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Flying Cars sound like a futuristic technology that we can only imagine in our dreams. But one company from Slovakia has actually done it. A company named Klein Vision has made its flying car "AirCar", and it has also been issued the certificate of airworthiness. But what is the history of Flying Cars? Are they really a thing of the future? How does this technology work? What are the problems with it? and most importantly, do we even need flying cars? Watch this video to know.
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00:00Namaskar, दोस्तों!
00:01आज से 60-70 साल पहले, जब लोगों से पूछा जाता था
00:04कि imagine करो, साल 2020 कैसा दिखेगा?
00:07लोग सोचते थे बड़े ही futuristic दिखने वाले शेहर होंगी.
00:11हमारे पास hoverboards होंगी.
00:12आस्मान में गाडियां उड़ रही होंगी.
00:15flying cars एक हकीकत बन चुकी होगी.
00:18लेकिन unfortunately, ऐसा कुछ हुआ नहीं.
00:20आज के दिन की असलियत कुछ ऐसी है
00:22और लोग imagine करते थे कि साल 2020 ऐसा दिखेगा.
00:26लेकिन जानते हों क्या, दोस्तों?
00:27कम से कम flying car एक ऐसी चीज़ है
00:29जो धीरे-धीरे हकीकत बनती जा रही है.
00:31आज साल 2022 में, सुलुवाकिया में
00:35एक company ने successfully एक actual flying car को test out कर लिया है.
00:40तो ये कोई future का सपना नहीं, बलकि आज की हकीकत है.
00:43आये समझते हैं इस technology को आज के इस वीडियो में.
01:00एक एरो प्लेइन जो पर पर पर पर चल सकता था, और पर पर पर पर पर पर चल सकता था,
01:05सुनकर ऐसा लगता है दोस्तों कि flying car एक बड़ी ही futuristic शीजीज है.
01:09लेकिन असलियत में इसको बनाने की कोशिश,
01:12लोगों ने आज से 100 साल पहले से ही शुरू कर दी थी.
01:15साल 1917 में कहा जाता है, पहली कोशिश करी गई थी एक flying car बनाने की.
01:20या फिर एक roadable aircraft बनाने की,
01:23एक एसा एरो प्लेइन जो road पर भी चल सकता हूँ.
01:26इसे नाम दिया गया था, auto plane.
01:28Glenn Curtis नाम के एक इंसान ने ये चीज बनाई थी.
01:31इसे उस समय में limousine of the year भी कहा जाता था.
01:34लेकिन क्या ये flying car असली में उड़ पाई थी?
01:37कहा जाता है, कि जब इसे उडाने की कोशिश करी गई थी,
01:39ये ground से थोड़ा lift off हो गई थी.
01:41लेकिन unfortunately, कभी properly fly नहीं कर पाई थी.
01:44तो ये auto plane एक failure रहा था.
01:47इसके बाद आते हम साल 1933 में,
01:49जब US के Air Commerce Bureau ने competition conduct किया,
01:52the Flyver competition नाम से.
01:54इन्होंने challenge किया लोगों को,
01:55कि कोई एक ऐसा aeroplane का design बना कर दिखा दे,
01:58जिसकी cost 700 डॉलर से कम की पड़ेगी.
02:01कई models बनाये गई इस competition में,
02:03उनमें से एक model था,
02:04the Aerobile.
02:05Waldo Waterman नाम के आदमी ने बनाया था.
02:08एक गाड़ी जैसे दिखने वाला एक aeroplane था,
02:10जो actually मैं उड़ पाया था,
02:12लेकिन कभी production में नहीं जा पाया,
02:14क्योंकि उस वक्ष्ट great depression का time था.
02:16तो पैसे नहीं मिल पाया इसे fund करने के लिए,
02:18इसको produce करने के लिए.
02:20लेकिन एक पहला proper successful attempt जैसे आप कह सकते हो,
02:23वो हुआ 1945 में.
