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  • 2 years ago
Transcript
00:00तु मुझे भी साथ लेकर चलो
00:02मैं गड़वर छोड़ आए हूँ, बातुछ नहीं जाओंगी
00:05बब्रग को तो देखकर 40 दिन तक मेरा इमान चला जाता है
00:09ये फूर गरी भी दिमाग का फ्यूज उड़ जाएगा
00:12कौन है बब्रग?
00:14मैं सच में नहीं पढ़ा कि मुक्की दे रहे हूं
00:44बातुछ नहीं जाओंगी
00:46बातुछ नहीं जाओंगी
00:48बातुछ नहीं जाओंगी
00:50बातुछ नहीं जाओंगी
00:52बातुछ नहीं जाओंगी
00:54बातुछ नहीं जाओंगी
00:56बातुछ नहीं जाओंगी
00:58बातुछ नहीं जाओंगी
01:00बातुछ नहीं जाओंगी
01:02countdown
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01:26से बट चूक हुए है
01:28आदमों का کوईजवाब नहीं आया
01:30पत्ती कम है चाय में
01:32कुछ ख्याल किया करो
01:34जी
01:36कुछ देर में उनका लशकर यहाँ आ जाएगा
01:38हमें इसी वक्त नायाब को
01:40मार देना चाहीं
01:42इसका बतलद है कि तुम
01:44हार मांच जिने
01:46मैं सच्चाई कुमिल कर रहा हूँ
01:48मैंने सोचा था
01:50मैंने सच्चाई कुमिल कर रहा हूँ
01:52मैंने mainne
01:54सुचा था
01:56कि आनि एक
01:57सबादां चंतोण करिहा है
01:59जो बड़ा था
02:00कि वो उनसे ऊपसorton
02:01सNIE का जानम करें
02:03लेकिं जो मैं convin
02:04इसने चाला थे
02:06एक भातमिर है
02:08हसोध कर लेकिन
02:10आरही जिन्दी और कितनी देरे?
02:16जा जाकर मार तो उसके बेटे ले?
02:24तुम तो इसी नहीं खुश हो सकते हूँ?
02:27कसे को मार कर नहीं मरँगू.
02:31उम्मान बर अयाशी नहीं किये मैं ले.
02:33और अगर दिनिया पूर के फैसले
02:35बहुत पहले मेरे हवाले कर दिये गए हो थे,
02:38आज हालाद और हो थे.
02:46नारोज?
02:49पूरू?
02:54सारी शर्फें मन्दूर हैं मुझे तुम्हारी.
02:57अबने बेटे से कहो कि आज दिनिया पूर का कंट्रोन ले ले,
03:00मैं अपने आदमी हाटा लेता हूँ.
03:06मेरी ज़रूर ही शर्फ.
03:10जात कहूँगा अपने बेटे लेने के लिए.
03:13निका की चैया भी कर सकते हो तुम.
03:25चाओ बेटा.
03:28मैंने सब दुनिया पुर ही नहीं ले लिया,
03:31हाँ दुनियों की इस्सक भी ले लिया.
03:36और जाते जाते ख़ुदा का शुक्र अदा करना
03:40कि तुम्हे दुनिया पुर मैंने
03:43बहुत पहले नहीं ले लिया.
03:47अंदर जाओ.
03:49इन्तिसान करो.
03:55टैरो.
03:58इदरा.
04:06अच्छा सा इन्तिसान करूँगा.
04:09तुम्हारे चोटी बेहन आ रहे हैं.
04:14जाओ.
04:25आप विद्वियो कर सकते हैं कि ये सब हो सकता?
04:31अगर तुम्हारे चोटी बेहन आ रहे हैं,
04:33कि ये सब हो सकता?
04:37ऐसा हो नहीं सकता, ऐसा हो चुका है.
04:41बादी पढ़ चुकी है.
04:43हम तुम्हारे पर कि बस 7 अवामों के हाथी
04:47और खोड़े जाड़े नहीं.
04:53जाओ, सभालो तुम्हारे पर.
05:03जाओ, सभालो तुम्हारे पर.
05:34नवाबों की और्तों के अर्मानों की असल जनाजे की जगा
05:39ये रद्दी की टोकरी ही है.
05:43निकल जाये मेरे कमरे से.
05:45मैं अपनी मर्जी से दाखिल नहीं हुई.
05:47ना कमरे में, ना तुम्हारी जिन्दगी में.
