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  • 2 years ago
Transcript
00:00तुम्हारी शाड़ी हो गई?
00:03नहीं.
00:04अभी तक नहीं की?
00:07तुम तो काफ़ी गुड़ लुकिंग हो.
00:09क्यू?
00:31बिंदी अच्छी लगती है तुम पर?
00:36मतलब तुम रोज यही देखते हो
00:38कि मैंने बिंदी लगाई है यह नहीं?
00:47चॉकलेट लगे हुई है.
00:50चॉकलेट ज्यादा नहीं खानी चाहिए.
00:52मुझे ज्यादा पसंद भी नहीं है.
00:54मुझे चॉकलेट से ज्यादा चिक्की पसंद है.
00:56पर यहाँ चॉकलेट सी है.
01:02मैं मधु वाड़म को नहीं बताओंगी
01:03कि तुमने मुझसे चॉकलेट चीदी है.
01:11यशोदा,
01:14तुम्हें तुम्हें देख लूँगी.
01:19तुम्हें तुम्हें देख लूँगी.
01:21सिगरेट के पैकेट में चॉकलेट डाल दी?
01:25देख क्या रही हो?
01:26तुम्हें क्या लगता है?
01:27किली तुम ही हो,
01:28जो मेरे लिए सिगरेट लिकर आती हो?
01:29तेजु,
01:31सिगरेट बच्चे के लिए अच्छी नहीं है.
01:33हाँ तो?
01:34मेरा बच्चा है क्या?
01:35किसी और के लिए पैदा कर रही हूँ न?
01:36तुम्हें इतनी फिक्रों क्यों हो रही है?
01:39ए, तुम्हें कॉंट्राक्ट में,
01:40अडवाइस देने के लिए अलग से पैसे मिल रहे हैं क्या?
01:43नहीं न?
01:44अगर ऐसा हो तो बता दो,
01:45वरना अपना मुँ बंद करो,
01:47षुनू आनकए पहुँचने से पहले,
01:50कृषणा ने सारा मखन खा लिया था.
01:52बस यशोणा भागी कोंो पहुंचने,
01:54में यखोने से चीजते थे.
01:56आगे...
02:11यशोदा मांके पहुँचने से पहले...
02:13कृष्णा ने सारा माखन खा लिया था...
02:16बस यशोदा ने उने पगड़ कर...
02:18सिग्रेट ठेक दी मैना.
02:23मुझे पता था...
02:24आकेर तुम भी तो माहो.
02:26मैं सिगरिट मज़े के लिए नहीं पीती. मेरे सिगरिट पीने की एक वज़य है.
02:32जब भी मेरे माबाब मुझे देखते थे उन्हें एक ही दुख होता था.
02:36यही कि बेटी की जग बेटा क्यों नहीं हुआ. उससी चक्कर में मैंने सिगरिट पीनी शुरू कर दी.
02:41एक दिन मेरे पापा ने कहा अगर लड़का होता तो हमारे सारी कर्स चुका देता. उससी वक्ती ओफर मिला. और कोई लड़का यह नहीं कर सकता. बस मैंने कहा अबराट जा रही हूँ और यहां गई.
02:57तुम एक लड़की की तरह जीना जा दी थी. लेकिन मुझे डर के मारे लड़कों से दूर ही रखा गया. ऐसा क्यों? क्योंकि मेरा जन्मे के रिदलाइट एरिया में हुआ था. मेरी मा मुंबई के रिदलाइट एरिया की प्रॉस्टिटूट है. उन्होंने 14 साल के उम्र मे
03:27मेरी परवरिश वहाँ ना हो इसलिए मेरे पैदा होते उन्होंने मुझे गाउं भेज दिया.
03:34हर महीने उनके भेजे पैसों और इस अंगूठी की अलावा मुझे अपनी मा की शकल तक याद नहीं.
03:46अब अपनी मा को उस गंदगी से बाहर निकालने के लिए मुझे पैसे चाहिए थे. इसलिए मैं सरोगेट मादर बनने के लिए मान गई. और मैं क्या करती?
04:01यहाँ हर किसी की अपनी अलग कहानी है. हमारी कहानी छोड़ो, बता यह यहाँ क्यों आए? क्यों? What? नाटक बन करो और बताओ.
