हैं कप्तान. वो बहुत ही जल्द सहत्याब हो जाएगा इंशाल्ला.
15:06जब तक कैलम नौस से कोई खबर नहीं आती तब तक हम यहां के मामलाद देखेंगे.
15:10और इसका आगास हम उस बदमाश कराबाई से करेंगे.
15:15रोदोस के जंग्जू भी जल्दी पकड़े जाएंगे.
15:18कराबाई ने हमारा जहास जब्द कर लिया है.
15:20अब वो अपनी गर्दन फुला कर सकंदरियां में गुम रहा है.
15:22मैं अच्छी तरह जानता हूं उसे कैसे शर्मिन्दा करके अपने जहास को उससे वापस लेना है.
15:29इनसाफ के तरह जुकाओ तुम्हारी तरफ है.
15:32अब ये तुम्हारा फर्स है कि जो तुम्हारे खिलाफ जल्म करते हैं, उन्हें सजा दो.
15:38वो जिन्होंने हमारे खिलाफ साजिश की, जिन्होंने हमारा खुन बहाया, वो हवा भी बन जाएं तो सिर्फ खाग की उड़ा सकते हैं.
15:43लेकिन जब बाबा उरूच का समंदरी तुफान उन्हें अपनी लपेट में लेगा, तो हर कोई देखेगा कि मैं उन्हें कैसे धुए में तब्दील करता हूँ.
15:52बुरूच के जहाज से हमें चुपाई हुई तोपें भी नी थी, मौतरम नाइब रियासत, कानून के मताबिक हमने जहाज और तोपें जब्द करनी.
16:19मेरा मतलब है, उरूच कप्तान के लिए ये एक बहुत बड़ा धच्का है.
16:24मैं आपको सहराता हूँ काराबाई, अच्छे काम जारी रखें, किसी को भी हमारी सर्जमीन पर ऐसी हरकत करने ना दें.
16:31उस उरूच कप्तान को सज़ा जरूर मिलनी चाहिए.
16:34अमीर करना बाई.
16:40कौन हो तुम?
16:42बाबा उरूच.
16:44मैं यहाँ अपना जहाज वापस लेने आया हूँ.
16:45तुम्हारा जर्म वाज़े है, अरूच कप्तान.
16:51मुतरम नाइब रियासत यहां मौजूद है, मैं इने सब बता चुका हूँ.
16:54सिर्फ यही तुम्हारा जर्म नहीं है.
16:56उन हफशियों को भी खत्म कर दिया गया जिने तुम सोना लोटा रहे थे.
16:59अगर मौलूक रियासत को ऐसे काम नहीं करने दोगे, तो ऐसा ही होगा चंड डाकू ने तुम्हें अपना शिकार बना लिया.
17:06जिन्हें आप डाकू कहते हैं, वो रोदोस के जंग्जू है.
17:08अगर मौलूक रियासत इतनी है काबल है, तो वो काफिरों को मौसल्मानों की जमीनों पर खून बहाने से कैसे नहीं रोख पाई?
17:15ये तुम क्या कह रहे हो, रोदोस के जंग्जू?
17:17वो हमलावर रोदोस के जंग्जू थे.
17:18वो डाकूओं का भेज बदल कर आए, और आप उन्हें नहीं पहचान सके.
17:25ये कैसी मुस्लिम रियासत है जो काफिरों को मुसल्मानों का खून बहाने से नहीं रोख सकती.
17:29अगर आपका, इसकंदरियां में ये अमीर, मेरे जहास के पीछे पढ़ने की बजाए ये देख लेता तो, इतना खून ना भाया जाता.
17:40इस बात का क्या मतलब है, कारवाई?
17:43हमारी हर जगा चौकियां मुझूद हैं.
17:45मैं वादा करता हूँ, बहुत जल्दों लोग उससे हिसाब लिया चागए.
17:49रहने दीजे रोदूस के जंगजूओं से हम खुद हिसाब ले लेंगे.
17:52एक जहास के लिए रियासती ताकत का खेल खेलने की बजाए, तुम्हें अपने फराइज अदा करने चाहिए दे.
17:57ये बाते तज्जीक आमेज हैं, उरूस कप्तान.
18:03जो आपने किया था ये उससे ज्यादा तज्जीक आमेज नहीं है, मौतरम नाई बे रियासत.
18:09हमने वो जहास और तोपे काफिरों से अपनी तलवार के बल पर हासल की थी.