05:50निकल जाये मेरे कमरे से.
05:52मैं अपनी मर्जी से दाखिल नहीं हुई.
05:55ना कमरे में, ना तुम्हारी जिन्दगी में.
05:59मगर क्या नई मा के साथ भी तुम यही बढ़ताओ रखोगी?
06:03नई मा होंगी आपकी.
06:06मेरी मा मर चुकी है.
06:08और अच्छा है कि मर गई है.
06:10यहाँ रहती हैं, तो आपको देखकर रोज मरती है.
06:14मरते तो हम सब ही हैं रोज यहाँ.
06:18तुम अपनी मा की जगा मुझे नहीं दे सकती.
06:21और मैं अपनी जगा उसे नहीं दे सकती.
06:25मगर हमारे देने ना देने से क्या फर्क बढ़ता है?
06:28नवाब साहब नई बीवी और दुनियापूर दोनों ही जीच चुके हैं.
06:35गया है तुम्हारा भाई दुनियापूर लेने और हमें देखो.
06:41तुम यहाँ बैठी रद्दी की टोकरी में कागस जिला रहे हैं.
06:45और मैं अपना खून.
06:49तुम में और मुझे में कोई फर्क नहीं है.
06:54इन दिल मैं सब बढ़लूँगी.
06:58खौयिशों का होना अच्छी बात है.
07:01जिन्दा रहने की उमीद जगह रखता है.
07:05मगर अफसूस, तुम कुछ नहीं कर पाऊगी.
07:09और हाँ, रात में नवाब साहब का निका है.
07:15त्यार हो जाना.
07:39प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस
08:09प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस
08:40नवाबो को सारा दुनिया पूर दे दिया है साइब
08:43ना किसी जगा हमारी चोकी और ना ही बजार में कोई आदमी
08:48सब लोगों ने अपनी अतियार भी जम्मा करवा दिया है साइब
08:53शिमशेर को बुलाओ जड़ा
08:55वो तो नहीं आये साइब
08:56साइब
09:08जाओ गाड़ियें लगवाओ मैं जो जाना है नवाबो के पास
09:11जी जाना है
09:16साइब
09:18निम्रा के साथ इतनी बड़ी जाती मत कर
09:20उसको इतनी बड़ी सजा मत कर
09:22मुल्टी हो गए उससे वो बच्ची है चोटी से
09:25आपको दुनीयपुर चाहिए न
09:26मैं लाखे दूँगा आपको तो
09:47बेटिये वो आपके लिये
09:49बहन है मेरी
09:50जोटी.. जोटी पच्ची है, खल्ती हो गई उससे.
09:55आप मुझे एक मौका दे, मैं वादा करते हूँ
09:57पूरी दुनियापूर कुलांके आपके कर्मों मिला करकतूँगा.
10:00सरफ एक मौका.
10:02यहीं करें.
10:04वो आई तबहर ठीक नहीं है.
10:06जाओ, तुन देरा राम से नेड कर,
10:09दुनियापूर से भागने के मनसूबे पे काम करो,
10:11क्योंकि तुम्हारा दिमाग सिर्फ इनी चीजों के लिए चलता है.
10:15मैं जो कर चुका, सो कर चुका.
10:17जाओ, जाओ.. जाओ.
10:20जाओ यहाँ से.
10:21जाओ, जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ
10:51जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ.. जाओ
11:22इतनी सुर्फ से बोली हमारी
11:25अगर अमी कह रही है
11:27राक्टर ने फृर्कान को बिल्कुल ठीक कर दिया
11:31मेरा निकाय है उससे आज
11:40सब ठीक हो जाएगा निप्रा
11:43शादी हो रही है मेरी
11:45आप खुश नहीं है
11:48मैं अमज़ी हूँ
11:52मैं मुझबूर हूँ
11:56मैं कुछ नहीं कर सका
11:58फृर्कान कैसा लग रहा है?
12:01दूला है मेरा
12:03आप फृर्कान के बास रहे हैं न
12:05उसने जोड लगी है
12:09मैं बहुत चल तुम्हें माँज़े वापस ले हूंगा
12:12बहुत जलसा बतलेगा.
12:14लेकिन मेरी तो शादी हो रही है, न?
12:16मैं तो फुर्कान के पास रहूंगी, न?
12:18अम्मी, भाई को देखे.
12:22मैं तो फुर्कान के पास रहूंगी, न?
12:29मैं तो फुर्कान के पास रहूंगी, न?