04:24हाँ. मुझे आईफोन करीदना था. पैसे चाहिए थे. इसलिए यहाँ आए हूँ. तुम सच में पागल हो. कोई आईफोन के लिए सरोगेसी करवाता है क्या? ओ प्लीज.
04:54प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्ल
05:24प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज
05:54अपनी पसंद के लड़के को ढून रही हूँ
05:57कैसा लड़का चाहिए?
06:02अगर मैं कहीं गुम हो जाऊँ
06:05तो वो मुझे ढून कर बच्चा ले
06:08मैंने अच्छे कपड़े पहने या नहीं
06:11बिंदी लगाई या नहीं
06:12इन सब का ख्याल रखने वाला चाहिए
06:15उससे मैं जो भी मांगू
06:17उसे याद रखकर
06:19और मुझे लाकर देने वाला चाहिए
06:22और हाँ
06:24कम से कम डॉक्र तो होना ही चाहिए
06:40एक बार अपना बीपी चेक कर लो
06:42हार्टवीट बाहर तक सुनाई दे रहे है
06:44हार्टवीट बाहर तक सुनाई दे रहे है
07:14हार्टवीट बाहर तक सुनाई दे रहे है
07:44हार्टवीट बाहर तक सुनाई दे रहे है
08:14स्टार एटिंग लिआ आएगे
08:19खाजल
08:20काजल
08:22काजल क्या हुआ?
08:23सुथरमा
08:25सब ठीक हो जाएगा
08:26कुछ नहीं होगा
08:29तुम सब यही रुको
08:30अंदर कोई भी अलाओड नहीं है
08:32काजल हास्ला रखे
08:42बस बहुत खेल हो गया कृष्टा
08:44काजल की रक्षा करो, तुम इस माँ के दर्ट को सम्झोगे ना, हुँ?
08:50किसे बात कर रहे हो?
08:52अपनी कृष्णा से.
08:54पता है मेरे कर्ब में जो बच्चा पढ़ रहा है वो साक्षाद भगवान है, भगवान कृष्ण, सम्झी?
09:00मैं कटपुतलियों का खेल दिखाने वाले परिवार से हूँ.
09:04राज दिन भगवान कृष्ण की कहानिया संती थी, और उनकी कहानिया संते संते, मुझे लगता था भगवान कृष्ण स्वय मेरे बेटे की रूप में आएंगे.
09:11शादी के बाद डॉक्टर उसे ये पता चला कि कभी भी अपने पती के साथ मैं बच्चा नहीं कर पाँगी, और ये सुनके मेरा दिल ही तूट गया.
09:21मुझे बहुत दुख हुआ कि इस जीवन में मैं अपने कृष्णा को जन नहीं दे पाँगी, मैं बहुत रूई, फिर खुद को सम्हाला.
09:29मेरे पती को एक जान लेवा बिमारी हो गयी थी, तो येलाज के लिए हम शेहर आये.
09:32हॉस्पितल में डॉक्टर ने बताया कि येलाज बहुत महेंगा है और हमारे पास पैसे नहीं थे, तभी मुझे एक बच्चे को जन देने का ये मौका मिला.
09:42मुझे समझ में आ गया कि भगवान कृष्ण मेरे साथ लुका चुपी का ये खेल खेल रहे है.
09:47और वैसे भी यशोदा, कृष्ण का जन भी तो एक जेल में ही हुआ था न, और ये जगबी तो किसी जेल से कम थोड़ी न है.
09:59मेरी सर एक ही अच्छा है यशोदा, अग्रीमेंट के अनुसार बच्चे को जन देते ही मुझे बिना देखे ही उन लोगों को सौप देना होगा.
10:11पर मुझे अपनी कृष्णा को देखना है, उसे हाथों मिलूंगी, गले लगाऊंगी, प्यार करूंगी, और उसके बाद उनको दे दूगी.
10:23काजल कैसी है? बच्चा पेट में ही...
10:39काजल का बच्चा पेट के अंदर ही मर गया, दो दिन पहले ही मर चुका था, इसलिए पेट में कोई मूव्में नहीं थी.
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