00:00भारत के पलोसी मुल्क बंगला देश में हिंसट प्रदर्शनों के बीच सोंवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना को अचानक पत से इस्तिफा देकर देश चोड़ना पड़ा.
00:12वहां के सेना प्रमुख वकर उज्जमान ने घोशना की है कि देश में नई अंतरिम सरकार बनाई जाएगी, हसीना को हटाने के लिए आंदोलन करने वाले चात्र गूट ने भी इसको मंजूरी देदी है.
00:22वहीं दूसरी तरफ सेख हसीना की धूर बिरोधी खालीजा जिया को रिहा कर दिया गया है, जबकि सेख हसीना अपनी बेहन सेख रिहाना के साथ फिलाल भारत में हिंडन के सेफ हाॉस में है.
00:32यह सायोग ही है करीब 50 साल पहले भी बंगलादेश में सेन तक्ता पलट होने के बाद ये दोनों बेहने भारत आई थी. तब सेख हसीना ने दिली के लाजपत नगर में 6 साल तक गुब्चुब तरीके से पनाली थी.
00:44चली आज किस explainer में जानते हैं उस किस्से के बारे में और जानेंगे कि आखेर उस समय सेख हसीना कहा रहा करती थी और किसने उनकी मदद की थी.
00:57नमस्कार मेरा नाम है मारतन सिंग और आप देख रहे हैं Daily Line.
01:01बंगला देश की लोह महिला कही जाने वाली शेख हसीना इस मुलक के संस्थापक शेख मजीबूर रह्मान की बेटी हैं.
01:08लगतार चार बार प्रधानमंतिरी रहीं हसीना का यह पांचवा कारेकाल था लेकिन देश की राजनीती को अर्श पर पहुंचाने से पहले उन्होंने कई मुश्पिलों का सामना किया.
01:16पश्यमी पाकिस्तान जिसे बरतमान में पाकिस्तान कहा जाता है कि रवये से बड़ते और संतोस के बीच पूर्वी पाकिस्तान के नेता शेख मजीबूर रह्मान ने आवामी लीग नाम से पार्टी बनाई थी.
01:26उनिस्सो सट्र के चुनाव में उनकी पार्टी भारी मतोस से जीती लेकिन पश्यमी पाकिस्तान ने उल्टा से एक मुझीब को जेल में डाल दिया. उसी साल 26 मार्च को मजीबूर रह्मान ने बंगलादेश को अजाद धोशित कर दिया इसी के साथ सुरूवा बंगलादे�
01:56लेकिन उनका पहला कारेकाल पुरा भी नहीं हुआ था कि देश की सेना ने बगावत कर दी.
02:0015 गश 1975 की सुबह को कुछ हतियार बंद लडा के सेख हसीना के घर में घुसे और उनके माता, पिता और भाईयों समेथ परिवार के सत्र सदस्यों को मोट के घार के उतार दिया.
02:26क्योंकि उनके पिता को बंगलादेश में काफी सम्मान हासिल था. लेकिन बाद में उन्होंने भारत में सरण लेने का फैसला किया.
02:322022 में दिये गए अपने इंटरव्यू में, बंगलादेश की सेख हसीना ने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि इंद्रा गांधी ने तुरंथ हमें सूचना भेजी कि वो हमें सुरक्षा और आश्रे देना चाहती हैं. हमने यहां, यानि कि दिली आने का फैसला किया, ल
03:02दिली में हसीना पहले 56 रिंग रोड, लाजपत नगर टीम में रही, फिर लुटियंफ दिली के पंडारा रोड में एक घर में सिफ्ट हो गई. परिवार की असली पहचान छिपाने के लिए उन्हें मिस्टर और मिसेस मजुंगार की नई पहचान दे गई. पंडारा रोड
03:32को किसी को अपनी असली पहचान बताने की मना ही थी, साथ ही दिली में किसी से संपर्क करने के लिए भी मना किया गया था.
