00:59हाँ हाँ लेकिन हम छोटे शहर वालों से तुम कैसे मिलोगी?
01:03मैं भी इसे शहर की हूँ.
01:04लेकिन रहती तो तुम शहर में हो.
01:07चल छोड़िये सब. अच्छा आंटी कहाँ पर है?
01:09यार आंटी का तो देहान थो गया है.
01:12ओ, सोरी दिव्या, वो क्या है ना कि मेरी शादे के बाद में मा बाबा भी शहर में शिफ्ट हो गए.
01:18तो उसके बाद में यहां पर आना होता ही नहीं है.
01:22चल छोड़िये सब. अच्छा आंटी का तो देहान थो गया है.
01:24ओ, सोरी दिव्या, वो क्या है ना कि मेरी शादे के बाद में मा बाबा भी शहर में शिफ़््ट हो गए.
01:30तो उसके बाद में यहां पर आना होता ही नहीं है.
01:32कोई नहीं यार, ये लाइफ है, होता रहता है.
01:35खेर, अब तू यहां आ गई है, अब मैं तुझे नहीं जाने दूँगी.
01:38और तू जिद भी मत करना मुझसे, समझी ना?
01:41अच्छा बाबा, ओके.
01:43और बाइड़ा वे, जीजु कहा है?
01:47अच्छा तू अब सारी बाते यहीं करेगी, या फिर मुझे फ्रेस्ट की होने लेगी तू?
01:52अरे यार, मैं तो भूल गई थी. चल, चल, चल.
01:54जब तक तू यहां है ना, ये कमरा तेरा.
01:58हाँ, वैसे घर काफी बदल नहीं गया?
02:02कमरा तो वैसे का वैसे ही है, मुझे तो लगता है तू बदल गई है.
02:06होई नहीं, तु जल्दी से रेड़ी हो जा, मैं तेरे लिए नाष्टा लेकर आती हूँ, ठीक है?
02:10चल.
02:32अरे ये लो चाई.
02:52थेंक्यू, और बताओ, घर में पूरे दिन ऐसे ही अकेले रहती हूँ?
02:57हाँ, बस ऐसे ही, टाइम पास हो जाता है.
03:00चलो अच्छा है, अकेले रहो, मस्त रहो.
03:03पापा, मादवी आयी है.
03:06अरे बटबटव प्लीज.
03:09मादवी...
03:10पापा, आपने पहचाना नहीं?
03:12मैं मादवी, वो अशोगनगर सुसाइटी में रहती थी न, ध्यानचन जी की बेटी.
03:17अच्छा अच्छा, ध्यानचन जी की बेटी?
03:19जी अंकल.
03:20कैसी हो तुम?
03:21मैं ठीक हूँ अंकल, आप कैसे हूँ?
03:23मैं ठीक हूँ.
03:25आप लोग नाश्टा कीजिए, उजह कुछ जरूरी काम है.
03:35यार ये अंकल को क्या हो गया है?
03:37बहुत बदले बदले से नहीं लग रहे हैं?
03:40हाँ, मम्मी के दिहान के बास से ऐसे ही चुप चाप आते हैं, चुप चाप चले जाते हैं.
03:46बुरा मत मानना, अगर ऐसा है तो फिर अंकल को दुसरे शादी कर लेनी चाहिए.
03:50हाँ, पापा के एक फ्रेंड ने बोला तो था, लेकिन पापा का सोचना है कि समाज क्या कहेगा? कि बेटी की शादी के उम्र में बाब शादी कर रहा है.
04:00समाज, समाज ही तो समस्याओ का कारण है.
04:04मतलब?
04:06कुछ नहीं.
04:20मतलब?
04:50आज ना मैं तेरी फेवरेट डाल फ्राई बना रहा हूँ. सुन रही है ना मैं क्या बोल रही हूँ?
05:13हाँ, सुन रही हूँ. लेकिन मैं कुछ सोच रही थी.
05:17बोल.
05:18अच्छा सुन ना, मुझे अंकल के बारे में कुछ बात करनी है.
05:23पापा के बारे में? क्या?
05:25तो बता रही थी ना कि अंकल किसी से कुछ बात नहीं करते, चुप चाप पैठे रहते हैं. तो क्या वो बाहर भी किसी से बात नहीं करते?
05:34पापा के कुछ दोस्त हैं, लेकिन वो जाधा किसी से बातचीत नहीं करते हैं. वो जाधा तर टाइम ना अपने कमरे में ही रहते हैं. अब तो उनका कमरा ही उनकी दुनिया है.
05:44कमरा उनकी दुनिया है? मतलब?
05:49मतलब, मैं उनके कमरे में कभी नहीं जाती हूँ. एक बाई मैं उनके कमरे की साफ सफाई करने जा रही थी, तो अचानक से आखे चिलाने लगे कि मेरे कमरे में साफ सफाई मत किया करो. तब से मैंने उनके कमरे में जाना ही छोड़ दिया.
06:03खएर ये सब छोड़, तु तेरे और जीजु के बारे में बता.
06:07क्या?
06:08चल चल, जादा भोली मत बत, तुझे सब समझ में आ रहा है, तु तेरी सेक्स लाइफ के बारे में बता.
06:15क्या दीविया, ऐसी बाती मत कर?
06:17हाँ हाँ, तुमें तो अब experience हो गया है न, यहां तो हम बातों से ही काम चला रहे हैं.
06:21ऐसा कुछ नहीं है, चल ला, मैं आज दाल मैं बना देती हूँ.
06:25चल चल, बात मत बदल.
06:27मुझे तो तुम लोगों का डेली का चक्कर लग रहा है.
06:30वैसे भी, एक बार experience हो जाने की बाद न, आदत लग जाती है.
06:34सच कहा, आदत पढ़ जाती है.
06:47माफ करना, मेरा द्यान नहीं था.
06:49कोई बात नहीं.
06:58ये मुझे क्या हो रहा है?
07:06सूद माधवी, मुझे कोई समाल लेने बाहर जाना है.
07:09तु चल रही है मेरे साथ?
07:11नहीं, तु जा, मुझे यहाँ पर कुछ काम है.
07:14चल ठीक है.
07:27चल ठीक है.
07:58पढ़ा जाती है.
08:00भीगी हुई जवानी है। बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल।
08:20भीगी हुई जवानी है। बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल।
08:50भीगी हुई जवानी है। बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल।
09:20भीगी हुई जवानी है। बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल।
09:50भीगी हुई जवानी है। बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल।
10:20बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल।
10:50बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल। करारा माल।
11:20भीगी हुई जवानी है। बिस्तर में खमासान। मूसम कमाल। करारा माल। करारा माल।
Be the first to comment