00:00 अपने प्र्याज़ाद गर्ण के साथ प्रतियाद चाना करते हैं।
00:03 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:06 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:09 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:12 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:15 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:18 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:21 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:27 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:35 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:43 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:46 प्रतियाद चाना करते हैं।
00:55 प्रतियाद चाना करते हैं।
01:02 प्रतियाद चाना करते हैं।
01:09 प्रतियाद चाना करते हैं।
01:12 हम तुम्हें देखने आये हैं और तुम्हें गायते हैं।
01:36 मैं खाना पका रही थी साहब, ग्राहोंको को परोसना हैं।
01:40 इतने बद्दे माबाब और इतनी सुन्दर बेटी।
01:43 अच्छा मजाग था।
01:46 आई दग।
01:48 गूबर जैसा महक रहे है।
01:53 तब तो तुझे बहुत पसंद आएगा और तुम ज़रा इदर तो आओ।
01:58 मैं, मुझे बहुत काम है साहब।
02:00 अरे रे डर गई तुम तो, शरीफ आद्मी हो मैं, अरे बताओ इसे।
02:06 नगर का सबसे शरीफ।
02:09 सुना, आब आओ यहाँ, आओ बेटो मेरे साथ।
02:13 मुझे जाने दीजे।
02:15 बंद कर बना ये बाजा, चल।
02:22 आप पर प्रशाँच नहीं चाहिए, आप पर प्रशाँच नहीं चाहिए।
02:25 साहब, ये हमारी ओर से, ये लीजिए।
02:31 चलो बेटी, इन भले मानसों को चैन से खाने पिने दो, तुम रसोई में माँ का हाथ बढ़ाओ। चलो चलो।
02:37 ये, छोड़े इसे।
02:41 आप पर प्रशाँच नहीं चाहिए, आप पर प्रशाँच नहीं चाहिए। ये लीजिए।
02:51 प्रशाँच नहीं चाहिए।
02:53 ये लीजिए।
02:55 प्रशाँच नहीं चाहिए।
02:57 प्रशाँच नहीं चाहिए।
03:00 प्रशाँच नहीं चाहिए।
03:02 प्रशाँच नहीं चाहिए।
03:30 नमस्ते
03:32 रोकडा तेरा बाप देखा क्या?
03:46 कौन सा तेरे बाप ने दिया?
03:49 तू तो मरा
03:52 मर तो मैं हफ्तों पहले गया था
03:59 अगर आज अर्थिया तुम्हारी निकलेंगी
04:03 तू तुम्हारी निकलेंगी
04:06 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:08 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:11 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:14 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:17 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:19 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:47 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:49 प्रशाँच नहीं चाहिए।
04:51 प्रशाँच नहीं चाहिए।
05:02 श्रीमन, श्रीमन, बहुत बहुत धन्यवाद।
05:15 आज आत नहीं होते तो, आप जाएँ मत।
05:18 यही रुख जाएँ न, आपका रोटी, कपड़ा, मकान, सब मेरी जिम्मेधारी।
05:23 अपना जीवन एक महल में बिताया है मैंने, राजा राणियों की सेवा करते हुए।
05:32 तुम चाहते हो की मैं तुम्हारी होलामी करो। अरे जाओ, अपने लिए सिर उठाकर, खोद लड़ना सीखो।
05:41 पर, वो लोग मुझे मार डालते हूँ। तो सिर उठाकर मरना सीखो।
05:56 यही यही जी साहब नशे में दूट होते हुए भी उन तीनों को चटी का दूट याद दिया, मैं सच कह रहा हूँ वो ना जानता हूँ जानता तो तीनों की जान भेले सकता था।
06:08 यही बरना सीखो।
06:17 तो आप नहीं पड़ेंगे और एक नए ख़टपा जरम लेगा।
06:22 इसके पैर बगड़ा, मैं रस्टी करता हूँ।
06:43 अरे दिख नहीं रहा, यह मर चुका है।
06:46 जो कहा है कर।
06:47 बहुत भारी है यह।
06:52 देखा, लाश के चक्कर में मेरे नए कपड़े मैंने कर दिये।
07:02 दस दिन से बिना दाना पानी के लटका हुआ है, मरना ही था।
07:07 असंभव, यह अब तक मरा नहीं।
07:16 तो अब मरेगा।
07:17 बता, मेरे चाबुक से या तेरे भाले से?
07:21 नहीं, इसे जीवित छोड़के देखते हैं।
07:23 क्या ये काल दूत से भी अधिक दिन जीवित...
07:26 अरे सवाल ही नहीं है, ऐसे भयांकर दंड को जहिल कर बचना।
07:31 हाथिक दिन जीवित. - आरे सवाल ही नहीं है.
07:32 ऐसे भयांकर दन्ड को जहिल कर बचना.
07:35 काल दूट के लावा ये किसी के बस की बात नहीं है.
07:38 ये नहीं करपाएगा. - देखते हैं.
07:41 ए! इस जानबर को कुछ खाना-पानी डालो.
