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2024 के पहले ऐसी तो नही थी Jaya, आखिर Amitabh के नाम से अब क्यों हो रही नाराज ? | Explainer

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नमस्कार
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Transcript
00:00राजसभा में जया बच्चन उरुपराश्पति के बीच अभी हाली में ख़त्मु ही सत्र खे दौरान खुब बह्यस हुय।
00:10सुक्रुवार 9 अगस्त को भी जया बच्चन सभा पती के बीच भहेस हुई.
00:13सभापती ने उने जया अमिता बच्चन कहे कर संबोदित किया था
00:16जिसपर जया बच्छन भड़क गई
00:17सदन में सभापती yo Tough सभापती सदस्यों को उनके
00:20उसी नाम से संबोदिताये हैं
00:22जो नाम उनहोंने दर्ज कराया होगा
00:24अगर किसी सदस को अपने नाम में परिवर्तन कराना है तो उसके लिए एक अलग निर्धारित प्रक्रिया है
00:30जिसे हर सदसे को अपना नाम परिवर्तन करवाते समय पूरा करना होता है
00:34हाला कि जैबचन ने ऐसा कुछ नहीं किया
00:37सभापति जैबचन के भढ़कने और उनके कुतर्क से इतने आहत हुए कि सदन छोड़कर चले गए
00:42जैबचन एक सेलिबरिटी है और काफी लंबे समय से राजसभाँ में है
00:46जैबचन का इस तरह भढ़कना पूरे देश में चर्चा का विशय वना हुआ है
00:49हर तरफ लोग यहीं बात कर रहे हैं कि आखिर जैबचन अमिताबचन का नाम उनके साथ जोड़ने पर इतना क्यों भढ़क रही है
00:55आज के इस एक्स्प्लेनर में हम इसी विशय पर चर्चा करेंगे
00:59नमस्कार मेरा नाम है मारतन सिंग और आप देख रहे हैं डेली लाइन
01:06नौ अगस्त को जब राज्य सभा के सभापती जगदीप धंगर ने जैबचन को उनके पूरे नाम यानि की जैया अमिताबचन कहा तो वे पूरी तरीके से भढ़क रही है
01:17और बोली की आपकी टोन ब्यंगातमक है और मैं एक अगनेतरी हूँ और ब्यक्ती की बॉड़ी लेंग्वेज़ समस्ती हूँ मैं और आप दोनों कुलीग हैं इस तरह की भाषा आपको शोभा नहीं देती
01:28अब चुकी जैया बचन महराज से है इसलिए उन्होंने अपने नाम के साथ पती का नाम राजसभाब सेचिवाले में दर्ज कराया था
01:34इसलिए राजसभाब के चेरमेन के आसन पर बैटने वाला उनका वही नाम बोलेगा जो वहाँ दर्ज है
01:40लेकिन जैया बचन अपने नाम से भड़कने लगी है अभी 29 जुलाई को जब राजसभाब के उपसवपती हरिवन्स ने उन्हें जैया अमिता बचन कहा तब भी उन्होंने हंगामा किया
01:50जैया बचन ने अपने नाम के साथ पती का नाम जोड़े जाने पर इस्तिरी अस्मिता पर सवाल उठा दिया लेकिन उन्होंने 2024 के पहले कभी अमिता बचन का नाम अपने साथ जोड़े जाने पर एतराज नहीं किया जब कि वे 2004 से राजसभाब में हैं
02:03यूभी भारत के कई छेतरों में अपने नाम के साथ पती का नाम लगाने का चलन है
02:07महरास और गुजरात में इस्तिरीयों का नाम शादी के बाद बदल जाता है और वे पती का सरनेम तथा उसका फ़स्नेम अपने फ़स्नेम के साथ जोड़ती हैं
02:15इसी तरह लड़कों के नाम के आगे पिता का नाम और पुरुष परंपरा से चली आ रही उब जाती को जोड़ा जाता है
02:21जैसे महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहन दास करमचंद गांधी था
02:24यहाँ करमचंद उनके पिता का नाम था और गांधी उनका सरनेम
02:28उन्होंने सदेव अपने दस्तकत इमके गांधी नाम से ही किये
02:31मौझूदा प्रधान मंतरी का पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोधी है
02:35यह एक समाने बेवहार है इस तरह लिखा पढ़ी में महिलाईं भी वहां पती का नाम दर्ज कराती है
02:40भले ही वे आम बेवहार में उनके पहले नाम से मुलाई जाएं
02:44यहां तक कि जो महराष्ट अत्वा गुजरात के परिवार उत्रप्रदेश, मध्यप्रदेश या बंगाल में बसे हैं
02:49वे भी इसी परंपरा का पालान करते हैं
02:51कलकाता के पोलक स्ट्रीट या भैवानीपूर में यह देखा जा सकता है
02:55मम्ता वेनर्जी की तुरिमूल कॉंग्रेस के बड़े नेता और पूर्व रेल मंतरी दिनेश त्रिवेदी कोलकाता में बसे गुजराती थे
03:01उनका मुल नाम दिनेश हिरालाल त्रिवेदी था
03:04इसी तरह महराश के परिवार भी अपनी परंपराव का पालन करते हैं
03:07जहांसी की राणी लश्मिवाई का जन बराणसी में हुआ और उनका मुल नाम मडी करणी का तामबे था
03:12परंतो उनकी शादी जब जहांसी के राजा गंगाधर राव से हुई तो उनका नाम लश्मिवाई कर दिया गया