18:13हम काफिरों के खिलाफ मजलूमों के हुकुक के मकसद को लेकर आगे बढ़ें.
18:17लेकिन हर मोड पर तुमने हमारे हाथ बांदने की कोशिश की.
18:20और काफिरों पर एहसान करते रहें.
18:23इतनी शर्मिंदगी काफी है आपके लिए.
18:25रोदोस के जंग्जूओं से मैं अपने भाई को छुड़ा कर लाओंगा.
18:32और बहाए जाने वाले खुन का बद्ला लूँगा.
18:36तो अब आप हमें हमारी तलवार का हाख वापस देते हैं.
18:39या फिर हम इसे आगे बढ़कर खुद ले लें.
18:41औरुज कप्तान को उसका जहाज और तुपे वापस कर दी जाएं.
18:55जो आपका हुक्म ज़राब.
19:01जिन काफिरों ने हमारी सरजमीन पर खुन बहाया, उन्हें हमारे हवाले करना.
19:06हम उन्हें इबरत का निशान बनाएंगे.
19:08मैं पहले ही कह चुगा.
19:09रोदोस से बद्दा हम खुद लेंगे.
19:13और उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी,
19:16जिसकी गुँच केलमनोस से लेकर काहरा तक सुनाई देगी.
19:34जंग जुओं से कहो जहाज तयार करें.
19:36केलमनोस से मालूमात क्या आता हैं, हम मनसूबा बनाकर सफर पर रवाला हो जाएंगे.
19:40जो आपका होक्म?
19:40इसकंदर को अपने साथ लो, और उस कुद्दे शाबास के पास जाओ.
19:44इसकंदरिया के सफीर के सामने उसकी पेशी है.
19:46अगर वो आने से इंकार या मजाहि मत करें, तो तुम्हे इजाज़त है अपना हथोड़ा चलाने की, और घसीट कर यहां ले आना.
19:53आप बिल्कुल फिगर मत करें, गपतान. मैं उसे कुचल कर घसीटा हूँ आपके पास लाँगा.
19:57चलो, आज़ो जंग्जुओ.
20:09क्या हुआ? तुम लोग यहां क्या करने आए हो?
20:12बाबा उरूज ने बुलाया है. किसी आहम मामले पर बात करनी है.
20:16अगर उरूज मुझसे बात करना चाहता है तो, उसे यहां ले आओ. यहां उसका दाफला ममनू है, है ना?
20:23नहीं, नहीं. जाहर है के तुम्हें समझ नहीं आई शाहबास.
20:30कप्तान अगर यहां खुछ चल कर आना चाहें, तो वो यहां असानी से टहलते हुए आ सकते हैं हमारी तरह.
20:37लेकिन उन्होंने चाहा, आपको वहां बलाया जाए, और आपसे उसी तरह बात की जाए.
20:42अरुज मुझे पेश होने के होकम नहीं दी सकता. किस सिलसले में बात करना चाहता है?
20:47रोदोस की जानब से किये जाने वाले हमले के बारे में, वो सब जानते हैं.
20:50मेरा उस मौमने से कोई भी तालुक नहीं. उसे अपने दुश्मनों का सामना करना चाहिए.
20:55अब तुम लोग जा सकते हो यहां से.
20:57बात सुनो, मुझे घुसा दिलाने की जरूवत नहीं है.
21:00अगर कप्तान ने तुमें बुलाया है, तो तुमें आना है.
21:06तुम लोग अपनी हर मुश्किट के लिए हमें मरूद एलस्याम क्यों ठहराते हों?
21:13इन्हों ने का इनका कोई तालुक नहीं. तुमें समझ नहीं आया.
21:18तुम्हारी उंगलियों ने तुम्हें कुछ नहीं सिखाया.
21:20ऐसा नहों कि मैं सबान कर दू तुमारी.
21:22हमारे सराए में आकर हमारे आद्वी को अना के सुछाए दूँआ.
21:24वन्ना यहीं सरुआ दूँगा तुम्हारा.
21:26और मुझे यहां रोपने वाला कोई भी नहीं है.
21:28बहुत हुआ.
21:37बाबा अरूच, उस्मानी सफीर हैं.
21:40अगर तुम्हें बुलाया है, तो आना तु पड़ेगा.
21:42उन्होंने ही हमें इस काम का हुकम दिया है.
21:44हाथियार के इस्तमाल पर मजबूर मत करो.
21:51और हमें तो उनका हुकम हराल में मानना ही पड़ेगा न?
21:54हम्
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