00:00अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर �
00:30अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर
01:01क्यों हो तुम शर्माई हुई से
01:06लगती हो कुछ घवराई हुई से
01:17क्यों हो तुम शर्माई हुई से
01:22लगती हो कुछ घवराई हुई से
01:27धलका हुआ सहाँ चल क्यों है
01:32ये मेरे दिने हल चल क्यों है
01:40मेरे सवालों का समाबुतो
01:58मेरे रंग में रंगने वाली
02:05अरी हो या हो परियों की राणी
02:11या हो मेरी फ्रें कहाँ
02:27बोलो ना क्यों ये चांद सितारे
02:43दकते हैं यूँ मुखडे का तुमारे
02:50बोलो ना क्यों ये चांद सितारे
02:58दकते हैं यूँ मुखडे का तुमारे
03:03चुके बदन को हवा क्यों महकी
03:09रात भी है पहती महकी
03:15मेरे सबालो का जबाद को
03:26बोलो ना क्यों ये चांद सितारे
03:36दकते हैं यूँ मुखडे का तुमारे
03:46दकते हैं यूँ मुखडे का तुमारे
03:54दकते हैं यूँ मुखडे का तुमारे
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