00:00शुटर मनू भाकर ने पेरिस में फैराया तिरंगा
00:042024 ओलंपीक में मनू भाकर ने भारत के लिए खोला खाता
00:09कभी किराय के टिस्टल से मनू ने खेला था अपना पहला टुर्नमेंट
00:14टिस्टल लाइसेंज के लिए खूब लगाया अफ़सरों के चककर
00:19मनु भाकर ये नाम आज हर भारतिय की जुबान पर है। और हो भी क्यों न मनु भाकर ने पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का नाम जो रोशन किया है।
00:29पैरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए ब्रॉंज मेंडल अपने नाम करके इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
00:38डस मीटर एर पिस्टल के मुकाबले में मनु का निशाना सीधे ब्रॉंज पर लगा। इसे के साथ मनु ने शुटिंग में बारा सालों से चले आ रहे मेडल के इंतिजार को भी खत्म कर दिया है।
00:48यही नहीं, उलंपिक खेलों में शुटिंग में मेडल हासिल करने वाली देश की पहली महिला खिलाडी भी बन गयी है।
00:54लेकिन इस हर्यारणवी छोरी का ये सफर कभी इतना असान नहीं रहा। जिस तरह हर एक चेम्पियन के रास्ते में कई बाधाएं आती हैं मनु के साथ भी वैसा ही था।
01:02लेकिन वो कहते हैं ना कि आग की भटी में तपकर ही सोना कुंडन बनता है। ठीक उसी तरह संघर्सों से पार पाते हुए मनु यहां तक पहुंची है।
01:12टुर्नामेंट खेलने के लिए नहीं था अपना पिस्टल। मनु से भारत की उमीद पहले दिन से ही जुड़ गई थी जब उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड को पार कर फाइनल में जगह बनाई। और मनु ने इस उमीद को जिंदा रखते हुए ओलंपिक 2024 में देश क
01:42पिस्टल से सूटिंग प्राक्टिश करती थी यही नहीं उन्होंने अपना पहला राष्टिया टुनामेंट भी उसी पिस्टल से खेला था।
01:47इसका खुलासा खुद मनु ने अपने एक इंटरव्यू के दोरान किया था।
01:50यही नहीं मनु ने यह भी बताया था कि शुरू में उन्हें यह भी नहीं पता था कि ट्रिगर कितना अंदर दबाना होता है।
01:56उन्हें ग्रिब बनाने में भी काफी दिक्कत होती थी।
01:58लेकिन निरंतर प्रयास से उन्होंने इस चुनोती से पार पा लिया और नतीज आज हमारे सामने है।
02:03मनु ने यह भी बताया था कि अगर आपके अंदर जुनून हो तो आप किसी भी मुश्किल से पार पा सकते हैं।
02:09लाइसेंस के लिए अफशरों ने खुब दोडाया।
02:12आज जिस बेटी पर पूरा देश गर्व कर रहा है, उस बेटी को अपने जिस पिस्टल पर इतना नाज है, उसके लाइसेंस के लिए भी उसे खुब पापड बेलने पड़े थे।
02:20मनु को भी अफशर साही की कारबुजारियों से दो चार होना पड़ा था।
02:24मनु भाकर के पिता ने अपने एक इंटरव्यू के दवरान खुलासा किया था कि उन्हें अपनी बेटी के लाइसेंस के लिए काफी मशकत करनी पड़ी।
02:30राम किशन भाकर ने बताया था कि वो रोज लाइसेंस बनवाने के लिए 45 किलोमेटर दूर जजजर जाते थे और निराश होकर वापस लोटाते थे।
02:38उन्होंने अधिकारियों के खुब चक्कर काटे लेकिन अधिकारियों पर अफशर साही का एसा नशा चाया था कि उन्होंने उनकी एक न सुनी। ऐसे में एसियन यूथ गेम्स की तारीक भी नजदी का रही थी और राम किशन भाकर की टेंशन और जादा बढ़ रही थी।
03:08तो उन्होंने धाकर बल्ले बाज गिरंशावा के एकाडमे में भर्ती होकर इस खेल की बारीक्वियों को भी सीखा है।
03:13लेकिन किस्मत ने तो मनु के लिए चूटिंग में मुकाम पहले से तैक किया हुआ था।
03:17वो भी सबसे उंचा मुकाम।
03:19मार्तन सिंग् डेली लाइन
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