02:24जब American inventor Robert Edison Fulton ने
02:28Air Fibian नाम का ये aeroplane बनाया.
02:30ये दिखने में proper aeroplane जैसे सही लगता है,
02:32बस फर्क ही है कि इसका आगे का part
02:34detach हो सकता था.
02:35करीब 5 मिनित का समय लगता था
02:37इस aeroplane को car में बदलने में.
02:39और जो car थी,
02:40वो actually मैं aeroplane का front part के हिस्से जैसे दिखती थी.
02:43अपने time के लिए ये Air Fibian एक बहुत ही innovative चीज थी.
02:46और इसे flight certification भी मिल गया था.
02:48Civil Aviation Authority से.
02:50लेकिन problem ये थी,
02:51यहाँ पर compromise करने की वज़ेसे.
02:53ये ना तो एक अच्छा aeroplane था,
02:55जो aeroplane जैसे level तक बाकी aeroplane से compete कर पाए,
02:59और ना ही ये एक अच्छी गाड़ी थी,
03:01जो बाकी गाड़ियों से compete कर पाए.
03:03दिखने में ही ये गाड़ी जब बनती तो इतनी अजीब हो जाती.
03:06उपर से 1945 में World War II की वज़ेसे financial problems आई
03:09और इस company को investors नहीं मिल पाए इस flying car के लिए.
03:13लेकिन फिर आई, Ponv Air Car.
03:15Industrial designer Henry Dreyfus का ये attempt 1947 का.
03:19अब ये चीज़ दिखने में ऐसा लगता था,
03:21कि ये गाड़ी है जिसकी उपर aeroplane चिपका दिया गया हो.
03:24Air Fibian कम से कम दिखने में पूरा aeroplane लगता था,
03:27ये ऐसा लगता है कि ये गाड़ी गलती से चिपक गई हो एरोपलेन के उपर
03:30और उसके साथ उड़ गई हो.
03:32इसे भी 5 मिनट का समय लगता था,
03:33convert करने में, aeroplane से car में.
03:35और इसका मतलब ये था convert करने का
03:37ये जो aeroplane वाला हिस्सा है, उसे detatch करके side में रख दिया जाता था
03:41और फिर इसे गाड़ी की तरह इस्तिमाल किया जा सकता था.
03:43अपने टाइम के लिए ये idea भी अच्छा था,
03:45लेकिन अपनी तीसरी test flight में,
03:47ये conv air car, crash हो गई.
03:49टाइलेट ने meter पे reading देखी,
03:51कि यहां तो बहुत petrol बचा है, गाड़ी में मैं उड़ते रहता हूं,
03:53लेकिन गाड़ी में बहुत petrol था,
03:55aeroplane वाले हिस्से में बहुत कम petrol था,
03:57जिसकी वज़े से एक crash हो गया, unfortunately.
03:59इस crash के बाद लोगों का confidence
04:01हो गया इससे, और investors भी पीछे हट गए.
04:03इन सारे attempts में दिक्कत यह थी,
04:05कि यहां पर एक गाड़ी है, यहां पर एक aeroplane है,
04:07दोनों को ऐसे के ऐसे कम्बाइन करने की कोशिश करी जा रही थी.
04:09सही माइनों में flying car वही होगी,
04:11जो actually में
04:13transform हो पाए aeroplane से गाड़ी में.
04:15यह ना हो कि दोनों चीज़ों को कम्बाइन कर दिया,
04:17जब गाड़ी को इस्तिमाल करना हुआ,
04:19तो aeroplane वाला हिस्सा बाहर निकाल गया,
04:21साइड में रख दिया.
04:23तो मॉल्टन टेलर पहले आदमी थे, जिन्हों ने सोचा कि
04:25मैं एर फीबियन के डिजाइन पर काम करता हूँ,
04:27लेकिन जो wings हैं aeroplane के,
04:29मैं उन्हें foldable बना दिता हूँ.