03:38भारत में उनके रहने से ना केवल उनकी सुरच्छा सुनिष्चित हुई, बलकि उन्हें राजनितीक संबंद मनाने का मौका भी मिला, जो बाद में उनके पॉलिटिकल करियर में बहुत ही महतुपून सावित हुआ.
03:46भारत में छे साल रहने के बाद सत्रम में 1981 को शेख हसीना अपने वतन बंगलादेश लोट गई. उनके समर्थन में लाखो लोग एरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उन्हें काफी मुश्किलों का उसके बाद भी सामना करना पड़ा.
03:58ब्रश्टाचार के आरोप में कारवास सहीत कई चिनोतियों का सामना करने के बाद सेख हसीना आखेर कर 1996 में सत्ता में आई और पहली बार बंगलादेश की प्रधान मंत्री बली.
04:07इसके बाद 2001 का चुनाव वो हार गई, लेकिन 2009 में जब वो बंगलादेश की PM बनी, तब से अब तक लगातार उनकी ही सरकार देश में रही.
04:14अब खालिदा जिया रिहा हो गई हैं और सेख हसीना देश छोड़ चुकी हैं, तो ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि क्या दोनों नेटाओं के बीच हमेशा से ही सिर्फ बिरोध ही रहा है.
04:23खालिदा जिया मार्च 1991 से मार्च 1996 और दुबारा जुन 2001 में बंगलादेश की प्रधान मंत्री बनी.
04:29बंगलादेश के पहले शेहनताना साह जिया उर्रह्मान की पतनी जब 1991 पहली बार सत्ता में आई, तो उनके उपर सेख हसीना की आवामी लीग के खिलाफ राजनितिक प्रतिशोत के चलते कारवाई करने का आरूप लगा.
04:40बाद में जब हसीना की सरकार आई, तो उनके पार्टी यानि BNP के उपर भी ऐसी ही कारवाई के आरूप लगे. इस लड़ाई में आखिर जिया को जेल जाना पड़ा, लेकिन यह हमेशा से नहीं था.
04:50एक समय ऐसा था जब दोनों बेगोंमन ने एक साथ होकर बंगलादेश की एक दूसरे स्रेन तानासाह मुहमद इरसाथ के खिलाफ लड़ाई लडी थी. सेख हसीना और खालीदा जिया दोनों राजनितिक राजघाराने से हैं और बंगलादेश की आजाधी में अंधलोन की �
05:20अंधलोन की हत्या कर दी गई. इस हत्या कांड को सेन अफसरों ने अंजाम दिया था, जिसमें सेख मुझीब के साथ उनकी पतनी और तीम बेटे भी मारे गए थे.
05:28केवल सेख हसीना और उनकी बेहन सेख रिहाना ही बची, जो उस समय देश के बाहर रह रही थी जैसा की हमने उपर बताया है.
05:33खालीदा जिया के पती जिया उरहमान एक प्रमुक मिलिटरी कमांडर और आजाधी संग्राम के हीरो थे.
05:39सेख मुझीब की हत्या के बाद उन्होंने देश का सासन समहला और वे 1977 में राषपती बने और 4 साल बाद 1981 में उनकी भी सैने तक तापलट में हत्या कर दी गई.
05:48इसके बाद बंगलादेश के सैने प्रमुक मुहमद इरसाद ने देश की सत्ता पर कभजा कर लिया.
05:52इरसाद को हटाने के लिए हसीना और जीया दोनों एक साथ आईं और जीत भी हासिल की.
05:56लेकिन इरसाद को हटने के बाद वो एक दूसरे के खिलाप भी हो गई. और तब से आज तक दोनों एक दूसरे के खिलाप ही हैं.
06:03आज के वीडियो में फिलाल इतना ही आप पॉलोग करते रहे हैं हमारे डिजिजितल प्लेटफॉर्म डेली लाइन को.
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