00:00एक अकेले शक्स ने अमेरिका जैसी सूपर पावर को दिन में ही तारे दिखा दिये।
00:05इसने 2013 में अमेरिका के 10 लाक से ज्यादा टॉप सीकरिट डौक्यूमेंट्स चुरा कर उनको दुनिया के सामने खोल कर रख दिया।
00:13और तब से लेकर पिछले 11 सालों से ये अमेरिका का मोस्ट वांटिएट ग्रिमिनल है।
00:19लेकिन अमेरिकन गवर्मेंट का इतना ज्यादा नुकसान करने के बावजूद आज दुनिया में इसको हीरो की नजर से देखा जाता है।
00:26लेकिन आखिर क्यूं? दुनिया की टॉप सीकरेट एजनसी के डॉक्यूमेंट से इसने कैसे चुराए, उनको क्यों लीक किया और इस सब के बाद भी ये अमेरिका की गिरिफ्ट से कैसे बचा हुआ है।
00:38जैम टीवी की वीडियो में एक बार फिर से खुशाम दीत।
00:41नाज़िन 6 जून 2013 की सुभा का सूरज अमेरिकन गवर्मेंट पर बहुत बड़ी मुसीबत लेकर आया।
00:48होता यूँ है कि दी गार्डियन और दी वाशिंग्टन पोस्ट पे खबरों की एक सीरीज पबलिश होती है
00:53जिसमें NSA यानि नैशनल सिक्योरिटी एजिनसी के टॉप सीकरिट डॉक्यूमेंट का कच्चा चट्टा मौझूद था।
01:00इन डॉक्यूमेंटने ना सिरिफ अमेरिकंज बलके पूरी दुनिया के मॉबाईल यूजर्स को हैरत में मप्तला कर दिया
01:06जब उनको ये मालूम पड़ा कि अमेरिकंग गवर्मेंट चुपके से हर मॉबाईल यूजर पर नजर रख रही है।
01:12इन डॉक्यूमेंट्स में NSA के सीकरेट प्रोग्राम प्रिजम को एकसा सीकरेट प्रोग्राम जो यूस गौवर्मेंट को गूगल, एपल और फेजबुक जैसी कंपनीज के जरीए पीछे के रास्ते से किसी भी यूजर के प्राइविट डेटा तक रसाई देता है।
01:27इसके एलावा उनके पास एक सीकरेट कोड औडर है जिसके जरीए वो करोडो वेराइजन कस्टमर्स का डेटा भी एकसास कर सकते हैं।
01:35वेराइजन अमेर्का में मॉबाइल ओपरेटर है जैसे इंडिया पाकिस्तान में एर्टेल और यूफोन।
01:41इसके बाद लीक किये गए डोकॉमेंट्स में प्रेजिडन्ट उबामा की तरफ से लिखा गया अठारा सफो का एक मेमो भी मौजूद था।
01:48जिसमें उबामा इंटेलिजन्स ओफिशल से बेरूने मुल्क टारगेट्स की लिस्ट मांग रहे हैं जिन पर साइबर अटैक करना है। और ये तो सिर्फ लीक डोकॉमेंट्स की शुरुवात थी।
01:59नेशनल चिकरोटी एजंसी ने हॉंकॉंग और चाइना की मिलिटरी के कम्प्यूटर्स हैक किये, एंजीला मार्केल का फोन टैप किया जो उस वक्त जर्मनी की चांसलर थी।
02:09ब्रितिश गवर्मन्ट कम्यूटिकेशन हेड़कॉर्टर्स जी सी एच्क्यू अपने शहरियों पर नजर रखने के लिए एक प्रोग्राम चला रहे थे।
02:16और लीक डोकॉमेंट्स में NSA और GCHQ की बातचीत सामने आई, जिसमें दोनों इदारे तरीके ढूंड रहे थे कैसे लोगों को दोका दिया जाये, प्रोपगंडा किया जाये और सोशल मीडिया के जरीए कैसे लोगों पर अपना अस्रो रसूख रखा जाये।
02:31शुरुआत में तो किसी को भी मालूब नहीं था कि ये डोकॉमेंट्स किस ने लीक किये और क्या ये वाकई सचे भी हैं या नहीं, क्योंकि न्यूज एजन्सीज अपनी खबर का सौर्स बताने की पाबंद नहीं होती।
