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आज के इस वीडियो में हम जैन दर्शन के एक महत्वपूर्ण पहलु – द्रव्य के सिद्धांत पर चर्चा करेंगे। जानेंगे कि पुदगल द्रव्य क्या है और यह कैसे हमारे अनुभवों का हिस्सा बनता है। जैन दर्शन के अनुसार, इस संसार में कुल 6 प्रकार के द्रव्य होते हैं, जिनमें से पुदगल वह है, जिसके साथ हमारा सीधा संपर्क होता है। हम इसका अनुभव स्पर्श, रस, गंध और वर्ण के माध्यम से करते हैं।

इस वीडियो में हम पुदगल द्रव्य के गुण और पर्यायों को सरल तरीके से समझेंगे और यह भी जानेंगे कि जैन दर्शन में बाकी द्रव्यों का क्या महत्व है।

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जय जिनेन्द्र! 🙏
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