00:00साल 2014 में फास्टेक की शुरुबात फारत में हुई। उससे पहले आपको सीधा सीधा टोल प्लाजा पर खुद से ही पैसे देने होते थे। और परची कटवानी पड़ती थी। जिसमें कई बार तो लंबी लाइने भी लगानी पड़ती थी। साथ ही समय भी काफ़ी बर
00:30फास्टेक के आने के बाद से काफी सहूलियत हो गई।
00:33अब बस लोगों को अपनी गाणियों पर फास्टेक लगाना होता है।
00:36इससे होता क्या है कि टोल प्लाजा पर पहुंचते ही
00:39वहां लगी मशीन टेक को स्कैन कर लेती है।
00:42जिसके बाद खाते से पैसे अपने आप कट जाते हैं।
00:45तो इसी बीच अब National Highway Authority of India ने
00:49फास्टेक को लेकर नियमों में कुछ फेर बदल की।
00:52जिसका पालन ना करने पर मोटी रखम चुकानी पड़ सकती है।
00:56इसलिए NHAI ने अब विंड शील्ड पर फास्टेक लगाना अनिवारे कर दिया है।
01:05National Highway Authority of India ने अब फास्टेक को लेकर नियमों में बदलाव कर दिये हैं।
01:10NHAI ने advisory जारी करते हुए टोल प्लाजाज को ये निर्देश दिये हैं कि
01:16जिन भी वाहनों में फास्टेक सही से नहीं लगा होगा इस तरह के वाहनों से double fine लिया जाएगा।
01:21जारी किये गये सर्कुलर में कहा गया है कि अगर कोई वाहन फास्टेक लेन में आता है लेकिन उसकी विंड शील्ड पर फास्टेक नहीं लगा होता
01:30तो इस सारा की सिच्वेशन में टोल ओपरेटर या फिर टोल लेने वाली एजन्सियां जो भी चार्जस हैं उसका डबल चार्ज वसूल करेंगे।
01:37इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि टोल कलेक्टर जुर्माना के परावधान की जानकारी को सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करते रहें ताकि लोगों को इस बारे में जानकारी हो सकें।
01:49इसके साथ ही जुर्माना लगाने के बाद का CCTV पुटेच और गाड़ी नमबर को समाल कर रखने को कहा गया है ताकि प्रॉपर रिकॉर्ड मेंटेन करके रखा जा सकें।
02:01फास्ट एक को गाड़ी पर ऐसी जगा लगाना चाहिए जहां उसे बड़ी ही आसानी से रीड किया जा सकें।
02:11हमेशा उसके लिए बहतर जगा होती है गाड़ी के सामने वाला शीशा यानि विंडशील।
02:17फास्ट एक लगा होता है तो यह बड़ी आसानी से कैमरे की निगा में आ जाएगा और इसे सकैन करके रीड करने में काफी आसानी होगी।
02:25अगर किसी की गाड़ी में फास्ट एक नहीं लगा है और वो एक्सप्रेस वेपर निकल गया है इस बीच टोल प्लाजा मिलता है तो फिर नियमों के अनुसार जितना टोल लगता है उसका डबल आपको चुकाना पड़ेगा।
02:42मान लीजिए अगर आप जिस रास्ते से जा रहे हैं वहाँ आपको धेड़ सो रुपे टोल देना है तो फिर अगर आपके पास फास्ट एक नहीं है तब ऐसी सिच्वेशन में आपको तीन सो रुपे चुकाने पड़ सकते हैं.
02:55फिरोरपोर्ट टेली लाइन
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