04:31तकि जब गाड़ी की तरह इससे इस्तिमाल करना हूँ,
04:33तब wings को actually में fold करके,
04:35बस गाड़ी के पीछे एक जगह रख दिया जा सके.
04:37इस 20 साल 1949 में इसे कहा गया
04:39Taylor's Aerocar.
04:41इन्हें certification भी मिल गया,
04:43इन्हें mass production का approval भी मिल गया,
04:45लेकिन दिक्कत यह थी कम से कम 500 advance orders चाहिए थे
04:47इस चीज के जिस से पहले कि
04:49इसकी mass production शुरू हो पाती.
04:51और इतने लोग ही नहीं थे,
04:53जो इस चीज में इतने interested थे,
04:55इसलिए उस deal को खतम कर दिया गया.
04:57एक time पर Ford company भी काफी करीब आ चुकी थी,
04:59इस Taylor's Aerocar को खरिदने के.
05:01लेकिन वो deal भी
05:03finalize नहीं हो पाई.
05:05यहाँ पर पैसे की तो एक कमी थी ही,
05:07लेकिन उससे भी ज्यादा बड़ी problem शायद यहाँ पर थी,
05:09technological advancement की.
05:26वो कमाल के ही हैं.
05:27वो सही माइनों में,
05:28futuristicic हैं.
05:29October 2021 में,
05:31एक Swedish company,
05:32Jetson Aero नाम से,
05:33उन्होंने अपना Jetson 1 जहाज,
05:35दुनिया के सामने लाकर रखे.
05:44जैसा आप देख सकते हो,
05:45यह दिखने में गाडी जैसा तो बिल्कुल नहीं है,
05:47बल्कि इसे एक extra large drone कहा जा सकता है,
05:50क्योंकि उड़ने में यह बिल्कुल एक drone जैसा है,
05:52जिसके अंदर एक आदमी बैठता है,
05:54और उसे pilot की तरहे उड़ाता है.
05:57यह एक single seater vehicle है,
05:59सिर्फ एक ही आदमी बैठ सकता है इसके अंदर.
06:01और इस पर इन्होंने काम करना शुरू किया था,
06:032017 से.
06:04पहला prototype, January 2018 में ready हो गया था,
06:07और उसकी पहली successful flight भी हो गयी थी.
06:09लेकिन इन्होने अपनी company को introduce किया,
06:12और अपने second generation prototype को अब दिखाया दुनिया के सामने,
06:16सिर्फ October 2021 में.
06:17इसकी खास बात, इसका design है,
06:19एक helicopter को तो फिर भी एक helipad चाहिए होता है उड़ने के लिए,
06:22लेकिन ये इतना compact है, इतना चोटा है,
06:25कि ये आपकी घर की छट पर भी land कर सकता है,
06:27और आपके पढोस वाले garden से भी take off कर सकता है.
06:30वजन कम रखने के लिए,
06:31पूरा aluminium का बनाया गया इसका frame है,
06:34टोटल में सिरफ 86 kg का इसका वेट है,
06:37बहुत ही अलका है,
06:38और जो इनसान इसमें बैठा है, वो 95 kg सकता हो सकता है.
06:41सबसे interesting चीज़ शायद ये है,
06:43कि आपको इसको उड़ाने के लिए,
06:44कोई pilots license की जरुवत नहीं है,
06:46क्युकि US के laws के according,
06:49एक home built single seater aircraft के लिए.
