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  • 2 years ago
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https://youtu.be/vrStaKP5TY0?si=qNuBEi7EW8PFKYqn

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00:00असूभुभादा मिन तौनातिरी
00:10इनावि उस्माने गनी पहुँद बड़े अमीर थे पहुद बड़े अमीरुल मोमेनी थे
00:16नाखो मुरब्बा मील पे हुकूमत थी
00:19चान्द सो आद्मियों ने आके घेर लिया उस्माने गनी के घर को
00:23करबला में तो तीन दिन पानी बाद रहा है
00:26हजरत ए उस्माने गनी पे चालिस दिन पानी बाद रहा है
00:31चालिस दिन
00:33और हजरत ए इमामे उसैन के खैमों के गिर तो पैरा देने के लिए जनाबे अबास थे
00:38और मैं तारीख के सारे मौत में रवाले अरज कर सकता हूँ
00:42कि जब हजरत ए उस्माने गनी को खत्रा हुआ
00:44तो मौला अली शेर खुदा ने इमामे हसन और उसैन को तलवारे पकड़ा ही
00:48और फर्माया दरवादे के आगे खड़े हो जा कोई बद बख्त
00:52तुम्हारे खालू उस्माने गनी के दरवादे तक जाने ना पाए
00:56और उस दरवादे थे फिर गया भी कोई नहीं
00:59इसलिए कि वहाँ हसनैन करीमैन का पैरा था
01:02जो गया बैमान तो पिछे से चड कर के गया
01:05हजरत ए उस्माने गनी लाकों मुरबबा मिल का उकमरान
01:09जान जिसके पार चान्द वोट हों वो दनदनाता फिरता है
01:13जिसके पार चार बाडीकार्ड हों उसकी बात वो करता है तो हवा में
01:18हजरत ए उस्माने गनी के पास हजारों की फोज है
01:22चान्द सहों लोगों ने आपके घर को घेर लिया
01:25शहीर करना चाहते हैं
01:27जान जिसके पार चार बाडीकार्ड हों वो दनदनाता फिरता है तो हवा में
01:34हजरत ए उस्माने गनी के पास हजारों की फोज है तो हवा में
01:37जान जिसके पार चार बाडीकार्ड हों वो दनदनाता फिरता है तो हवा में
01:40या हमें या तो तुम थोड़ी देर के लिए खिलाफत छोड़ दो
01:44खुकुमत छोड़ दो चन दिनों के लिए किसी आउर को अमीर बनाओ
01:48जनाब ए उस्मान कहने लगे मुझे तो खुकुमतों से दिल्चस भी नहीं
01:52लेकिन मैं छोड नहीं सकता
01:54इसलिए कि मेरे मुस्तफा करीम अलिखसलाम ने मुझे फरमाया ता उस्मान
01:58अल्ला तुझे कमीज पैनाएगा
02:00लोग उतारना चाहेंगे पर तुम उतारना नाओ
02:03फरमाया मैं समझ गया हूँ उससे मुराद यही है
02:06मैं नहीं छोड ता
02:08उस्मान पिर इस तरह करें हमें इजाज़त दें
02:11यह चंद सो लोग हैं हमारी तलवानें
02:14चंद मिनिट में फैसला कर देंगी
02:17जनाभी उस्मान ने कहा नहीं फरमाने लगे
02:19मैं नभी पाक का शैर अपनी वजासे खून में रंग दू
02:23मेरी वजासे
02:25नभी पाक अलिकशलाम ने फरमाया था
02:27एक मैंडा होगा बक्रा
02:29जिसकी वजासे मेरे मदीने की गलियों में खून भहेगा
02:31मैं वो बक्रा नहीं बनना चाहता
02:33फरमाया मैं नहीं चाहता मेरी वजासे खून भहे
02:36और हुजूर के मदीने में बदम नहीं हो
02:39पर नभी पाक के मदीने में शोर नहीं होना चाहिए
02:42एपाए नजर होश में आओ
02:44ये कूबे नभी है
02:46आँखों से विचलना यहां बेअदबी है
02:49तो कहा उस्मान पर इस तरह करो
02:51कुछ दिनों के लिए मक्के चले जाओ
02:53तेरी बात की समझा रही है
02:55कुछ दिनों के लिए मक्के चले जाओ
02:58तो जनाबे उस्मान ने दाड़ी पकड़ ली
03:00कहने लगे देख रहे हो सारी सफेद हो गई है
03:03मैं नभी पाक का शहर छोड़ के नहीं जाना चाहता
03:07मैं रसूलुला के मदीने में मरना चाहता हूँ
03:09मैं नहीं छोड़ूँगा भूँजूर का शहर
03:12ये अन्धाल है जनाबे उस्मान ने गनी
03:14बड़ा सताया गया अधरत उस्मान ने गनी को
03:16प्रापोगंडे किये गये
03:18आपके खिलाब मुहिम चली
03:20अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:22अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:24अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:26अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:28अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:30अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:32अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:34अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:36अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:38अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:40अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:42अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
03:44अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
04:14अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
04:16अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
04:18अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
04:20अधरत उस्मान ने गनी को प्रापोगंडे किये गये
04:22जनाज़गा तक गये जनाज़ा पढ़ने
04:24यारसुनला फुल आदमी इंतिकाल कर गया