12:31मैं तो फुर्कान के पास रहूंगी, न?
12:41दाई अम्मी, बाहर साहिब बुला रहे है.
12:45चलने का वक्त हो गया है.
12:47उफ अम्मी, चले.
12:50फुर्कान इंतजाएँ करोगे, चले.
12:53चले. फुर्कान इंतजाएँ करो.
12:55चले.
13:01शरम छोटा लव्ज है तम्सब के लिए.
13:07भारत छोका नहीं हो जाएँ.
13:23कोपिटे न मैं बेड़ा खुदे बच authorities.
13:25उपपे..
13:27होजती चाहिए, कॊपिटा थ�स speed, pace How did you get speed up?
13:29ख़र कोपिता है..
13:31कानून, इन्साफ, पुलीस नाम की कोई चीज बाकी नहीं रही
13:36ओन्ड्यूटी पुलीस वाले को सारा दिन मामूली गुन्डे अपने साथ ले गए
13:39अपना कैदी बना कर रखा और तुम सब हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे
13:44जब यहाँ मेरे साथ यह सब हो सकता है तो आम आवाम के साथ क्या होता होगा
13:48सार ऐसी बात ही नहीं है आप एफाया रेजिस्टर देख ले
13:51यहाँ क्राइम ना होने के ब्राबर है यहाँ कोई श्कायत ही नहीं आती
13:55जी जी सर यहाँ से जदा अमन तो पूरे मूल्क में कही नहीं है और अगर सब कुछ थाने के बाहरी निपट जाता हो तो इसमें मश्किल क्या है
14:02हाँ आपके साथ गलत हुआ अगर आपके आने की इतला हमें हेड्कॉर्टर से मसूल हो जाती तो हम पहले ही यह मामला निपटा देते फाड के फैंक दो एफाया रेजिस्टर और तार के फैंक दो वर्दी
14:14तूम मरने का मुकाम है तुम सब के लिए आज तक यहाँ जो कुछ भी होता रहा है अब नहीं होगा सौरी सर बड़ा जरूरी फोन है सर अस्लामलेकम जी कंट्रॉल ले लिया कव अच्छा वस हम अभी पहुंच रहे है नवावों ने कंट्रॉल ले लिया है अच्छा वो स�
14:45आदमों ने चौकिया वाफिस कर दिया है
14:47नोरोज आदम की वेटी का निकाह है आदे गंटे के वाद
14:51हवेली में बुलाया है सबको
14:52यार इतना जल्दी कंट्रॉल दे दिया
14:55नायाब नवावों के वास है ना
14:57इसलिए आदमों के वास कोई और रास्ता भी तो नहीं था न
14:59हाँ, वेटी का रिष्टा दे दिया न नोरोज आदम ने
15:03क्राय इजदत रह जेगी अब
15:04हमें बुलाया है डूटी पर हवेली में
15:06हाँ हाँ बुलाया है न
15:08तुम सबका दिमाग खराब है
15:10मैं यहाँ खराब हूँ
15:13सोरी सर, लगर अब जाना ज़रूरी है
15:16इक्बाल, तुम साफ के साथ ही रहो
15:18चलो भी चलो
15:19इन सबका, क्या हो रहे है यह सब?
15:21मैं खराब हूँ यहाँ
15:23मैं हूँ न सर
15:25इनके जाना दीजिये सर
15:27वालवच्येदार लोग है
15:29आपने तो एक न एक दिन यहाँ से चले ही जाना है
15:33इन सबने तो यही रहना है सर
15:58कितना अच्छा सजाया है न घर कुछ कान अंदर ही है
16:02निम्रा
16:05मुझे माफ कर देना
16:29किस्मत कितने जल्दी बदलती है न
16:32दुनिया पूर पर कल तक तुम लोग हकूमत करते थे और
16:35आज मैं करूँगा
16:36और कल हम दुबारा करेंगे
16:40इतनी जिल्लत के बाद तुम दोनों भाई जिन्दा कैसे हो
16:43खएर
16:44अदर चलो
16:46दो चाँ जिल्लत के गूंध वहाँ भी पीलो
16:48हम्.. आज इसका वक्त है
16:50शिजार है
16:51तो सुपं पहाँ पहुंना जल्लत
16:54हुदि पहंँ चुना, जो मैं तुमके लिए परशाथ हो
16:56तो मैं तुम पहुँ परशाथ चारें
16:57करांगखोरों का इसत्त और जिलत से कोई बासता होता भी नहीं है.