06:52ये एक ऐसा aircraft है,
06:53जो single seater है,
06:54सिर्फ एक इंसान इसमें बैठ सकता है,
06:56और ये home built है,
06:57क्युकि अगर आप इसे खरीदोगे,
06:59तो सिरफ 50% assembled हुआ आपको ये मिलता है,
07:02आप जहां भी इसे order कराओगे दुनिया में,
07:05इस तरीके से कि आपको इसे खोलने के बाद,
07:08खुद से assemble करना पड़ता है,
07:10तो ये home built की category में आ गया है,
07:12इससे company का legal जनजट भी कम हो जाता है,
07:14क्युकि अब company responsible नहीं होगी,
07:16अगर कोई accident हो रहा है तो,
07:18क्युकि ये आपने खुद से बनाया है,
07:19Jetson 1 सही माइनों में, एक बहुत ही futuristic सी चीज है,
07:22लेकिन इसका practical इस्तिमाल ज्यादा नहीं किया जा सकता,
07:25क्युकि आप इसे रात में नहीं उड़ा सकते,
07:26city traffic के उपर नहीं उड़ा सकते,
07:28ये सारी restricted air space है,
07:30और आम तोर पे,
07:31एक camera वाले drone को ही उड़ाना इतना मुश्किल होता है आज के दिन,
07:34तो इसके लिए permission मिलनी तो,
07:36बहुत ही मुश्किल चीज है,
07:37लेकिन इनके जो co-founder है,
07:38Peter Tenstrom,
07:39उन्होंने कहा है,
07:40कि ये कोई,
07:41बड़ी problem solve करने की नहीं देख रहे हैं दुनिया में,
07:43ये बस इसे as a fun activity,
07:45promote कर रहे हैं,
07:46इसे उड़ाने में बड़ा मज़ा आता है, ये कहते हैं.
07:48Jetson जो company का नाम है,
07:50वैसे भी आप guess कर सकते हो,
07:51कहां से लिया गया है,
07:52Jetson एक काफी पुराना cartoon आया करता था,
07:54अगर आपको याद हो,
07:55और उसमें वो जो Jetsons family,
07:57अपना futuristic सा,
07:59अपना aircraft इस्तिमाल करती थी,
08:01ट्रैवल करने के लिए,
08:02वो बिल्कुल ही इस तरीके से दिखता था,
08:04तो इन्होंने उस design को copy करने की कोशिश करी है,
08:07उससे inspiration लेने की कोशिश करी है.
08:09तो ये Jetson 1,
08:10एक proper flying car,
08:11इसे नहीं कहा जा सकता,
08:12क्योंकि ये सडको पर नहीं चल सकती ये चीज.
08:14लेकिन एक दूसरी company है,
08:15स्लुवाकिया में,
08:16जिन्नोंने पिछले महिने,
08:17अपनी air car को,
08:18दुनिया के सामने लाकर रखा,
08:20जो सही माइनों में,
08:21एक flying car है.
08:23एक चीज बड़ी clear है,
08:24तो दोस्तों की एसी technology बनाने के लिए,
08:26हमें सही माइनों में,
08:27skillful engineers,
08:28और भयंकर innovation की ज़रूरत है.
08:30Unfortunately,
08:31इस level की innovative चीजे,
08:33बहुत कम दिखाई पड़ती है,
08:35इंडिया जैसे देशों में.
08:36इसके पीछे एक बड़ा कारण ये है,
08:37कि इंडिया में धेर सारे engineers,
08:54पिछले महीने स्लोवाकिया की जो transport authority है,
09:04उन्होंने इसे clearance भी दे दिया है,
09:06take-off करने के लिए.
09:07इसे certificate of air worthiness मिल चुका है.
09:10और European Aviation Safety Agency के सारे testing,
09:13safety standards को obey करती है ये flying car.
09:16अब दिखने में,
09:17ये पहली ऐसी flying car है,
09:18जो actually में flying car की तरह लगती है.
09:20BMW की गाड़ी को as a base इस्तिमाल किया गया है,
09:23जिस पर wings attached किये गए.
09:24आज से 60-70 साल पहले जो attempts किये गए थे,
09:27उसमें aeroplane को गाड़ी से जोड़के चिपकारने की कोशिश करी जा रही थी.
09:31लेकिन ये पहला ऐसा attempt है,
09:32जिसमें गाड़ी से ही wings निकलने लग रहे हैं.
09:34इसे हवा में उड़ाने के लिए किसी special fuel की ज़रूरत नहीं है,
09:38जो petrol station पे आपको petrol मिलता है,
09:40उसी पर ये गाड़ी उड़ भी सकती है,
09:42क्योंकि इसके अंदर 1.6 litre BMW का engine लगा हुआ है.