04:26जनाज़गा तक तश्रीफ ले गये जनाज़ा पढ़ने
04:28ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
04:30ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
04:32ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
04:34यारसुनला क्यों फरमा इसलिए
04:36कि ये उसमाने गनी से बूज रखता था
05:04जनाज़गा तक तश्रीफ ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
05:06ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
05:08ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
05:10ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
05:12ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
05:14ले गये जनाज़गा तक पढ़ने
05:16जनाज़गा तक पढ़ने
05:18जनाज़गा तक पढ़ने
05:20जनाज़गा तक पढ़ने
05:22जनाज़गा तक पढ़ने
05:24जनाज़गा तक पढ़ने
05:26जनाज़गा तक पढ़ने
05:28जनाज़गा तक पढ़ने
05:30जनाज़गा तक पढ़ने
05:32जनाज़गा तक पढ़ने
05:34जनाज़गा तक पढ़ने
05:36जनाज़गा तक पढ़ने
05:38जनाज़गा तक पढ़ने
05:40जनाज़गा तक पढ़ने
05:42जनाज़गा तक पढ़ने
05:44जनाज़गा तक पढ़ने
05:46जनाज़गा तक पढ़ने
05:48जनाज़गा तक पढ़ने
05:50जनाज़गा तक पढ़ने
05:52तो महभूब ने दूसरी सहबजादी
05:54जनाबि उम्मे कुलसूम रदी अल्लाहु तालामा का
05:56निकाज़रत उस्माने गनी के साथ
05:58कर्मा दिया
06:00दो शेजादियां
06:02दो बेट में
06:04यह जो कहा जाता है न
06:06उस्मान जुन्नूरैन
06:08उस्मान
06:10जुन्नूरैन का मतलब है
06:12दो नूरों वाला
06:14दो
06:16कुछ बादशा किसम के लोग हैं
06:18बेटियों को नूर मानते हैं बाब को नहीं मानते हैं
06:20नभी पाक की दोनों
06:22बेटियों को नूर मानते हैं
06:24लेकिन उनके वालिद नभी पाक
06:26सललसलम के बारे में
06:28दो बेटियां
06:30निकाब में आएं तो क्या लखब हुआ उस्मान
06:32और मज़े की बाद
06:34यह है कि अधरते उस्मान को
06:36जुन्नूरैन मौला अली शेर खुदा कहा करते थे
06:38अधरते अली कहा करते थे
06:40उस्मान तो जुन्नूरैन है
06:42दो नूरों वाला
06:44तेरी नसले पाक में है बच्चा बच्चा नूर का
06:48तू है ने नूर तेरा
06:50सब घराना नूर का
06:52कहने लगे नूर की सरकार से
06:54पाया दोशाला नूर का
06:58नूर की सरकार से
07:00पाया दोशाला नूर का
07:02हो मुबारक तुझ को जुन्नूरैन
07:04जोडा नूर का
07:06मुबारक दे रहे हैं
07:08दूसरी शाइदी पर
07:09कहते हो मुबारक तुझ को जुन्नूरैन
07:12जोडा नूर का
07:14तो हजरत-ए-उस्मान-ए-गनी रदी-अल्लाह-ताला
07:16अन्हो चोथ-ए-पांछ-में
07:18मुसल्मान है
07:20हजरत-अबु-बकर-सिदीक रदी-अल्लाह-ताला
07:36कई दिन बाने रखा
07:38कहने लगा दीन छोड़ना पड़ेगा
07:40तो आपने फर्माया वो तो जगह ही ऐसी है
07:42जो एक दफ़ा गया है दुबारा छोड़ सकता ही नहीं
07:45हो ही नहीं सकता
07:46हजरत-ए-उस्मान-ए-गनी
07:48साविकून-अल-अब्बलून में से
07:50पड़ाई लोगों में से
07:52उनकी जिन्दगी के बड़े असीन वाकियात है
07:54आप जानते हैं
07:55मैं दो-तीन बाते सिरफ
07:57उनकी हवाले से अरस करूँगा
07:59हर आदमी में हर सलाहियत होती है
08:02लेकिन कुछ चीजों का गल्बा होता है
08:05कुछ चीजों का गल्बा होता है
08:07हदरत-उस्मान-गनी में
08:09दो-तीन चीजों का बड़ा गल्बा था
08:11सखी थे
08:14तो दर्या से भी ज़्यादा सखावत फर्माते थे
08:16माला-माले सखी नहीं हुंदे
08:19ते सखीया कुल माल नहीं हुंदा
08:22एथे ओथे दोमी जानी
08:24सखी का गाल नहीं हुंदा
08:26हदरत-उस्मान-गनी रदिय-अल्लाह-उताला
08:28नो बहुत बड़े सखी थे
08:30इतने बड़े थे के गनी कह दिया
08:32अल्लाह-के-रसूल ने
08:34उस्मान गनी थी
08:36हर वकत ही सखावत
08:38हर वकत ही सखावत
08:40अल्लाह-के-रसूल-सललाह-उताला-अलि-सलम
08:42नमाज बढ़ के निकले
08:44जन्नत-उल-बकी वाली जगा हुझूर को पसांद
08:46आ गई
08:48कुछ सहाबा आते हैं यहाँ
08:50तो उन्हें सवारिया खडी करने का मसला है
08:52आजकार नहीं मसला होता पारकिंग का
08:54उस समाने में ऊट गोड़े बादने के लिए
08:56हवेली चाहिए थी तो
08:58उस समाने में उट गोड़े बादने के लिए हवेली चाहिए थी तो
09:00उस समाने में ऊट गोड़े बादने के लिए हवेली चाहिए थी तो
09:02कभी मिल जाये ना तो सहाबा कोई सवारिया
09:04बादने के लिए अच्छी रहेगी
09:06उसमान पीछे बैठे थे
09:08वही से गर्दन जुकाई और
09:10पीछे से लिखल गए
09:12उसूर दे फर्मा इदर आओ कहां जा रहे हो
09:14कहा यारसुल्ला जो जगा आप
09:16ने कही है मैं देखने जा रहा हूँ
09:18प्रदुष्मा ने कहा नहीं
09:20देखने गए जब वापस पल्टे
09:22तो मेरे करीम ने फर्माये
09:24उसमान देख आए हो
09:26देख आए हो
09:28देख आए हो और इसकी माबुबा
09:30देख नहीं कि आती तुझे पसंद आई थी
09:32खरीद आए हो
09:34खरीद आए हो देखना आना जाना
09:36यह तो वहाँ होता है जब सौदे बाजी हो
09:38रंगे चमन पसंद देना
09:40फूलों की बू पसंद
