00:00किससा उस खिलाडी का जिस से खौफ खाते थे तेज गेंद बा개�
00:05एक ऐसाभनाका जिस ने तोड़ा था तेझ गेंद बाजो का धक.
00:10इसबल्लेबाज के माथे पर लगी बाॉंospace तो अगली गेंद पर माड़ दी बाउंडरी
00:15जिसके लिए सर विवियन विचर्ट्स ने कहा, स्टील का इंसान।
00:23तारीक थी पांच अप्रेल, साल था 1983, जगए थी गुयाना, बेस्ट इंडीज।
00:28गुयाने के पीछ पर एक चोटे कत का बल्ले बाज उस वक्त के सबसे तेज़ और खतरनाग बॉलिंग अटैक के सामने उन्चास के स्कोर पर खेल रहा था।
00:36इस बल्ले बाज का रिकॉर्ड तो बेस्ट इंडीज के खिलाब बहुत अच्छा था, इतना अच्छा कि खुद बेस्ट इंडीज वालों ने उसकी बल्ले बाजी पर गीप लिट डाले थे, पर वो सिरीज बहुत बेकार गुजरी थी उसके लिए।
00:46पहले दो मैच की चार पारियों में सिर्फ उन्चास रन और तीसरा मैच बारिश से ऐसा धुला कि सीधा पांचवे दिन बैटिंग का मौका मिला टीम को।
00:54कहने को मैच में कुछ नहीं बचा था पर उस बल्ले बाज की साख दाओं पर थी।
00:58वो किसी भी तरह से कुछ करना चाहता था, कुछ रन बनाना चाहता था।
01:02और वहीं दूसरी तरफ बेस्ट इंडीज वाले पूरे विश्व को ये बता देना चाहते थे क्यों कोई वर्ल्ड कप टाइटल उनसे आस तक छीन नहीं पाया।
01:09उनचास की स्कोर पर बिना हेलमेट खेल रहे उस बल्ले बाज के सामने वो गेंदबाज दोड़ कर आ रहा था जिसे दुनिया माल्कम मार्शल के नाम से जानती थी।
01:19माते की बीच लगी मार्शल की बाउंसर।
01:22मार्शल एक ऐसा गेंदबाज जिसे बैट्समैन के दिमाग से खेलना पसंद आता था।
01:26ये वो दोर था जब फास्ट बॉलर को ना तो सिस्टर चार के पिजने में बादा गया था ना ही नियोंमों से उनके पर्क उतरे गय थे।
01:32तब का सीधा सा हिसाब था कि अगर खेल सकते हो तो खेलो।
01:36राउंद विकेट से मार्शल की गेंद पिज़ पर पड़ी तो सेकेंड के कुछ हिस्से में बल्ले बाज को समझ आ गया कि वो बाउंसर है।
01:42पर जिस रफतार की गेंद थी और जिस तरह की पिज़ थी या तो समझ सकते थे या तो डक कर सकते थे।
01:48बल्ले बाज को बाउंसर तो समझ आ गया पर डक करने का मौका नहीं मिला।
01:52गेंद पिज़ से उठलते हुए बल्ले बाज की माथे के बीचों बीच जाकर लगी और ऐसे टकरा कर दूर चिटक गई जैसे किसी दिवार से टकरा गई हो।
01:59इंडियन ड्रेसिंग रूम से किरन मोरे बर्फ लेकर भागे और बेस्ट इंडिज के फिल्डर अपनी जगह पर ऐसे जमे रहे जैसे कुछ हुआ ही न हो।
02:06अब बात ये थी कि बाउंसर माल्कम ने मारा तो सटीक था पर बाउंसर लगा गलत जगह था।
02:12अगर गेंद बॉड़ी या सर के किसी भी हिस्से में लगती तो गेंदबाज की जीत मानी जाती पर गेंद माथे के बीच पर लगी थी।
02:18ये बल्ले बाज की जीत थी कि उसने गेंद से निगाह नहीं हटाई। गेंदबाज चोट तो कर गया पर बल्ले बाज बैटिंग के बैसिक प्रिंस्पल पर टिका रहा।
02:28अगली ही गेंद को पहुंचा दिया बाउंडरी के पार।
02:31खिरण मोरे बल्ले बाज के पास पहुंचे अपने उस सीनियर खिलाडी से कहा कि बर्फ लगा लो। उस सीनियर बल्ले बाज ने 21 साल के मोरे को भगा दिया और क्रीज में वापस आकर खड़ा हो गया।
02:41अब माल्कम की साख दाओ पर थी माल्कम गेंद ले कर चले आम तोरतर बाउंसर के बाद आम बल्ले बाज बैक फुट पर जाते हैं पर यह आम बल्ले बाज नहीं था। उसने पाउं आगे किया गेंद को टाइम किया और माल्कम की निगाह के नीचे से बाउंडरी की तरफ �
03:11कि तुम स्टील के बने हो। उस बल्ले बाज ने अपने करियर में 13 सतक तो इसी खतरनाट टीम के खिलाब मार रखे।
03:18बाकि कुछ साल बाद अख़बार में उस बल्ले बाज की फोटो के साथ एक खबर छपी सुनील मनोहर गवासकर ब्रेक्स डॉन ब्रेडमैन्स रिकॉर्ड अखमोस्ट हंडेडिंग टेस्ट।
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