09:45उड़ान भरते वक्स ये 8,000 feet की height तक पहुंच सकती है ये air car,
09:49और 190 kmph की speed हो सकती है इसकी हवा में,
09:52दो maximum लोग बैठ सकते हैं गाड़ी के अंदर,
09:54और इसे aeroplane से गाड़ी में transformation करने में सिर्फ 3 minute का समय लगता है.
09:59और ये transformation कुछ इस तरीके से होता है,
10:02ये wings फोल्ड किये जा सकते हैं पीछे की तरफ,
10:05और सब कुछ automatically हो जाता है, कुछ ऐसा नहीं कि वहाँ से
10:08unscrew करके separate करना पड़े, ये पूरा एक ही piece है.
10:11आप वीडियो में देख सकते हो कि कैसे ये धीले धीले wings पीछे जा रहे हैं,
10:15और एक compact गाड़ी बन रहे है.
10:18सडक पर ये air car चलती हुई कुछ ऐसी दिखेगी,
10:21almost एक normal car की तरह लग रही है सडक पर चलती हुई,
10:24लेकिन पीछे से थोड़ा कुछ बार निकला हुई,
10:26जोकि ज्यादा बुरा नहीं है क्योंकि कुछ गाड़ियां
10:28वैसे ही इतनी बड़ी होती हैं पीछे से.
10:31इसे उड़ने के लिए आपको एक पाइलेट के लाइसेंस की ज़रूरत पड़ेगी,
10:33क्योंकि इसे उड़ने के लिए एक प्रॉपर रनवे चाहिए होता है.
10:36ये air car 200 से ज़्यादा टेक औफ और लैंडिंग्स कमप्लीट कर चुकी है,
10:39तो उसमें कोई दो राहे नहीं है कि ये एक successful flying car है.
10:42अगर आपको एक खरीदनी है, क्या cost पड़ेगी इसके?
10:45कहा जा रहा है, 5,00,000 डौलर से लेकर
10:471,000,000 डौलर के बीच में इसकी cost पड़ेगी,
10:49depending upon आप कौन सा model खरीदना चाहते हैं.
10:52और सिर्फ 12 महीने के अंदर अंदर ये commercially available बन जाएगी.
10:56यानि आप इसे market में जाकर खरीद सकते हैं.
10:59अब Jetson One के founder ने कहा था कि वो अपने विमान को
11:01एक मनुरंजन के तौर पर देखते हैं,
11:03कि as a fun activity लोग उसे इस्तिमाल करेंगे,
11:06लेकिन यहाँ पर ये company जिसने air car बनाई है,
11:09इसका नाम है Klein Vision.
11:10यहाँ पर इनका विश्वास है कि ये air car,
11:13helicopters को replace कर देगी future में.
11:15क्यूंकि इसमें एक साधारन गाड़ी के
11:17internal combustion engine का इस्तिमाल किया गया है,
11:19इसका मतलब ये है कि ये बहुत energy efficient है.
11:22आमतोर पर helicopter को उडाने के लिए,
11:23aeroplanes को उडाने के लिए,
11:24बहुत ज़्यादा fuel का इस्तिमाल किया जाता है,
11:26special fuel की जगवत पड़ती है.
11:28और ये अगर एक गाड़ी के engine पर उड़ सकती है,
11:30ये air car,
11:31तो इसका मतलब ये है कि आने वाले time में
11:33ज़्यादा मुश्किल नहीं होगी,
11:35एक electric car का engine इस्तिमाल करने में,
11:37इस air car को उडाने के लिए.
11:39इसका मतलब ये हुआ कि एक fully electric air car
11:42बन पाएगी यहाँ पर.
11:43जो environment के लिए काफी अच्छा है,
11:45helicopter और normal airplanes के comparison में.