09:42हमको है वो पसंद जिसे आए
09:44तू पसंद बात ख़तम हो गई
09:46आपको पसंद आई थी मैंने खरीद लि
09:48मेरे रसूल पाक
09:50सललाली सल्लम के साथ
09:52पता नहीं लोग कहां बैट के
09:54दीन पढ़ते हैं इखतलाव साबद करते हैं
09:56जो जगा
09:58मुस्तफा को पसंद आई
10:00उसमान ने खरीदी
10:02उस जगा पर सयदा फात्मत
10:04अज्जहरा का मजार बना हुआ है
10:06उस जगा बीबी पाक का मजार है
10:08जो हजरते सयदा उसमाने घनी की
10:10खरीदी हुई है इसका मतलब है
10:12ये जगा मुस्तफा के भी पसंद दीदा है
10:14आईले बैट की भी पसंद दीदा है
10:16हजरते उसमाने घनी का
10:18मिजाज है उजूर एलान कर रहे थे
10:20इसका मतलब है चन्दे का एलान करना भी नभी पाक की सुन्दत है
10:24इसलिए हम भी कभी-कभी ये सुन्दत उदा कर लेते हैं
10:28चन्दे का उजूर ने एलान किया
10:30जैशे उसरा के लिए बहुत बड़ा लशकर जाना था
10:34फर्माया उठो बही इसा डालो
10:36हजरत उस्मान ने दाएं-बाएं देखा
10:39कितने
10:42बहुत जहदा अस्पानियों के लिए बहुत ज़दा समान चाहिए
10:45कहट का जमान है जनाब उस्मान उठे का
10:48या रसुल अला सौ फौजीयों का करचा
10:51उनका घोड़ा भी दूँगा
10:53गोड़े पर रखने के लिए
10:56या रसुल अला सौ कजाबा होता है
10:59काथी होती है वो भी मेरी
11:00फौजी की बर्दी भी मेरी
11:02जब तक वापस आएगा
11:03तब तक सारा खाने का करचा भी मेरा
11:05नभी पाक सौ मुस्कुराए
11:09तोड़ी देर के बाद फर्मा फेर उठो भी
11:13दाएं बाएं देखा कोई उठा ही नहीं
11:16अज़द उस्मान फेर खड़े हो गया
11:18का हुदोर एक सौ मेरा और शामल कर ले
11:21नभी पाक ने फेर एलान किया
11:23अज़द उस्मान कहते है
11:24मेरे ना दिल को कुछ होता था
11:26फेर उठे
11:28का हुदोर मेरा तीसरा सौ भी शामल कर ले
11:31फर्मातें जनाभी उस्माने गनी
11:33चोथी दफा मेरे मुस्तफा ने एलान किया
11:35तो मुझसे ना ही रहा गया
11:37मैंने कहा महभूबा एलान न करो
11:39आप इशारा करो
11:40उस्मान के पाद जो कुछ भी है
11:42वो मुहम्मद यरभी के कदमों का उसब का है
11:44अप एलान करो
11:46हाजीर है हरश है आजर है
11:48फूक फूक के देना, देख देख के देना
11:50यह तो वहाँ का सौदा होता है
11:52जहां सौदे बाजी होती है
11:54किन यहां तो यारसूल अल्ला जब तक भिके न थे
11:57कोई पूछता न था
11:59तुने खरीद कर हमें अनमोल कर दिया
12:02और मुझे वो बात बड़ी पसंद है
12:04मैं तनहाणियों में किताब खोल के पढ़ता हूँ
12:06तनहाणियों में पढ़ता हूँ
12:08मेरे रसूल पाक
12:11और मैं
12:13जब मुझे कभी लुटफ लेना होता है
12:15तो मैं साहिब तबकाद की यह रवायद खोल के बैट जाता हूँ
12:18जब आपना मज़ा लेने को दिल करें
12:20हजरत उसमाने गानी शेदादे थे
12:22दौलत मन बाब के बेटे थे
12:24रईस या अजन थे
12:26मूड के मालक होते हैं
12:29बहुत बड़े रईस थे
12:31परिश के लगा सी खेडां खेड दी नु
12:33तो फिर खेडां पोल देयां पोल देयां पोल गईयां
12:36कजल पाया सी यार दे विख ने ने
12:39फिर उदी याद इची रूंदेयां ही डॉल गईयां
12:42आइदर शाइस गली कदे न रूल दी
12:45पर उन ते रूल दी रूल दी
12:47चार पांच दिन के बाद मदीने आये
12:49सफर पर गए हुए थे
12:51उजूर के पीछे नमाज पढ़ी
12:53तो महभूब के चेरे पे जरा नकाहत है
12:55कमजोरी है
12:57हजरत बिलाल को मिले
12:59कहने लगे बिलाल मैं चार दिन बाहर रहा हूँ
13:01उजूर के चेरे पे कमजोरी क्यों हुए
13:03न अब बिलाल कहने लगे
13:05जा घहर जा किरा मुझले
13:07कहता मैंना दरवादे पे दस्तक दी
13:09सयदा आईशा सिदीका अंदर से बोली
13:11कौन है
13:13मैंने कहा अम्मा जी गुलाम हूँ
13:15उस्मान
13:17मैं चार दिन के बाद आया हूँ
13:19तो चेरे पे बड़ी कमजोरी है
13:21फर्माते जनाब आईशा हिजकी ले के रोई
13:23क्या हुआ
13:25तो कहने लगी उस्मान
13:27चार दिन हो गए कोनैन के मालिक
13:29प्याला दूद का एक खुजूर
13:31हजरत ए उस्मान ने कहा
13:33नहीं रदी अल्लाव टाला का
13:35अम्मा जी आप पर्दे में नहीं चली जाती
13:37शेजादा
13:39तोड़े गए
13:41घर से अनाज की बोरी कंदे पे रखी
13:43हर चीज उठाई
13:45गुलाम करने लगा
13:47मुझे देदो बीस बीस नौकर हैं
13:49घर में फर्माया नहीं ये मेरी डूटी
13:51है मैं नहीं करने
13:53उस्मान खुद गए रसूले पाक के
13:55घर में जाडू दिया
13:57चूले में आग जलाई
13:59हजरत आईशा कहती है मैं पर्दे के
14:01जब उस्मान फूंके मारते थे तो
14:03दाड़ी से धुमा निकलता था
14:05पर उस्मान जिसने पानी का
14:07प्याला भी खुद ने पिया था उसने
14:09सालन पकाया पिर रोटिया पकाई
14:11तो हाथ जले
14:13खाना पकाके
14:15और दस्तरखान लगाके
14:17मस्चद में आजर होगे का
14:19अगर मेर्बान नहीं करें तो
14:21घार नहीं आते
14:23उजोर तश्रीफ लाए
14:25और जब पहला लुकमा
14:27तान तंदूर हड़ां दा बालन
14:29ते हसी हामान नाल
14:31तपाया
14:33काप काप लुकिया
14:35पेड़े की ते
