00:00वित्मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ एफायार का आधेश जारी किया गया है। उन्पर इलेक्टॉरल बॉंड्स के जरीये जबरंड वसूली करने का आरूप लगा है। जी हाँ आपने बिलकुल सही सुना, देश की वित्मंत्री के खिलाफ एफायार दर्श करने का आ�
00:30आधेश सामने आया है। चलिए आपको बताते हैं।
00:34नमस्कार, मैं हूँ किरन, आप देख रहे हैं डेली लाइन।
00:36सबसे पहले आपको बतादें कि आखिर ये आधेश दिया किसने हैं।
00:40दर असल बैंगलूरो की एक स्पेशल कोर्ट ने 27 सितंबर को वित्मंत्री
00:44निर्वला सीता रमण के खिलाफ एफायार दरच करने का आधेश दिया।
00:47वित्मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने एलेक्टॉरल बॉंड्स के जरीये जबरंड वसूली की है।
00:5231 माई 2019 को सीता रमण 28 मी वित्मंत्री बनी।
00:56उन्हें लगातार अपने तीसरे कारेकाल के दोरान भी मोधी सरकार ने वित्मंत्राले का भार सौपा है।
01:02वित्मंत्री के खिलाफ ये शिकायत जनादिकार संघर्ष परिशत यानी जे एस्पी के आधर्श ऐयर ने बैंगलूरू में दरच कराई थी।
01:09आधर्श ऐयर ने केंद्रे मंत्रे निर्मला सीता रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।
01:16मीडिया रिपोर्ट की माने तो ऐयर की याचीका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बैंगलूरू के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को एफायार दरच करने का आधेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को हुँगी।
01:27इसी साल अप्रेल महीने में ब्यानिस वी एसी अमम कोट में जन अधिकार संगर्ष परिशद ने याचीका दायर की थी। याचीका में ना सिर्फ केंद्रे मंत्रे निर्मला सीता रमण का नाम है बलकी E.D. अधिकारियों भाजबा के राष्ट्री अध्यक्ष जे�
01:57से करीब दो सोथीस करोड रूपए और अर्विंडो फामिसी से उनचास करोड रूपए चुनावी बॉंड के जरीए वसूले गए हैं।
02:04इस मामले में सुप्रेम कोड ने कहा था कि स्कीम असंवैधानिक है। बॉंड की गोपनियता बनाय रखना असंवैधानिक है। यह स्कीम सूचना के अधिकार का उलंगर है।
02:14कोड ने SBI और चुनावायो को आदेश दिया था कि वे एलेक्टॉरल बॉंड से जुड़ा पूरा डेटा सारवजनिक करेंगे। अगर आपको याद हो तो 21 मार्च को ही एलेक्टॉरल बॉंड का डेटा सामने आया था जिसने पूरे देश की राजनीती में एक अलग ही भ�
02:44डेटा सारवजनिक होने के बाद जुलाई 2024 में भी कॉर्पुरेट्स और राजनीतिक दलों के बीच
02:48लेंद देन की जाच साइटी से करवाने की याचिका सुप्रेम कोड में दायर की गए।
02:53लोगसबचुनाव से पहले वित्मंतरी ने बॉंड स्कीम को दोबारा लाने का संकेत दिया था
02:58निर्मला सीता रमण ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिये इंटेव्यू में साब कहा था
03:02कि अगर हम सत्ता में आए तो एलेक्टॉरल बॉंड स्कीम को फिर से ने आएंगे
03:07इसके लिए पहले बड़े इस्तर पर सुझाब लिये जाएंगे
03:10हालांकी कॉंग्रिस समेद कई विपक्षी दलों ने उनके इस बयान पर कहा था
03:14कि अब बीजेपी लोगों को और कितना लूटना चाहती है
03:17एलेक्टॉरल बॉंड की शुरुवात 2017 के बजट में उस वक्त वित्मंत्री रहे अरुन जेटली ने
03:23चुनावी या एलेक्टॉरल बॉंड स्कीम के जरीये की थी
03:26उन्होंने ही इसकी पेशकष की थी
03:28दो जन्वरी 2018 को केंदर सरकार ने इसे नोटिफाई किया
03:32ये एक तरह का प्रामिसरी नोट होता है जिसे बैंक नोट भी कहते हैं
03:36इसे कोई भारती नागरी की एक कमपनी खरीज सकती है
03:39अगर आप इसे खरीजना चाहते
03:41तो आपको ये स्टेट बैंक ओफ इंडिया की चुनी हुए ब्रांच में आसानी से मिल जाएगा
03:46इसे खरीदने वाला इस बॉंड को अपनी पसंद की पार्टी को डोनेड कर सकता है
03:50बस वो पार्टी इसके लिए इलिजिबल होनी चाहिए
03:53अब आपको बता दे की आखिर ये पूरा मामला है क्या
03:56इस पूरी ये उजना को 2017 में ही चुनौती दी गई
03:59लेकिन सुन्वाई 2019 में शुरू ही
04:0212 प्रैल 2019 ये वो तारीख थी जब सुप्रीम कोट ने सभी पॉलिटिकल पार्टीज को निर्देश दिया
04:08कि वे 30 माई 2019 तक में एक लिफाफे में चुनावी बॉंड से जुड़ी सभी जानकारी चुनावायोग को दे
04:14हाला कि कोड ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई थी
04:17बाद में दिसंबर 2019 में याचिका करता
04:20एक आवेदन दिया इसमें मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि किस तरह चुनावी बॉंड योजना पर चुनावायोग और रिजर्व बैंक की चिंताओं को
04:34कींदर सरकार ने दरकिना किया था अब बात करते हैं कि इस पर विवात क्यों हो रहा है
04:392017 में अरुन जेटली ने इसे पेश करते वक दावा किया कि इस से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाली फंडिंग और चुनाव विवस्था में पारदर्शिता आएगी
04:48ब्लैक मनी पर अंकुष लगेगा
04:50दूसरी वर इसका विरोध करने वालों का कहना है कि एलेक्टॉरल बॉंड खरीदने वाले की पैचान जाहिर नहीं की जाती है
04:57इससे ये चुनाव में काले धन के इस्तिमाल का जर्या बन सकता है
05:00कुछ लोगों का आरोप है कि इस इस्कीम को बड़े कॉर्पॉरेट घरानों को ध्यान में रख कर लाए गया है
05:06इससे ये घराने बिना पैचान उजागर किये जितनी मरजी उतना चंदा किसी भी पॉलिटिकल पार्टी को दे सकते हैं
05:12रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने चुनावे बॉंड्स के जरीए करीब 6,986 करोड रुपए का चंदा हासिल किया था
05:19इस यूजणा के तहर पार्टी के कुछ मुख्य डोनर्स, केंदरी जांच एजिन्सियों, यानि E.D. और C.B.I. की जांच की दाइरे में भी हैं
05:26कई ऐसी कमपनीयों ने भी राजनितिक पार्टीयों को डोनेशन दिया था जिनकी प्रॉफ़िट कम थी
05:31ऐसे में इलोफटरल बॉंड्स को लेकर सबार उठे थे और अब यह वामल यहां तक पहुँच चुका है कि देश की वित्मंतरी के खिलाफ F.I.R. काराने तक की नौवत आ गई है
05:40फिलाल के लिए इतना ही देश और दुनिया से जोड़ी तमाम खबरों से अपडेटेट रहने के लिए बने रही है डेली लाइन के साथ
Comments