11:47सबसे important सवाल शाद यहाँ पर उड़ता है,
11:49कि ज़रूरत क्या है?
11:51कोई practical use हो सकता है इन flying cars का.
11:53सबसे पहला उप्योग बताय जाता है,
11:55इन flying cars का होगा emergency services के लिए.
11:57जैसे कि ambulances, fire engines,
11:59या पिर police के लिए.
12:01एक advantage ये हो सकता है,
12:02कि helicopter से comparison में,
12:04इनें ज़्यादा असान होगा,
12:06इसलिए सबक से infrastructure बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ेंगे.
12:08Railways के लिए railway lines बिचानी पड़ती है,
12:10Metros के लिए underground खोधना पड़ता है,
12:12गाड़ियों के लिए सडके बनानी पड़ती है,
12:14लेकिन flying cars के लिए,
12:16वही infrastructure का इस्तिमाल किया जा सकता है,
12:18जो पहले से already exist कर रहा है.
12:20एक और बड़ा advantage इनका ये है,
12:22कि ये काफी flexible है.
12:24Jetson-1 जैसे विमानों की बात करें,
12:26तो वो कहीं पर भी उतर सकते हैं,
12:28कहीं से भी take-off कर सकते हैं,
12:30तो end-to-end connectivity हमें यापर मिल पाएगी.
12:32और obviously, जो environmental impact है,
12:35क्योंकि आम तोर पर गाड़ियों को
12:37लंबा distance करने में ज्यादा समय लगता है,
12:39जो कि flying cars कम समय में कर पाएंगी,
12:41और कम energy भी consume करेंगी.
12:43लेकिन अगर इनके disadvantages की बात करें,
12:45तो वो शायद कहीं ज्यादा और है,
12:47advantages के comparison में.
12:49पहला तो यही है, कि क्या हमें
12:51ज़रूरत भी है flying cars की?
12:53जड़ा गाड़ियों से ही compare करके देख लो,
12:55आज के दिन गाड़ियां बड़ी आम बात
12:57बन गई है, almost हर देश में,
12:59दुनिया के हर शहर में. हर किसी को
13:01गाड़ी सीखने के लिए एक driving license का
13:03test लेना पड़ता है, लेकिन उसके बावजुद भी
13:05बहुत ही गन्दे तरीके से
13:07धेर सारे लोग गाड़ी चलाते हैं,
13:09accidents होते हैं, traffic accidents में,
13:11कितने लोग मारे जाते हैं दुनिया भर में.
13:13तो अगर सड़क पर लोग ढंग से
13:15गाड़ी नहीं चलाना सीख सकते हैं,
13:17तो हवा में कहाँ से सीख पाएंगे?
13:19वो तो 10 गुना और ज्यादा मुश्किल होगा,
13:21वहाँ पर accident होनी की 10 गुना
13:23और ज्यादा गुनजाईश होगी, और अगर कोई
13:25वहाँ पर accident होगा हवा में,
13:27जान लेवा भी उतना ही ज्यादा होगा.
13:29तो ये एक बहुत सीरियस इशु है,
13:31कि यहाँ पर कितने सारे लोगों को
13:33sufficient पाइलेट की ट्रेनिंग देनी पड़ेगी
13:35इन्हें उडाने के लिए.
13:37इस प्रॉबलम का एक सलूशन हो सकता है,
13:39कि ये फ्लाइंग कार्स खुद से उड़े बिना पाइलेट की इंटरफेरेंस के.
13:43जैसे आटॉमेटिट गाडियां होती हैं,
13:45आज के दिन टैसला में फीचर्स आ गए हैं,
13:47कि खुद से गाड़ी ड्राइफ कर सकती है,
13:49तो ऐसे ही सेल्फ ड्राइविंग फ्लाइंग कार्स बने,
13:51तो इस प्रॉबलम को अबॉइट किया जा सकता है.
13:53लेकिन टैसला की बात करें,
13:55तो इलोन मस्क को लगता है कि फ्लाइंग कार्स एक बहुत ही बेकार आईडिया है.