14:37उतो इश्क पले थन लाया
14:39तान दी हांडी
14:41मन दा सालन
14:43उतो लून सबर दा पाया
14:45गुलाम फरीदा
14:47मैं सारी तेरी
14:49तेनु अजे यकीन नहीं आया
14:51का माभू यहां बैठे तो सही
14:53यहां बैठे तो सही
14:55उजोर तश्रीफ रहा गए
14:57और पहला लुकमा जब
14:59नभी पाग ने मूँ में रखा तो
15:02शे सो दिनार नीचे रखे
15:04यार सुलला मैंने दॉलत को आग तो नहीं लगानी
15:07अगर तेरे काम ना आए
15:09उजोर किस काम की ये जैदादे
15:11किस काम की अगर आपके घर में
15:13चार दिन खाना ना पके
15:15हजरत आईशा सिदीका फरमाती है
15:17उसमान तो चले गए
15:19ये कह के
15:21तो मिरे मुस्तफा ने पिर हाथ उठाए
15:23और ऐसी दूआ दी के
15:25मैं तडब उठी
15:27मैं रोने लगी
15:29उजूर ने जोली उठा के का
15:31ये अल्ला मैं उसमान से राजी हूँ
15:33तू भी मेरे उसमान से राजी हो जा
15:35ये अल्ला मैं राजी हूँ
15:37और भाई ये दर्द, ये जौक, ये मिजाज
15:41ये अंदाज
15:43ये हदरते उसमाने गणी को अल्ला ने अताँ फरमाए
15:46आप
15:47आज लोग एतराज करते हम पे
15:49करते हैं तुम पहले मदीने, बाद में मके
15:52जयदा दिन मदीने, थोड़े दिन
15:55सुनो
15:56हुदैभिया जिसका जिकर कुराने मजीद ने किया
15:59यदु लाहे फ़ौकाई दीहिम
16:01पढ़ो ना गर में जाके कुराने मजीद
16:04हदरते उसमाने गणी रदी अल्ला ताला नो साथ थे
16:07जब नभी पाक सरसलम चौदां सो सिहाबा को लेके
16:09उम्रे की नियर से निकले
16:11हुदैभिया की मकाम पर काफिरों ने रोक लिया का उम्रा नहीं करने देगे
16:17हदरते स्यूजना उसमाने गणी को नभी पाक ने सफीर बना के भी जाओ
16:22तनावे उसमाने गणी कई सालों के मक्के से बिछडे थे
16:25सामने काबा नजर आया
16:27इहराम बना हुआ है
16:29जब सफीर बन के गए
16:32तो अबू सुफयान कहने लगे उसमान हम तेरे रुसूल को तो अभी उम्रे की इजाज़त नहीं देते
16:38बाकी लोग तो नहीं आते वो सामने काबा है वो हजरे अस्पद है
16:42वो सारा कुछ है
16:44तवाफ करना है तो कर लो
16:58जब तक मेरे मुस्तफा तवाफ नहीं करेंगे उसमान भी कोई नहीं करेंगा
17:03उसमान भी वो कौन सा तवाफ है
17:06जिसमें तवाफ हो और मदीने वाला नहो
17:09वो कौन सा उम्रा है जिसमें उम्रा हो और रुसूले बात नहो
17:12वो कौन सा हाज है जिसमें हाज हो और इमाम उलम्बिया नहो
17:16बेरेली के इमाम बोल पड़े
17:18फर्माने लगे हाजियो आओ
17:20शहनशाह का रौजा देखो
17:22काबा तो देख चुके अब काबे का भी काबा देखो
17:27और फर्माने लगे गौर से सुन तो रजा
17:30काबे से भी आती है सदा
17:33मेरी आखों से मेरे प्यारे का रौजा देखो
17:36यह हमें हजरत उस्मान गनी ने सिखाया है यकीदा
17:39यह यकीदा हजरत उस्मान गनी का है
17:41बात दूर निकल जाएगी
17:43महबत मियार होती है
17:46महबत रूह होती है
17:48महबत तसल होती है
17:50हजरत उस्मान गनी रदी अल्लाव टाला अन्हो
17:53से किसी शक्स ने कहा
17:56कि उस्मान कोई तबदीली भी आई नभी पाक के गुलाम बनने के बाद
18:01उजूर के गुलाम बनने के बाद कोई तबदीली भी आई
18:05लोग अपनी अपनी तबदीलियां बताते रहे
18:07जनाब उस्मान गनी न दो जुमले कहे
18:10लोग कहते हैं हमारी चीखे ही निकल गई
18:13ये मेरा आज उजूर से प्यार की
18:16महबत और इश्च का ये रंग उस्मान गनी का
18:19हजरत उस्मान गनी कहने लगे तुम तबदीली की बात करते हो
18:23मैंने जब से नभी पाक के हाथ में सीधा हाथ देके बैद की है
18:28मैंने ये हाथ तुबारा कभी गंदगी को नहीं लगाया
18:31और फर्माया जब से फैली नजर से जल्वा वद्धुहा देखा है
18:35मैंने उसके बाद अपनी सरमगा को भी कभी नहीं देखा
18:38इसलिए कि इन आँखों में रसूलुला के जल्वे राच बसगा
18:42ये मियार पैदा किया जनाबे उस्माने गनी ना
18:45और मदीना मुनवरव से जो मुफ़बत है ना मुसल्मान की
18:49उसका अगर असल रंग देखना हो तो जनाबे उस्माने गनी को
18:52जिन्दगी को देखा जाया है असल रंग
18:55हदरत सयूद ना उस्माने गनी बाहया बड़े थे
18:59क्या बड़े थे कुछ लोग बेहया होते हैं
19:03किजी को भी नहीं चोड़ते हैं ना सिहाबा को
19:06ना एहले बैद को ना किसी और को उस्मान बाहया बड़े थे
19:09कितने हदरत याईशा सिदीका फर्माती है
19:12मिशकात में मुसलम में मुझूद है
19:14आप फर्माती है नभी पाग बैठे थे
19:16तो हुजूर की ना पिंडली मबारक
19:18पिंडली नंगी हो भी जाये ना ये पिंडली
19:23तो इसकी इजाज़त है शरीयत में मर्द के लिए
19:26फर्माती है अल्ला के माबुब लेटे हुए थे
19:28और हुजूर की तामत पिंडलीयों से थोड़ी उंची थी
19:32तो हजरत एबो बकर सिदीक आये
19:35तो नभी पाक ने फर्माये आजाओ भी उस्माने गनी आगे
19:38माती थोड़ी देर गुझरी तो हजरत उम्रे फरूक आए
19:41हुजूर इजाज़त है तो नभी पाक शरसलम ने फर्माये आजाओ नभी पाक लेटे रहे
19:45चान लमहे गुझरे तो उस्माने गनी आगे
19:48हुजूर आजाओ फर्माये एक मिनिट
19:51अल्लाः के भी बुठे ताहमद मबारक को समेटा
