00:00आईए, आईए, पढारिये, मैंने निसंदे आपने अपना खोद का फेल होने का record तो तोड़ी दिया होगा
00:08बाबुजी
00:09अरे जब टस का अकड़ा पूरा कर लिया था तो काहे ग्यारवी बार हमारा नाम रोशन करने चले गए? काहे?
00:18मान लिया, शुकार कर लिया हमने भाई कि तुम बोलबक, नालायक और bloody fool हो, जीरो हो तुम, जीरो
00:25सुनो तुम
00:26क्या सुने, क्या सुने बताओ, दस बार फेल हुए तुम और बिस बार हमको फेल किया
00:34सुनो तु सही बाबुजी
00:35अरे सुने, कहने को क्या बचा है, तुम बताओ हमको
00:39हाँ, अगर कुछ हमारे लिये करना चाहते हो, तो कृपा करो, यहाँ से चले जाओ
00:47दिल्ली, सुना नालायकों की बहुत कमी है वहाँ, एक मितर है हमारे पुराने वहाँ, दयानन जी, लगा देंगे केही
00:57बाबु जी, हम पास हो गये, क्या बात है, अरे तो क्या कहे तोहर बाबु जी, सत्रवेदी जी तो शौक हो गये होंगी, हमें पता था हमको शौक लगेगा, लेकिन इतनी जोर से लगेगा, हम सोचे भी नहीं थे, क्यों, क्या हुआ
01:12बाबु जी, हम जा रहे हैं दिल्ली, और हम अपने पिताजी की आख्री इच्छा पूरी करने के लिए, दिल्ली के लिए निकल पड़े, दयानन जी के पास
01:32बाबु जी, हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था ह
02:02हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था हमें पता था ह
02:32ले लीजे ना
02:34तो फिर दे दो
02:36पुरी ले लिये
02:37इसमें आदे हमारी भी तो है ना
02:41एक काम करो
02:42वो पानी वाला है न
02:43उससे खोले पैसे लियाओ
02:44जाओ
02:46बाई जी जस्वेट ही होंगे अपने पास
02:48ची
02:50ये लीजे
02:58चल
02:59निराइच चल चल
03:00डालो जी
03:04हाथ ची हाथ ची
03:12बायर परो से ख़ड़ा खाना खाला
03:21लेो वणी
03:23हाथ ची हाथ ची
03:25आ दो
03:26आ
03:28बीलतीț कोई कारणा
03:30वही उपार है ।
03:35शली तोल, शली तोल, शाली तोल
03:38तोल
03:40टाउल
03:41मतनटटり
03:43तक्चाच टी,
03:44मतनटट़
03:46बॉन एक, यो थी
03:49गए तगवा
03:58वही उपार है जैंगन
03:59येशी, मेरे पासे!
04:02तुम!
04:04तुम!
04:05घरते पहुंच गये?
04:06पिछा कर रहे हो मेरा?
04:08नहीं बहणजी, हम तो हम...
04:09क्या हम हम? कहा था ना मेरे नहीं चाही पैसे?
04:12तुम इसे जानती हो?
04:13मेरे बस में था.
04:15पिछा करते, गरते पहुँच गया है बदमाश!
04:18मेरे बस में था.
04:19पीछा करते करते घरते पहुंच गया है बदमाश.
04:21बहुंजी यह बदमाश नहीं है.
04:22और नहीं आप किसे का पीछा कर रहे हैं.
04:23बचलबली की यह सब.
04:24अरे हम तो प्रतापगर से आये जैनन जी से मिलने के लिए.
04:27कौन हो तो?
04:28हम बावन चतरवेदी, नीले पाठक वाले चतरवेदी साहब के बेटे.
04:31चतरवेदी जी के बेटे?
04:32जी जी पंचरंगी.
04:34हाँ हाँ हाँ उतारा इसको.
04:35ये लीजे भया जी.
04:36अरे नहीं बस.
04:37नहीं नहीं खाये गरम गरम है.
04:39स्पेशल है हमारे यहां का.
04:41हम जब पराथी के लिए आलू उबालते हैं ना,
04:43तो उसी समय इसमें नमक डाल देते हैं.
04:45इसलिए बनते इतने अच्छे.
04:47आप खाये भया जी.
04:55यहाँ कोई मास पका रहा है?
04:56साथ वाली हवेली में मोमडन है.
04:59सुबा सुबा शुरू हो जाते हैं.
05:00हमारी हवेली, हरवंश्तवेदी हवेली में,
05:04मैंने तो साफ साफ कह दिया है,
05:06पराय धर्म भालों को कोई घर किराय पर नहीं देगा.
05:10भया जी, आप ये तो बताये के आप काम क्या करते हैं?
05:14काम प्रूनने ही तो हम दिल्ली आये हैं.
05:17अरे तेरे स्कूल में कोई नोखरी नहीं मिल सकती से?
05:20अरे वहाँ आप भी?
05:22क्या?
05:23आप भी अभी तक स्कूल में पढ़ती हैं?
05:25पढ़ती नहीं, बढाती हूं.
05:27तुम कल रसीका के साथ इसके स्कूल चले जाना,
05:29वहाँ कोई नोखरी निकलाईगी.
05:32जी.
05:34जी बज़ेंबर.
05:48यहाँ मंदर बहुत है,
05:49दिन बर क्या परणाम करते रहोगे?
06:03यहाँ, सोने से पहले चार पाई के नीचे लगा लेना.
06:06यहाँ बंदर के साथ साथ मच्चर भी बहुत है.
06:09एक मुझे.
06:14हाँ दीजी.
06:16इसकीस मी.
06:17भरूस रखी.
06:19दीजी ना.
06:22वान, दो, दी, चार, पं, पाँच.
06:30और हाँ,
06:31मेरा नाम बेहन जी नहीं, रसीका है.
06:37कैसे है उपर सुत्तम?
06:38अच्छा हूँ भी.
06:39बैटो, बैटिये जी, बैटिये.
06:42और पोबन बेटा, रसीका बेटी को लेके आओ.
06:44जी.
06:48रसीका जी.
06:55रसीका जी,
06:57लड़की वाले तो आ गये.
07:01अगर बज़ंबली सचमुझ किसी दिन प्रखट हो गए,
07:05तो तुम उसे क्या मांगोगे, पवल?
07:11जानते हो मैं क्या मांगूगी?
07:15हाथ तो अपना.
07:18भरोसा नहीं है?
07:26रसीका कहा है?
07:27जी, बस आ रही है.
07:28लगता है, मारी बिटिये शर्मा रही है.
07:31जी, बस आ रही है.
07:44बाव जी, आप हमेशा कहते थे,
07:46हर लड़की अपने होने वाले पती में अपने पिता की परचायी देखती है.
07:50मुझे आपकी परचायी पवन के सिवा किसी और में नहीं दिखाये देती.
07:55रसीका!
08:01सिवा किसी देती है, जी.