13:58क्यूंकि उनके हिसाबस से,
14:00जब हजारो फ्लाइंग कार्स आस्मान में उड़ेंगे,
14:03तो कही ना कही, कोई ना कोई एक्सिडन्ट ज़रूर होगा,
14:06और एक गाड़ी नीचे गिरी, किसी के सर पर गिरी,
14:08उस इनसान की तो जान खतम हो जाएगी.
14:10एक्सिडन्ट से लोगों के मरने का खतरा बहुत-बहुत जादा है.
14:13और आम तोर पर भी जब आपकी गाड़ी खराब होती है,
14:15आप उसे सडक में साइड पर ले जाते हैं उसे ठीक करने के लिए.
14:18लेकिन आस्मान में अगर गाड़ी खराब होगी,
14:20तो कहाँ पर लेकर जाएंगे उसे आप?
14:22ये प्रोबलम्स खराब वेदर में और भी जादा बढ़ जाएंगी,
14:24इमाजिन कीजिए कि आप अपनी फ्लाइंग कार को उडा रहे हैं,
14:27और बहुत तेज हवा चल रही है,
14:29या फिर थंडस्टॉम्स आने लग रहे हैं,
14:31बिजली कड़क रही है,
14:32बहुत जादा टर्बिलेंस से हो रही हैं,
14:34आमत़ोर पर जो एरो प्लेइन्स होते हैं,
14:36एरो प्लेइन्स बहुत बड़े होते हैं,
14:37तो वो इसे बेर कर पाते हैं,
14:39सोटे प्राइवेट जेट्स में इन चीज़ों का ज्यादा खतरा रहता है,
14:42टर्बिलेंस का और खराब वेदर का,
14:44और फ्लाइंग कार्स क्योंकि इतनी बड़ी नहीं होंगी,
14:46तो उनमें भी यही खतरा रहेगा,
14:48इसके बाद प्रॉबलम उठती है सेफ्टी की,
14:50एक दो फ्लाइंग कार्स के लिए कोई नया इंफरस्टेक्चर बनाने की जरूत नहीं है,
14:53वो बात सही है,
14:54लेकिन अगर हजारो फ्लाइंग कार्स हवा में उड़ रही होंगी,
14:57किसी ना किसी तरीखे का यहाँ पर एक नया ट्राफिक लाइट्स का सिस्टम बनाना पड़ेगा,
15:01जैसे गाडियों के लिए होता है,
15:03यहां से गाड़ी आ रही है, वहां से गाड़ी आ रही है,
15:05तो ट्राफिक लाइट्स तो होनी चाहिए,
15:07नए टेकनिकल स्टैंडर्ड्स बनाने पड़ेंगे यहाँ पर,
15:09क्यों सारे यह फ्लाइंग कार्स एक दूसरे से कमीनिकेट कर पाएं,
15:13कहीं पर कलूजियन्स नहीं देखने को मिले,
15:15क्रैशिस ना हो,
15:16और यह चीज करनी आसान नहीं होगी,
15:18क्योंकि आज के दिन,
15:19ड्रोन्स के लिए ही रेगुलेशन्स बनाना कितना मुश्किल हो जाता है सरकारों के लिए,
15:23कि सरकारे ड्रोन्स को सीधा बैन कर देती हैं,
15:26और यह ड्रोन्स तो सिर्फ हवा में उड़कर फोटो वीडियोस खीचते हैं,
15:29फ्लाइंग कार्स के लिए करना कितना ज़्यादा मुश्किल होगा,
15:32एक गवर्मेंट के पस्पेक्टिफ से,
15:34आप इमाजन कर ही सकते होगी.
15:35फिर प्रॉबलम उठती है नॉइस पॉलूशन की,
15:37अगर आपने कोई भी छोटा सा ड्रोन उड़ाया,
15:39तो आपने देखा होगा कि कितना शोर मचता है उससे.