19:54पिंडलियों को धांपा हुजूर बैठे उस्मान आए
19:57बातें हुमी चले गए
20:00परदे के पीछे से देख रही थी
20:02मैं आजरे खिदमत हुई का माबुबा समझ नहीं आई
20:05आए अबुबकर भी हैं
20:07मेरे वालिद आए उमर भी हैं
20:09मकाम उनका भी बड़ा है पर उस्मान आए
20:11तो आपने कपड़ा सीधा किया
20:13फर्माया आईशा
20:15मैं उससे हया ना करूँ जिससे अल्ला के फरिष्टे भी हया करते
20:19हदरत ए उसमाने घनी रदी अल्ला तालानो अपने अपने घार के अंदर होते
20:23तो कई कपड़े लपेटे रहते
20:25कई कपड़े
20:27मैं एक नतीजा आपके सामने रखना चाहता हूँ
20:29मेरे तरफ देखे
20:31कई कपड़े लपेटे रहते
20:33कपड़ों के उपर कपड़े
20:35शर्मों हया के पैकर
20:37जनाबे उसमाने घनी गूसल करते तो
20:39कपड़ों समेध करते
20:41फर्माते ना भाई मुझे शरम आज
20:44उसका नतीजा क्या निकला
20:47हदरते रुकईया रदी अल्लाह ताला
20:49के साथ जनाबे उसमाने घनी का
20:51जब निकाव हुआ तो अभी पढ़दे की आयते नहीं आई थी
20:53शर्मों हया के पैकर थे
20:55अभी पढ़दे का उकम नहीं आया था
20:57सिहाबा बेदरे
20:59आते जाते थे एक दूसरे के गरों में
21:01अल्लाह के माभूब अलिकस सलाम ने
21:03गोश्ट पकाया तो फर्माया
21:05अधरत उसमा बिन जैद को जाओ उसमान को भी देया वो
21:07जनाबे उसमा बिन जैद
21:09फर्माते है वो मैंने गोश्ट पकड़ा
21:11फर्माते है मैं जब अंदर दाखल हुआ
21:13मुस्तफा की शेजादी को देखा
21:15और फिर उसमाने गनी को देखा
21:17फर्माते है जिनने मैंने देखा
21:19ऐसा जोड़ा मैंने कभी नहीं देखा
21:21मैं बस अलकासा मुस्कुरा
21:23के पलट आया ना उन्होंने कुछ पूछा
21:25मैं बस अलकासा मुस्कुरा
21:27के पलट आया ना उन्होंने कुछ पूछा
21:29ना मैंने कुछ बताया
21:31फर्माते है जब मैं मस्चद में दाखल हुआ
21:33ना पहला कदम ही रखा
21:35तो मुस्तफा करीम ने फर्माया
21:37उसमान दे आया उसालन
21:39पहले कभी देखा है
21:43देखा है कभी
21:45मैंने कहा नहीं उजूर मैंने नहीं देखा
21:47तो मेरे मुस्तफा करीम अलग
21:49ये लफ़स तिरमिजी के नहीं
21:51इशाम अलियूल्ला साहब निजालत उल खिफा में लिखे
21:53मेरे महभूब पाक लेक सलाम ने
21:55उसमान की शकल
21:57एक तो जद्दुल अंभिया इबराहीम
21:59खलील उल्ला से मिलती है
22:01और दूसरा फर्माया अगर किसी ने
22:03मेरे जलवे देखने हो तो वो भी
22:05उसमान के चेरे में नजर आएंगे
22:07ओ नौजवानों
22:09मेरे अजसाब फर्माय करते
22:11जो गंद बोलता है
22:13उसके चेरे का हुसन
22:15सबसे पहले छीने के लिए
22:17अगर उसके चेरे का हुसन
22:19सबसे पहले छीने के लिए
22:21अगर उसके चेरे का हुसन
22:23सबसे पहले छीने के लिए
22:25अगर उसके चेरे का हुसन
22:27इतनी शरम में तो लिब्टा हुआ होगा
22:29उतनी अल्ला तुझे ताज़गी अता करेगा
22:31उतनी अल्ला तुझे ताज़गी अता करेगा
22:33मेरे अजसाब फर्माय करते
22:35जो गंद बोलता है
22:37उसके चेरे का हुसन
22:39सबसे पहले छीन जाता है
22:41जो बुरी बातें सोचता है
22:43जिसकी सोच बुरी होती है
22:45सबसे पहले उसके चेरे का हुसन भिगडता है
22:47अगर चुताता है
22:49ताज़ा रहे, ठंडा रहे, नुरानी रहे
22:51तो फिर हजरत-ए-उस्मान
22:53ने तुझे बताया है कि शरम वाला
22:56अल्ला सबसे जैदा हुसन तुझे ही अताव फरमा देगा
22:59जैदा बोलने वाला, जैदा बातें करने वाला
23:01जो मूँ में आया, कह गया
23:03उस आदमी की नुरानियत चली जाती है
23:05अगर लोग
23:07वो करीमों से नहीं आता
23:09और नाई के पास बैटके चेरे पे
23:12लकीर बनवाने से उसन नहीं आता
23:14उसन शरमों हया से आता है
23:16यह जो हम आरजी उसन खरीद के लाते हैं ना चार पैसे का
23:19यह माद नहीं पढ़ता, यह तबा करता है
23:21और यह तबा हो जाता है
23:23कुछ लोग ऐसे होते हूं
23:25कुछ लोग
23:27जिनके पास बैटने को इतना दिल नहीं करता
23:30जितना उनका चेरा देखने को दिल करता है
23:32उनके पास बैटने को
23:34बादों का दिल करता है कि बस न जरा
23:36और तबीयत मैंने, आज मैं हो किया आया हूँ
23:38उर्स्ता आजी सादक साभ रह्मतु लाल
23:41मैंने इन भजुर्गों को देखा है
23:42हमने नजर बरके, आँखों में आँखें डाल के
23:44तो बड़ा कम देखा है
23:46हम चोरी देखा करते थे
23:48मैं वेख खांते, मेरा यार न वेख है
23:50तो जब मैं न वेख खांते हो, वेख है
23:53हम लोग चोरी देखा करते थे
23:55मैंने अपने अजर साहब को भी
23:57शायद ही कभी आँखों में आँखें डाल के देखा हो
23:59तब ही देखा है, जब वे किसी और को देख रहे होते थे
24:02भाई, इन लोगों के अंदर का हुसन, शर्मों हया, मासूमियत बन के
24:06इनके चेरों पे निकराता था
24:08हजरत उस्मान गनी की शर्मों हया
24:11नुरानियत बन के उनके चेरे पे आ गई थी
24:14जनाभी उस्मान गनी पैकरे शर्मों हया थे
24:17एक बात करदूं और खतम करूं
24:19हजरत उस्मान फर्माय करते थे
24:21मुझे तीन बातें बड़ी पसंद है
24:23कितनी? सारे बोले हो?
