00:00उक्षद घर बना रखा था, आज से आप उसी घर में रहें।
00:04ये सुनकर वो सब बहुत खुश हो जाती हैं।
00:08मम्मा हमें तो अपने घर का पुछ भी याद ना था।
00:12क्या मम्मा को अपने घर में रखोगे बच्चो।
00:15ये सुनकर दोनों बहन भाई रोने लग जाते हैं।
00:19मम्मा आपके बिना हम जीने का सोच भी नहीं सकते।
00:23फिर वो सब वहां से रानो जिरिया के घर की तरफ चले जाते हैं।
00:28यहां लाडो जिरिया अपने बच्चों के साथ खुशी-खुशी अपनी जिन्दगी गुजारती है।
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