17:01मैत में जॉन सकता हुआ.
17:03वड़े भाई की सुनो.
17:05इसका तज़रबा तुमसे ज़्यादा है.
17:08अन्दर सलो.
17:10दो चार जिलत के गुण वहाँ भी पीलो.
17:12आज इसका वक्त है.
17:13कला हुआ देबारियाव।
17:44आओ, नारोज. आओ.
17:47वाह, आज तो ओरंग जेब भी साथ आया है.
17:51इसे देखे वहे तो काफ़ी देर हो चुक्की.
17:56तो नहीं बाता रहे जाए बाता है बाता नहीं.
18:01मैं बाता ऑई बाता हुआ है.
18:04प्रयाकारिया प्रेंट आओ.
18:07अग तो ओरंग जेब भी साथ आया है.
18:10इससे देखे वहे तो काफ़ी देर हो चुकी.
18:14काजी साहेब, इस घर में कई नौकर आये और चले गए.
18:20लेकिन ये जो छोड़ा है ना, ओरंग जेब,
18:24ऐसे जू...
18:37अब तो ये कोई और पालिश नहीं कर सकता है.
18:43है ना, ओरंग जेब, ऐसे ही है.
18:51बईया, आप खड़े क्यों हैं यहाँ?
18:54आओ, बैटो, ताके निका की रस्म पूरी हो सके.
19:07तून दो में कर?
19:31तुम ने जो कहा, मेने कर दिया.
19:34इसके अलावा एक लड़े के लिए नहीं रुखूँगा यहाँ पर.
19:39ऐसी चल्दी भी क्या है?
19:42तुम्हारे बेटे को बड़े अराम्सा रखा.
19:46निकाः हो जाये, तो अराम्से चले जाना.
19:50मैंने कहा कि मेरा बेटा मेरे हावाले करो.
19:53तुम्हारे बेटे के सर पर मेरे आर्मी ने बदूग तानी हुई है.
19:59मेरे एक अशारे पर उसकी जिन्दगी ख़तम हो सकती है.
20:08इतार आओ, बैठो.
20:11तुम ने कहा कि बाद जाओ ने.
20:22बाद जाओ ने.
20:47कैसी तबयत है?
20:52मैं जानती हूँ, तम्हें बहुत बुढ़ा लग रहा होगा ना?
20:57कैसे एक दिन में सब कुछ बदल गया?
21:02अगर नयाब भाई नवाबों के हवीली पर हम्ला ना करते,
21:06तो आज सब कुछ पहले जैसा होता.
21:11सबसे जादा अफसोस तो निम्रा पर होता है.
21:13उस पिशारी का क्या कुसूर था?
21:16उसका कुसूर यही था कि वो आत्मों के घर में पेदा हुई है.
21:19उसका कुसूर यही था कि वो नरोजादम की बेटी है.
21:23नरोजादम जो खुद एक नौकर का बेटा था,
21:26जो खुद नवाबों का नौकर था.
21:29हालात ही कुछ एहसद था, शामीर.
21:32साहिब और क्या करते?
21:33कुछ भी करते हैं, यह नहीं करते.
21:37ये नहीं करना चाहिए जिराम.
21:41अगर उस वहक में जराबी हिमम थो तो जराबी हिमम थो,
21:43तो तो गिंदिए जिराबी हैं.
21:46Halaat hi kuch ahzit hai, Shahmeer.
21:49Sahib aur kya karte?
21:50Kuch bhi karte hai, yeh nahi karte.
21:54Yeh nahi karna chahiye, Dharam.
21:57Agar usko akhad mujh mein zara bhi himmat hoti
21:59to yeh sab bilkul nahi manan hote.
22:04Ab tak toh nikah bhi ho chuka hoga.
22:09Aur tum toh yahan se jaana chahate the na.
22:15Ab nahi jaunga, yeh sab patlunga.
22:22Apni mehn ko wapas launga is ghar mein.
22:26Chahe iske liye mujhe kuch bhi karna padhe.
22:45मेरी एक बात अपने दमाग में ढालू.
23:12नवाब साहब की बीवी सिर्फ मैं हूँ.
23:15तुम शर्थ में जीती गई एक लड़की हो.
23:18इससे ज़्यादा तुम्हारी कोई हैसियत नहीं है.
23:21समझ रही हूँ न?
23:26फुकान कहा है?