15:41या फिर अगर आप किसी हेलीकॉप्टर के पास गए हैं,
15:43वो तो नेक्स्ट लेवल है विल्कुल.
15:45वहाँ पर हेलीकॉप्टर में इसलिए वो पहनने पढ़ते हैं हेड़फोन्स.
15:48फ्लाइंग कार्स में यही सेम प्रॉबलम्स एकजिस्ट करेंगी,
15:51और जेटसन 1 और एरो कार में भी यही प्रॉबलम्स एकजिस्ट करती हैं.
15:54बहुत नॉइज उठता है उनसे.
15:56बहुत शोर मचता है उनसे कि उन्हें प्राक्टिकल नहीं है
15:59अर्बन इन्वायमेंट्स में, शेहरों में इस्तिमाल करना आज के दिन.
16:02इसके लिए एक और नए टेकनिलोजिकल इनौवेशन की जरूत पढ़ेगी,
16:06कि यह फ्लाइंग कार्स अपना नॉइज लेवल काफी हद तक कम कर पाएं.
16:10नॉइज के लावा एक और जगें जहाँ पर बहुत ज़्यादा इनौवेशन की जरूत पढ़ेगी,
16:13वो है फास्ट चार्जिंग टेकनिलोजी.
16:15आज के दिन जो ड्रोन हावा में उड़ता है,
16:17वो सिरफ 20 मिनिट तक हावा में रह पाता है.
16:19तो फ्लाइंग कार्स कितनी देध तक हावा में रह पाएंगी.
16:22आज की टेकनिलोजी के रिशाब से,
16:23ये सिरफ 50 किलो मेटर दूर तक उड़कर जा सकती हैं.
16:26और उसके बाद येने चार्ज करने की जरूत पढ़ेगी
16:28या रीफ्यूल करने की जरूत पढ़ेगी,
16:31तो ये सारी प्राक्टिकल प्रॉबलम्स हैं,
16:32जेने सॉल्फ करना पढ़ेगा आने वाले टाइम में,
16:34अगर इस टेकनिलोजी को सिक्सेस्फुल होना है तो.
16:37अगर ये सारी प्रॉबलम्स सॉल्फ हो भी गई,
16:39तो फाइनल प्रॉबलम यहापर जो आएगी,
16:42वो होगी कॉस्ट की.
16:43इतनी सारी इनोवेशन्स के बाद,
16:45जो एक फाइनल प्राइज होगा फ्लाइन कार का,
16:47क्या वो इस लेवल तक आप आएगा,
16:49कि लोग उसे अक्शुली में खरीदना चाहें,
16:51उसके लिए वो प्राक्टिकल बन पाए खरीदना उसे.
16:53आज के दिन इस एरो कार की कॉस्ट
16:55$1,000,000 के पास है.
16:57अगर इसकी कॉस्ट अफोर्डिबल नहीं बन पाए,
16:59तो बहुत ही मुश्किल है इसके लिए
17:01सही माइनों में सक्सेस्फूल होना.
17:03यह चीज किसी भी नई टेकनॉलॉजी के लिए वैलिड है.
17:06अगर कम्पीटिंग टेकनॉलॉजी इससे
17:08प्राइस के मामले में कहीं ज्यादा भैतर है,
17:10तो वही टेकनॉलॉजी आगे सक्सेस्फूल रहेंगी.
17:13अगर गाड़ी को इस्तिमाल करना, ट्रेन्स को इस्तिमाल करना, और एरोप्लेइन्स को इस्तिमाल करना,
17:17प्राइस के मामले में ज्यादा सस्ता रहता है,
17:20प्राइस के मामले में ज्यादा सस्ता रहेंगी.
17:23यहाँ पर आपकी क्या राय है?
17:25नीचे कॉमेंट्स में लिख कर बताइए.
17:27प्राइस के मामले में ज्यादा सस्ता रहेंगी.
17:29प्राइस के मामले में ज्यादा सस्ता रहेंगी.
17:31बहुत बहुत धन्यवाद!
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