02:43लेकिन इसके ठीक तीन दिनों के बाद एक शक्स सामने आता है जो इन टॉप सीकरेट डोकॉमेंट्स को लीक करने की जिम्मिदारी लेता है।
02:5129 एरस का एडवर्ट स्नोडिन जोके एक हाइ स्कूल ड्रॉप आउट था, उसने अपने केरियर की शुरुवात यूएस मिलिटरी से की, लेकिन एक साल के बाद वहाँ से डिस्चार्ज होकर, 2005 में मेरी लैंड युनिवर्स्टी का सेक्यॉरिटी गार्ड लगा।
03:06एडवर्ट स्नोडिन बेशक ही पढ़ाई में अच्छा नहीं था, लेकिन उसकी कम्प्यूटर स्किल्स इतनी मजबूत थी, कि C.I.A. ने उसको जॉब पर रख लिया।
03:14C.I.A. के साथ कुछ साल बिटाने के बाद, 2009 में अमेरिकन टेक चाइंट डेल ने उसको हायर कर लिया।
03:21डेल के पास उस वक्त नेशनल सिक्यॉरिटी एजन्सी के कम्प्यूटर सिस्टम्स को अपग्रेड करने का कॉंट्रेक्ट भी था, तबी उन्होंने एड़वर्ट को भी इसी प्रोजेक्ट पे लगा दिया।
03:31जहां पहले उसका रॉल सुपरवाइजर का था, बाद में वो साइबर इस्ट्रेटिजिस्ट बन गया।
03:36यहां तक तो एड़वर्ड सुनोडिन, सी आए और एनसे के लिए हीरे की मानन था, तो फिर आगे ऐसा क्या हुआ, जो उसको इन ही एजन्सी की तरफ से घददार कहा जाने लगा।
03:46असल में एड़वर्ड का साइबर इस्ट्रेटिजिस्ट से घददार बनने के पीछे एक वाक्या हुआ था। एनसे के कंप्रूटर्स ओपरेट और अपग्रेट करने के दुरान, एड़वर्ड को मालूम पड़ा कि नेशनल सेक्यॉरिटी एजन्सी के पास किसी भी मुबा
04:16इंटेलिजन्स के मुद्धे पर एक बहस चल रही थी।
04:19रॉन वाइडन, जोके एक अमेरिकन पॉलिटिशन है, उन्होंने भरी कॉंग्रिस में नेशनल सेक्यॉरिटी एजन्सी के डिरेक्टर जेम्स क्लैपर से एक सवाल किया
04:28कि आपकी एजन्सी अमेरिकनस का डेटा एकहटा करती है या नहीं।
04:32कॉंग्रिस का यह सेशन नेशनल टेलिविजन पर भी ब्रॉटकास्ट हुआ।
04:36जेम्स क्लैपर ने करूरों लोगों के सामने बोला कि नहीं हमारा काम सिर्फ फारण इंटेलिजन्स है।
04:42एड़वर्ट स्नोडिन उस वक्त टेलिविजन पे अपने डिरेक्टर को साफ साफ जूत बोलता देखकर हैरत में बढ़ गया।
04:49उसको इतना हुसा आया कि तीन दिनों के बाद उसने डेल की जॉब को छोड़ दिया जहां से वो सालाना दो लाख डॉलर्स कमा रहा था।
05:12एड़वर्ट ने हमारे सिस्टम से इतनी फाइल्स चुराई हैं कि उनका अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है क्योंकि उनकी दादाद 20 लाक से भी जादा हो सकती है।
05:23लेकिन एड़वर्ट ने ऐसा क्या किया जो वो टॉप सीकरेट एजन्सी की फाइल्स कॉपी कर गया वो भी किसी को भनक पड़े बघर।
05:31हैरानी की बात ये है कि इस काम के लिए उसने किसी पेचीदा हैकिंग टूल्स का इस्तमाल नहीं किया बलके ये सारा काम एक चोटी यूसपी ड्राइव से किया गया। पर आखिर कैसे?
