इस अद्भुत कथा में प्रमानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद नंद महल में मनाए गए आनंदमय उत्सव का वर्णन किया है। "नंदोत्सव" के इस पर्व में बधाई गीतों की गूँज, ब्रह्मा जी और शिव जी के आगमन की महिमा, और नंदगाँव के पावन क्षणों का वर्णन आपके मन को भक्ति और आनंद से भर देगा।
यह कथा न केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का ज्ञान कराती है, बल्कि हमारे जीवन में धर्म, प्रेम और आनंद का महत्व भी सिखाती है। इसे सुनें और अपने प्रियजनों के साथ इस आध्यात्मिक अनुभूति को साझा करें।
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