00:00उक्यमत उनोर अथिस्टेश्काम सिख्णाम।
00:06पहागाय कायाद.
00:07शो काया इसे तुम्हारा?
00:08वहविद देखना है।
00:09कल हमारी राम लीला में...
00:10राम जी चौदा साल के बनवास के लिए निकलेंगें।
00:12अगर कभी आपको किसी रावन टाइप क्यारेक्टर ने किन्दाइप कर लिया।
00:16तो दाड़ आप जाओगे।
00:19मॉम को बचाना।
00:20गोगल पर बाजी राव सिंगम टाइप कर ले।
00:23पता चल जाएगा तेरा बाब चीज क्या है।
00:25बारत की ये प्रथा रही है।
00:27बारत की ये प्रथा रही है।
00:29बारत की ये प्रथा रही है।
00:31बारत की ये प्रथा रही है।
00:33बारत की ये प्रथा रही है।
00:35बारत की ये प्रथा रही है।
00:37बारत की ये प्रथा रही है।
00:39बारत की ये प्रथा रही है।
00:40बारत की ये प्रथा रही है।
00:42बारत की ये प्रथा रही है।
00:44बारत की ये प्रथा रही है।
00:46बारत की ये प्रथा रही है।
00:48बारत की ये प्रथा रही है।
00:50बारत की ये प्रथा रही है।
00:52बारत की ये प्रथा रही है।
00:54बारत की ये प्रथा रही है।
00:56सीता मा का हरन हुआ...
00:59तो लंका जली है।
01:02इतिहास खुद-खुद दोराने वाला है।
01:05एक बचन के लिए...
01:06वो लंका जलाने वाला है।
01:18उसे कोई सडचा गुन्डा मत समझ सिंगम।
01:21वो आपका तुफान है।
01:28उस एरिया के एंचार्च कौन है?
01:31शक्ती शक्ती।
01:37तेरे इस दुन्या में आने की वज़े एक औरत थी।
01:42ज्यादा हीरो गिरी दिखाएगा न...
01:44तो तेरे इस दुन्या से जाने की वज़े भी एक औरत ही होगी।
01:46वर्धी पहनने वाला हर उफिसर को लगता है कि वो सिंगम है।
01:49वो तो हमारे गुरुजी है।
01:54मैं सिंगम नहीं।
01:59मैं लेडी सिंगम है रे।
02:16बहुत मानता है ये सिंगम सर को अबनी।
02:19हमेशा से उनके साथ उनका लक्ष्मन बन कर काम करना जाता था।
02:25और उसे मुल्क में कोवर्ट ओपरेशन की बात कर रहे हो तुम सिंगम।
02:30उनके कहने पर बहले भी दू बार खुस चुके हैं सर।
02:34बजरंग बली का नाम देकर तीसरी बार भी खुस चाते हैं।
02:55तेरी रामायन का रावन हूं मैं।
02:58अगर रावनी के लिए नहीं आया ना मैं, तो सिंगम असली मराख्था नहीं।
03:13ये श्रीलंका का इकलोता मंदिर है जहां सीता मा पुजी जाती है।
03:18जहां जहां हन्मान जी ने कदम रखे, वहां उनके पैरों के निशान बनते गए।
03:22और कहा जाता है कि ये उन में से ही एक है।
03:33ये कल्योग है, अबनी कल्योग। इस बार रावन जीतेगा।
03:36सचाय की जीत युग की महताज नहीं होती।
03:52अखी पबलीक को मालूँ है कौन कौन आने वाला है, तेरे को नहीं मालूँ।
03:56तेरे सामने जो ख़ड़ा है, वो महत्मा गांधी का आधर जरूर करता है।
04:24लेकिन पूछता चत्रपति शिवाजी महराज को है।
04:36जब ही देखो हेलिकोप्टर से लटक के आते हैं, इसे मैं ही बोलता है टिकेट काटो, बेट के आराम से आओ, इजद से आओ, लेकिन नहीं।
04:42लटक के ही आने का है।
04:45मन तो करता है तेरे को यही ठोक दू।
04:53करता है तेरे को यही ठोक दू।
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