03:17उनकर लिखी गई सभी इतिहास की पुस्तकों में भी यही नाम मिलता है
03:21इसके विपरीत बिंधे के इधर के भारत में पुरुष लोग ना तो पिता का नाम अपने नाम के साथ लगाते हैं
03:27ना इस्तिरिया अपने नाम के आगे पती का नाम लगाती हैं
03:29उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और आस्थान में भी ना इस्तिरिया पती का नाम अपने नाम के आगे लगाती हैं और ना ही पुरुष पिता का नाम
03:35लेकिन पश्यमी उत्तर प्रदेश, हरियाना, राजस्थान और पंजाब में इस्तिरिया अपने नाम के आगे कौर लिखती हैं
03:41राजस्थान में जाड के आगे इस्तिरिया पती का उपनाम लगाती हैं
03:45पंजाब, हरियाना में पुरुष कहीं कहीं अपने नाम के आगे गाउं का नाम लगाते हैं जैसे प्रकाश सिंग, बादल आदी
03:50यह परामपरायत प्रचीन लोक वेवहार में थी और अब आज समाज बदल रहा है तो उतर भारत में भी इस्तिरिया अपने पती का नाम अपने नाम के साथ लगाने लगी हैं
03:58कहीं कहीं तो वो अपने पिता और पती का सरनेम लिखती हैं
04:02बहुत आयत में मिलते हैं कुछ इस्तिरियों के नाम पंखुडी बिराज यासे भी मिल जाएंगे
04:07यहाँ पंखुडी इस्तिरी का नाम है और बिराज उनके पती का नाम होता है
04:10लेकिन यह अपवाद ही है और शायद पती के प्रती अतिषे प्रेम में उन्होंने ऐसे नाम लगाने शुरू किये हों
04:16अन्यथा इस तरह के नाम उत्तर भारत में अभी तक काउमन नहीं रहें
04:20इस तरह के नामों में सवंस्या तब आती है जब पती पत्नी के बीच तलाख हो जाए
04:24सम्पूर्ण दक्षिन भारत में नाम लगाने की प्रता बहुत जटील है
04:28वहाँ पुरुष अपने नाम के साथ पिता और दादा का नाम तो लगाते ही है अपने गाउं का नाम भी लगाते है
04:32यह चलन अब घट रहा है किन्टू जारी है
04:35देश के एक पुरु प्रधानमंत्री देवगडव का पूरा नाम हर्धनली दोडडागवड़ा देवगवड़ा था
04:41आंध्रा के मुख्यमंत्री रहे NTR का पूरा नाम नंदमूरी तारक रामा राव था
04:45तमिलनाडू के पुरु मुख्यमंत्री MGR का पूरा नाम मरुदूर गोपालन राम चंद्रन था
04:50इसी तरह M. करुणानिधी का पूरा नाम मुत्तुवेल करुणानिधी था
04:55उनके बेटे और तमिलनाडू के मुझुदा मुख्यमंत्री M.K. स्टालिन का नाम मुत्तुवेल करुणानिधी स्टालिन है
05:01उन्होंना अपने पिता और दादा का नाम अपने नाम के पूर्व लिखा है
05:04जबकि उनके बेटे उदेनिधी स्टालिन ने पिता का नाम बाद में लिखा है
05:07यही परंपरा केरल में भी है
05:09हाला कि जया बचन अमिता बचन का नाम जोड़ने पर इतना क्रोधित हो गई कि उन्होंने उपराश्पती को कुलीग तक बता दिया
05:15अपने क्रोध के रौम में जया बचन इतना भी नहीं समझ पाई कि राजसभा का सभापती उपराश्पती होता है इसलिए वे कलीग नहीं हो सकते
05:23वे राजसभा के सदस्य नहीं होते हैं उनका चुनाव एक अलग परंपरा के तहत होता है
05:28लोगसभा के स्पीकर और लोगसभा के सदस्य परसपर करलीग हैं बराबरी का उनको दरजा है परन्तु राजसभा के उपसभापती के दरजा उपर है
05:36पिसले 20 वरसों में राजसभा के सदस जयबचन को भारत की इस विवित्ता और संबयधानीक पदों की गरीमा की जानकारी होनी चाहिए
05:43समभव है कि उनका अपना पती से कोई मत भेद हो और अब वे अपने नाम के साथ उनके नाम को ना जोड़ना चाहती हो तो उन्हें अपने नाम में परिवर्तन के लिए राजसभा सचिवाले को उचित तरीके से सूचना देनी चाहिए
05:53इस तरह से तो वो सदन के काम में बेवधान डाल रही है राजसभाल से विपक्ष तो वैसे ही वाक आउट कर रहा था ऐसे में जय बच्चन का मामला इससे जोड़ दिया गया
06:00हला कि वाक आउट भाजपा के सदस गंशाम तिवारी द्वारा विपक्ष के निता के बारे में किसी तिपनी को ले कर था इसमें जय बच्चन का मामला भी जुड़ गया जय बच्चन का इस तरह भढ़कना उनकी पार्टी को मुसीवत में भी डाल रहा है
06:10जल्दी हरियाना में विदान सभा का चुनाव है वहाँ की लड़ाई जाट बनाम गैर जाट है जाट समुदाई भाजपा से नाराज बताया जाता है इसलिए लोक सभा चुनाव में वहाँ भाजपा को करारी शिकस्त हुई उसे 10 में से मातर 5 सीटे मिली जब कि 2019 में सारी सी
06:40चेत्र की ही है यानि की हरियाना की आज के बीडियो में फिलहाल इतना ही आप फॉलोग करते रहे हैं हमारे डिजिनल प्रेटफॉर्म डेली लाइब
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