24:26कितनी जी?
24:28कौन-कौन सी?
24:29फर्माय करते थे
24:30भूके को रोटी किलाना, नंगे को कपड़ा पहनाना
24:34और तीसरा मेरा दिल करता है
24:35मुझे और कोई काम नहो
24:37कुराने पाक मेरे सामने रहे
24:38और मैं सारा दिन तिलावत ही करता रहू
24:41तीन बातें पसंद है
24:43भूके को खाना किलाना
24:45नंगे को कपड़ा पहनाना
24:47यहनी रोटियां बांड रहते थे
24:49सूट बांड रहते थे
24:51यह मिजाज था
24:52फर्माते थे मेरी पसंद है
24:54तीसरा मेरा दिल करता है
24:55कि कुराने मजीद पढ़ा रहे
24:57कुए की बात बड़ी मारूफ है
25:01नभी पाद ने भी एलान किया
25:03तो बड़ा यह एलान कर दिया
25:04फर्माय वो मीठे पानी का कुए है
25:06कभजा युहूदी का है
25:08जो बनदा खरीद कर
25:10वक्फ करेगा न
25:12उसे क्या मिलेगा
25:13तो हजूर ने फर्माय
25:14मेरी जेर में जन्नत की टिकर्ट है
25:17मैं उसे जन्नत दे दे नी
25:18ये है अर्ज जन्नत
25:19ये तैबा की जमी है
25:20जन्नत भी यही माल के जन्नत भी यही है
25:23जन्नत ले ले मुझसे
25:25ले ले
25:26हजूर उस्माने गनी गए
25:28उसको कहा बई
25:29कुमा मेरे आथ बेच दे
25:31कुमे की कीमत थी पांच साथ सो दिनार
25:34हजूर उस्माने
25:36पांच से सो दिनार कुल कुमे की कीमत थी
25:38जन्नाबे उस्माने गनी गए
25:39यहूदी को पता था कि ये खरीदना चाते है
25:41फर्माया यार ये कुमा बेच दो
25:43कहने लगा नहीं बेचना
25:44फर्माया कीमत मुँ मांगी
25:45कहने लगा कीमत मेरी मरजी की
25:47कहने लगा तुमारी मरजी की
25:49अपनी अपनी आउकात होती है ना कीमत लगाने की
25:51तुमारी मरजी की
25:53कहने लगा मेरी शर्त है
25:55मैं एक दिन के लिए कुमा दूंगा
25:57एक दिन मैं एक दिन आप
25:59फर्माया ये भी मनजूर है
26:01कितने पैसे
26:03उसने कहा मैं तीन हजार दिनार
26:05मोंगा
26:07पांच एसो का
26:09अधिलते उस्मान ने गहनी फर्माने लगे
26:11तुने अपनी आउकात के मताबिक तीन हजार मांगा है
26:13मैं चालीस हजार लेके आया था
26:15तुन अपनी आउकात के मताबिक मांगा है
26:17चालीस हजार दिनार मेरी जेब में
26:19यहूदी कहने लगा
26:21उस्मान तु ताजर है
26:23और आमा ताजर नहीं
26:25आलमी सता का ताजर है
26:27लोग तेरी तिजारत की मिसाले अरब में देते हैं
26:29पर पांच एसो का कुमार
26:31चालीस हजार
26:33मसला कुमे का नहीं
26:35कुमार के फर्मान का है
26:37वो जो घुजूर का फर्मान पुरा करना है
26:39ना उसके लिए चालीस हजार थोड़े
26:41मेरे पाँच है इतने जो
26:43लेके आया हो
26:45हजरत उस्मान ने पैसे चुकाये उसने कहा
26:47एक दिन पानी मिलेगा
26:49वो एक दिन बेचा करता था पानी
26:51कुमे से साधा पानी निकल जाये तो ताजा हो जाता है
26:53और अगर पानी
26:55कुमे के अंदर रहे सारा खतम नहीं हो तो
26:57बासी हो जाता है
26:59इसलिए फर्माय करते थे
27:01मैं उस कुमे से पानी पीता हूँ
27:03जिसमें राश ज्यादा होता है
27:05इसलिए कि वहाँ से
27:07पानी खतम होता है तो ताजा आता रहता है
27:09फर्माय करते थे तू अल्ला के रस्ते में
27:11सारा खर्च कर दे अल्ला ताजे हता कर दे
27:13और पहले से
27:15ज्यादा हता कर दे
27:17मेरा अब का मसला यह है
27:19कि तिजारत बंदों के साथ है
27:21बंदों के साथ जो तिजारत है
27:23बंदों के साथ जो तिजारत है न
27:25बंदे कुञ्जूसी कर जाते हैं
27:27बंदे का तो सही काम चल जाये
27:29तो पार्टलर को फारग कर देते हैं
27:31यह तो फारग है
27:33और अगर कभी
27:35किसी की दुकान में कोई करायदा
27:37रक्साओस की दुकान चल जाये तो
27:39तू जा अब दुकान मैंने खुद खोल लिये
27:41वो फारी कर देता है
27:43बंदों का तो मिजाज है और
27:45अल्ला तबारक अभटाला से जब तिजारत होती है न
27:47मैंने ऐसे लोग देखिया जिनके घरों में
27:49लाक्ष रुपया महाला होता है
27:51गुर्बत नहीं जाती है
27:53उनको सोचना चाहिए
27:55कस्रत वाला पैसा आया है पर बरकत वाला नहीं आया
27:57हजरत उसमान गनी रदी अल्ला उताला
27:59नो फर्माते हैं कि
28:01मैंने पहले भी बड़ा ताजर था
28:03लेकिन जब से मुस्तफा के नाम पर
28:05खर्च करना शुरू किया
28:07कहा कहा से आया कब
28:09और बड़ी सियानी बात फर्माते है
28:11आप फर्माते हैं मैं कलमा पढ़ने से पहले
28:13तजारत को वकष जैदा देता था
28:15और मुसल्मानों होने के बाद
28:17मैंने तजारत को टाइम थोड़ा दिया
28:19आपका खैपी ख़जानों पर खियाल हमने छोड़ दिया है
28:21खैपी खजानों से जो चीज मिलती है
28:23वो जैदा मिलती है
28:25जो मादी जराय से मिलती है
28:27वो चीज कर होती है
28:29हदवत उसमाने गनी पर लगा
28:31जब आपका दावरे इकूमत था
28:33यह याद रखें
28:35जब आपका दावरे इकूमत था
28:37यह याद रखें
28:39कि सबसे जदा एलजमात अधरत उसमाने गनी पर लगाए गया है
28:41जिन बन्दों के काद काट
28:43जैदा होते हैं
28:45उनके खिलाब प्रापोगंडे भी
28:47लंबे चोड़ई होते हैं
28:49याद बात याद रखें
28:51कहा गया कि अधरत उसमान लोगों को नवास्ते बड़ा है
28:53बड़ा देते है अधरत उसमाने गनी
28:55तो अधरत उसमाने गनी
28:57फर्माय करते थे
28:59हुक्रान तो मैं आज बना हूँ
29:01तो मैं तो पहले भी बड़ा देता था
29:03वो किस खजाने से देता था
29:05आप जवाब दिया गरते हैं