05:43क्यूंकि नॉर्मल अफिसेज में ही डेटा चोरी हो जाने के डर से खास तोर पर यूसपी ड्राइव पर पाबंदी होती है। दूसरा ये कि किसी भी कमपनी के सिस्टम में जहां कॉंफिडेंशल डेटा होता है वहां हर एम्प्लॉई के पास डेटा एकसेस करने की अथौर
06:13एनेसे के प्रोजेक्ट के लिए हायर किया गया था इसी वज़ा से उसको हवाई में एनेसे के मेरी लेंड हेड़कॉर्टर्ज से पांच हजार मील दूर रखा गया था।
06:23हवाई मेरी लेंड से 6 गंटे पीछे है जिसका मतलब कि जब एड़वर्ड अपने हवाई आफिस में काम करता उस वक्त तक एनेसे के हेड़कॉर्टर्ज में सब चले जाते थे।
06:33दूसरा फाइदा ये था कि उसको एनेसे हेड़कॉर्टर्ज के सर्वर्ज तक थिन क्लाइन्ड सिस्टम के जरीए रसाई हासल थी जो के असल में आउट डेटट था।
06:42तीसरा फाइदा ये कि एड़वर्ड खुद वहाँ सिस्टम एड्मिनिस्टेटर था यानि उसकी प्रोफाइल की हाई सिक्योरिटी केलिरेंस थी जिससे उसके पास ज्यादा राइट्स थे।
06:52यानि वो बिना नजरों में आए किसी भी सिस्टम से डेटा कॉपी कर सकता था।
06:57बस इसी चीज़ का फाइदा एड़वर्ड सुनोडन ने उठाया और बिना नोटिस हुए 5000 मील दूर से ही 20 लाक से ज्यादा फाइल्स कॉपी कर ली।
07:06हवाई आफिस में सिर्फ चार हफ़ते काम करने के बाद एड़वर्ड ने NSA के कर्तूत दुनिया के सामने लाने का फैसला किया।
07:14उसने तमाम डोक्यूमेंट्स यूस बी ड्राइव में कॉपी किये बड़ी चलाकी से वो ड्राइव सेक्यॉरिटी गार्ड से चुपा कर बाहर निकला और बिमारी का बहाना बना कर छुट्टी कर ली।
07:24उसने अपना नंबर आफ़ किया और सीधा हवाई से हौंकॉंग चला गया। लेकिन जब अगले कई दिनों तक वो वापस नहीं आया और ना ही उसका नंबर लग रहा था तो NSA को शक हुआ और वो उसको ढूंडने में लग गये।
07:38हौंकॉंग पहुँच कर वो कुछ बहुसे वाले जर्नलिस्ट से मिला, उनको डॉकिमेंट्स दिये और फिर वोही डॉकिमेंट्स अगले दिन दुनिया की हेडलाइन्स बन गये।
07:47एड़वर्ड सुनोडिन के लीक की एगरे डॉकिमेंट्स ने दुनिया भर में NSA की सीकरेट पावर्स पर एक नई बहस छेड़ दी।
07:54इस पर सरकारी प्रॉपर्टी की चोरी, नैशनल सिक्योरिटी के सिस्टम्स में बगएर इजाजत खुसने और टॉप सीकरेट इंफॉरमेशन को अन ओथराइज्ड लोगों तक पहुंचाने का इल्जाम आयद किया गया।
08:06साथ ही अमेरिकन कवर्मेंट ने हॉंकॉंग से मतालबा किया कि एड़वर्ट को हमारे हवाले किया जाए। लेकिन वो भी अपना हर कदम पहले से प्लैन करके बैटा था। तब तक वो जहाज पकड़कर रशिया चला गया जहाँ शुरू में उसको असाइलम मिला और फिर स
08:36टूल का जिकर किया जो हमारे फ़ोन के माइकरोफोन का एकसेस सिक्यॉरिटी एजन्सीज को देता है जिससे वो आसपास की आवाजें बिना किसी रुकावट के सुन सकते हैं।
08:46कुछ लोग एड़वर्ट स्नोडिन को घत्दार समझते हैं जब के कुछ का मानना है कि वो एक हीरो है जिसने एनसे का असल चहरा दुनिया के सामने बे निकाब किया।
08:56इस बारे में आपकी क्या राय है मुझे कॉमेंट सेक्षन में ज़रूर बताइएगा।
09:00उमीद है जम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेर करेंगे। आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट का बेहद शुक्रिया। मिलते हैं अगली शांदार वीडियो में।
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