00:00आमारे इदर बालकनी भी है घर में
00:02तो बालकनी में मस्त मौसम था
00:04अलकी अलकी बारिश गिर रही थी
00:06तो हम दोनों खुर्ची डाल के बालकनी में
00:08बैट के पी रहे थे
00:10तो रूको जड़ा सबर करो
00:12आज फिल नजर पड़ी तो पता चला की
00:16हमारी पूरी सोसाइटी बालकनी में बैट के पी रहे है
00:20आपकी पूरी सोसाइटी शराब पीती है
00:24शराब की कुण बात कर रहा है
00:26नहीं नहीं शराब नहीं
00:28तो फिर आप क्या पीने की बात कर रहे हैं
00:30चाई
00:38आप मुझसे प्यार करते हैं
00:40आप मुझसे शादी करना चाहते हैं
00:42मैं आप पर गुस्ता होकर चली गई
00:44तो पापा मुझसे पर गुस्ता हो गए
00:48और उन्होंने कहा कि मुझे आपके जासा इमानतार
00:52और गुनहार लड़का लाइफ में कभी नहीं मिलेगा
00:54कभी नहीं मिलेगा
01:00अरे वो तो आपको पहले से जानते हैं
01:02आपका तुफान एक्सप्रस पढ़ते हैं
01:04अच्छा?
01:05हाँ
01:06एसा कहा आपके पापा नहीं?
01:10अरे वो तो आपका नाम सुनकर इतने एक्साइटेड हो गए है
01:12कि आज ही आपसे मिलना चाहते हैं
01:16चल
01:25अरे जैसे ये बेशरम पी रहा है
01:35नमस्ते चाचा जी
01:36अरे भिन्डी मास्टर आओ
01:37आओ सोडी केटो
01:38नमस्ते चाचा जी
01:39नमस्ते नमस्ते
01:41क्या बात है?
01:42आज तुम दोनों यहाँ अच्छा लग?
01:43और सुना है आपके यहाँ खिचरी पग रही है
01:45नमस्ते चाचा जी
01:46बविता जी
01:48जेता जी थरव एर देखो ना
01:49�기 मोबाल के बैट्रिय खराब होगी
01:51मैंने इतनी जकापे ढूंडा
01:52पर कहीं पे भी ही नहीं मिल रही है
01:54प्लीज
01:55यह देखिये
01:56अरे अभी मिल जाएगी
01:57उसमें क्या है?
01:58अपने भी यह नहीं मिल रही है, प्लीज.
01:59यह दिखा यह.
02:00यह देखी यह.
02:01अरे अबी मिल जाएगी, उसमें क्या है?
02:03ओह, तो पुरान है मोबाईल की बैटरी है.
02:06यह पुरान आपकी, आपके आतमें
02:09सोपा नहीं देता, बदल डालो अब.
02:10परसो रक्षा बंदन है, और मम्मी को एंदाएँ जाना है।
02:14हाँ, माने कहा की पूरे परिवार के साथ हाना हूँ।
02:19बस इतनी सी बात, अरे इसमें मुझे क्या बुचने का दया?
02:23सीधा ना बोल देने का।
02:26वा, वा, वा, पुराने जमाने के गाने, मतलब पुराने जमाने के गाने.
02:31बोला, पुराने जमाने को याथ की याथ है?
02:33बोला, पुराने जमाने के गाने, मतलब पुराने जमाने के गाने.
02:36बोला, पुराने जमाने को याथ की याथ है?
02:39थेंतर तंजत के लिकार पड़ैंग.
02:41भी इससो को ईपने बादें पर सधीर उठेन साथें,
02:44और आपको थोड़ा का सधिर है तो इक ज़ासरात पंज़ियाईंगी
02:47की बोलने जरूरिकाान चलते हैं,
02:50ढेप हर की संगरिया का खिल记विशन की हैं ।
02:52बोला पुरान जमाने का यात गया तो उस जमाने का आत्मी भी देख गया
03:01तो रूखो जड़ा सबर गरो
03:04अब ये घर-घर जाके इस्ट्रे करना चालो गया?
03:06Music
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