29:07देखे दरा
29:09लाखों लोग आज करने आते थे पर अधरत उसमाने गनी
29:11हाज करने जाते हैं
29:13तो एलां कर देते कि कोई हाजी
29:15हाज के मौके पर आके
29:17खाना न पकाए सबको खाना
29:19अधरत उसमाने गनी
29:21अधरत उसमाने गनी
29:23अधरत उसमाने गनी
29:25अधरत उसमाने गनी
29:27अधरत उसमाने गनी
29:29अधरत उसमाने गनी
29:31अधरत उसमाने गनी
29:33अधरत उसमाने गनी
29:35अधरत उसमाने गनी
29:37अधरत उसमाने गनी
29:39अधरत उसमाने गनी
29:41अधरत उसमाने गनी
29:43अधरत उसमाने गनी
29:45अधरत उसमाने गनी
29:47अधरत उसमाने गनी
29:49अधरत उसमाने गनी
29:51अधरत उसमाने गनी
29:53अधरत उसमाने गनी
29:55अधरत उसमाने गनी
29:57अधरत उसमाने गनी
29:59अधरत उसमाने गनी
30:01अधरत उसमाने गनी
30:03बेटी की शादी कर दिया रावल पिंडी में
30:05अब बच्ची चल दिन रहने आयी है
30:07पूछना यह है कि
30:09नमाज पूरी पड़ेगी कि कसर पड़ेगी
30:11तो मेरा तो उसने काम कर दिया
30:13हद हो गया
30:15रो रो के बुरा आया
30:17मैंने कहा यार तू बंद कर दे
30:20क्या पूछ लिया यार तूने
30:22बेटी
30:24बेटी मुसाफर नहीं होती
30:26बेटी तो महराणी होती है
30:28बाब के घर की
30:30बेटी मतलब
30:32कैसे बताओ
30:34कि दिल करता है कि बेटी
30:36वो सिरफ हसे
30:38वो रोए कभी ना
30:40यह दौआ होती है तो तुने इतना बड़ा सवाल
30:43महराण उलमा कुछ चीज़ों के
30:45जवाब देने पड़ते हैं
30:47मैंने कहा मैं राद को बताओंगा
30:49राद को फिर फून आया कि आप
30:51वो बड़ी जल्दी जवाब
30:53देने के आदी हैं तो देर क्यूं कर दी
30:55तो मैंने कहा यार जवाब तो
30:57पास था लेकिन इम्मत नहीं थी अभी
30:59तो मैंने कहा कि अगर तो
31:01बेटी
31:03आई है वालिद के घर में
31:05और अबाजी का प्रोग्रहम है उसे जैदाद
31:07में से इसा देने का
31:09तो फिर तो बेटी नमाद पूरी पड़ेगी
31:11लेकिन अगर अबाजी ने
31:13अगर अबाजी ने उसको उलेधा करके एंगुठा लगवाना है तो फिर बेटी मुसाफर है
31:19अगर अबाजी ने उसको उलेधा करके एंगुठा लगवाना है ना
31:21कि दे दे बाईयो को खैर है तेरी शादी
31:23पर खर्चा कर दिया है अगर अबाजी
31:25के दिल में मैंने कहा ये अबे से फटवा पूच लो
31:27अगर अबाजी के दिल में चोर है ना
31:29कि बेटी को देना कुछ नहीं
31:31तो फिर बेटी ने नमाज
31:33कसर पढ़नी है इसलिए कि फिर वो
31:35वहाँ हिसेदार
31:37उसकी दलीब हजरत उसमान गनी
31:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
31:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:29अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:31अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:33अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:35अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:37अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
32:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:29अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:31अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:33अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:35अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:37अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
33:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:29अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:31अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:33अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:35अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:37अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
34:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:29अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:31अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:33अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:35अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:37अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
35:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:29अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:31अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:33अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:35अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:37अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
36:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:29अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:31अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:33अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:35अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:37अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:39अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:41अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:43अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:45अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:47अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:49अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:51अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:53अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:55अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:57अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
37:59अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:01अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:03अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:05अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:07अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:09अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:11अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:13अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:15अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:17अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:19अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:21अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:23अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:25अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:27अगर अबाजी के दिल में नमाज पूच लो
38:29नभी पाग ने खालादाद, पुपीदाद, देवर पर, जेग पर, साले पर, बैनोई पर इतबार नहीं किया
38:37पबंदी लगा दी, तुने कैसे किया
38:41तुझे तेरे दिल में जैदा दर्दा है
38:45तु जैदा दीन को समझने लगा है
38:47तु जैदा उचला है तेरे अंदर
38:49इतबार क्या होता है, यार रखना
38:51दुनिया में जितने घर तबाह हुए
38:54उन लोगों के वजह से नहीं हुए जिन पर इतबार नहीं था
38:57उनकी वजह से हुए जिन पर इतबार था
38:59घर का बेदी लंका डाए
39:04बार वाले आके कभी भी घर में
39:06कोई नकबजनी नहीं करते
39:08जब भी करते हैं तो बार वाले करते हैं
39:10मेरे रसूले पाफ
39:12अलेक्स सलात और सलाम की वो अजवाज
39:14जिन पर अल्ला को इतना इतबार है
39:16कि रब कहता है मेरे माबूर की बीवी हो
39:18तुम्हारी जैसी दुनिया में दूसरी है ही कोई भी
39:20अल्ला को इतना इतबार है
39:22लेकिन एक
39:24नबीना स्याभी आए
39:26तो हजूर की दो अजवाज बैठी थी
39:28तो नबी पाफ ने फर्माया पर्दा करो
39:30तुम्हारी आखे तो खुली हुई है
39:32हजूर को इतबार नहीं था
39:34बस कर दे
39:36सबसे बड़ा जालिम वो है
39:38जो कहता है मुझे बेटी पर इतबार है
39:40वो जालिम है
39:42वो अपनी बेटी के साथ जुलम कर रहा है
39:44जो कहता है मुझे इतबार है
39:46कालेट जा रही है यूनिवेस्टी जा रही है
39:48अकेले आ जा रही है मुझे इतबार है
39:50यह जुलम कर रहा है बच्ची के साथ
39:52वो तो बच्ची है
39:54उसका तो जेन कमजोर है
39:56हो सकते साफ दिल हो
39:58लेकिन सामने जो शेटान
40:00ख़ुदा का खौफ करें
40:12हदलत उस्मा ने का नीकी जिंदगी
40:14हदलत उस्मान फर्माते है जो महरम और उर्टे थी
40:16उनकी तरभी आँक भरके नहीं देखा
40:18इसलिए कि
40:20वो खतून है मैं मर्द हूँ
40:22मेरी हया माले
40:24आज लोगों को शौक हो गया
40:26पिराने उजाम
40:28कहते है कि
40:30वो दर्वेशनियों के बीच बैठे हैं
40:32जी बाब बेटी होते हैं जी मुरीदनी और पीर
40:34मैंने कहा कोई नहीं होते है
40:36उस रिषने पर इसतदलाल है
40:38आला अजरत फर्माते है
40:40वाजब है परदा पीर और मुरीदनी का
40:42यह परदा वाजब है
40:44अगर कुछ शक्स इस तरह
40:46बेपरदबा बैठ लेगा बीच में बैठेगा
40:48तो उसका तो मुरीद होना वैसे ही हराम है
40:50जायिज ही नहीं है
40:52जो सारा दिन तवीज दागे के लिए बैठा रहे
40:54और बीबियों से गुफ्तगू करता रहे
40:56हजरति उस्माने गनी अधियल्लाह उताला लोग के जिन्दगी में
41:00जो बाते हमें बहुत ज़्यादा मिलती है
41:02उनमें नफासत है
41:04आपकी हया है सखावत
41:26कर्यार पर दुरूद
41:30अल्ला के शेर घर्दरे
41:32कर्यार पर दुरूद
41:36अल्ला के शेर घर्दरे
41:40कर्यार पर दुरूद
41:42हजरत हसन हुसैन के
41:46किर्दार पर दुरूद
41:50आपकी ज़्यादा मिलती है
41:54उनमें नफासत है
41:58आपकी हया है सखावत
42:02कर्यार पर दुरूद
42:06अल्ला के शेर घर्दरे
42:10कर्यार पर दुरूद
42:14हजरत हुसैन के
42:18किरदार पर दुरूद
42:22हजरत हुसैन के
42:26किरदार पर दुरूद
42:30हजरत हुसैन के
42:34किरदार पर दुरूद
42:38हजरत हुसैन के
42:42किरदार पर दुरूद
42:46हजरत हुसैन के
42:50किरदार पर दुरूद
42:54हजरत हुसैन के
42:58किरदार पर दुरूद
43:02हजरत हुसैन के
43:06किरदार पर दुरूद
43:10हजरत हुसैन के
43:14किरदार पर दुरूद
43:18हजरत हुसैन के
43:22किरदार पर दुरूद
43:26हजरत हुसैन के
43:30किरदार पर दुरूद
43:34हजरत हुसैन के
43:38किरदार पर दुरूद
43:42हजरत हुसैन के
43:46किरदार पर दुरूद
43:50हजरत हुसैन के
43:54किरदार पर दुरूद
43:58हजरत हुसैन के
44:02किरदार पर दुरूद
44:06हजरत हुसैन के
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