07:46 इसके लिए तुम्हारे पैरों में इधन बन पहुँचती है या नहीं?
08:02 जी तो करता है इसे यहीं के यहीं गाड़तू. - बस कुछ दिनों की बात है. तडब तडब कर मरेगा ये. बस देखना है की कब. इसकी मोत की तारीख पर एक जुय की बाजी बिचाओ.
08:14 कहतो सब से अपना अपना दाव लगाए. इसकी सासों की गिंती अब शरू.
08:22 अरे आराम से बेटा. - ओह ओह एक लाश पर भोजन क्यों बरबात कर रहे हो? - जुप करो. तुम्हें दिखता नहीं? ये कोई आम आदमी नहीं है.
08:43 क्योंकि हम सब आम आदमी से नीचे हैं. गुलाम हैं हम. - सही कहा हम सब गुलाम हैं. हम में कोई अंतर नहीं. कभी था ही नहीं. पर ये समझने में मुझे बहुत समय लग गया.
08:59 मेरा पुराना जीवन दुनिया की कड़वी सच्चाई से कोसो दूर था. एक सपना था जो अब तूट गया है. - सपने देख पाने के सिवाई हमारे पस बचा ही क्या है? सब कुछ तो छील लिया.
09:17 यार बच्चोंको मैं डूनकर वापस लाऊंगा
09:21 जानता है वुछन मै मेरा
09:23 अरे cafe आरा घत Peak से जो ढरा नशीव mulah
09:25 कल पर्सु चलि आर सुखक लके होय जात हो जाओगे क्याको policia
09:29 आ पि प sworn सर्केोına को तो पर सत्तो हो जरच्ल पी देते हो
09:34 बनाई कर्या मारिय ने लत्न जमग अम्माला हुआ,
09:38 आपो सुपchiedutes और गणिम ढे트ं चाहं करेगा.
09:43 मज़ रजी करंग में
09:45 जिन एक रुदास बंगे जेना है.
09:53 एकिसे मारी टाए ली कि वो आफतान।
10:02 अपने पास नहीं है, वो मुझे पर छोड़ दो।
10:05 शायद मैं गलत था. इसका घमन तो इसकी हड़ियों के लिए तूट चुका है.
10:11 दिन बर कोलू के बैल के लिए काम कर रहा है, बिना भोजन, बिना पानी,
10:16 बस अपने मालेको को खुश करना चाहता है.
10:21 ये देख, एगीडे मेरे लिए पानी लेकर आ.
10:36 प्यास लगी है? वापस काम पर चल चल. वाह, कुट्टे से भी जैसे लेकर आप पर प्यास लगी है.
10:58 वापस काम पर चल चल. वाह, कुट्टे से भी जैसे लेकर आप पर प्यास लगी है.
11:07 ये अब आदमी नहीं है, हमारा पाल्तू जानवर है. हाँ, अब ये कोई दिक्कत नहीं देखा. हाँ, देखते हैं.
11:15 ये आदमी नहीं देखा. हाँ, देखते हैं.
11:18 पूर्टा पर प्यास लगी है.
11:20 पूर्टा पर प्यास लगी है.
11:49 इसकी कमर से चावी निकालो.
11:51 थोड़ी देर और प्रतिक्षा करते हैं. पहरेदार अभी जागी होंगे. मुझे लग रहा है हम अभी तयार नहीं.
12:01 अभी नहीं तो कभी नहीं. किस बात के प्रतिक्षा करने है? वो ये देख रहे है इसकी.
12:07 फूर्टी लाओ चोका ना रहना होगा. पहले बाकियों को छुडाएंगे फिर तुम सब आजार घर में जाओगे. हथोड़ी एककुदाल जैसे हतियार लोगे. मैं पहरेदारों को सभालता हूँ. क्या तुम सब मेरे साथ हो?
12:19 हां, तुम पर विश्वास कर रहा हूं.
12:22 भचन देता हूँ, हम सब को गुलामी की इन बीडियों से स्वतंत्र कराऊँगा.
12:26 मेरा हतियार?
12:28 आप यही रुकिये बाबा, रडाई समाप्प धूने तक यह जगे सुरक्षित है.
12:33 हतियार दो मुझे, वर्ना तुम लोग मुझसे सुरक्षित नहीं रहोगे.
12:38 लेकिन थोड़ा ध्यान से. विजएई भावो.
12:53 कुछ करबड़े है, पेरेदार कहा गये?
13:01 पड़े होंगे, पीकर कही धून. यही मौका है, हमें रोकने वाला कोई नहीं.
13:06 चलो जल्दी, गमाने के लिए समय नहीं है हमारे पास.
13:10 मूर्क, चलो इससे पहले कि ये सब को जगा दे और...
13:16 हम सब छे कैसे? यह कम है?
13:20 हो जगे तो मुझे एक शमा कर देना.
13:23 धोका, हमें फ़साने के लिए जाल बिचाय गया है.
13:27 अरे, पर यहां तो कोई नहीं.
13:31 मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था.
13:52 कोई जिन्दा नहीं वचना चाहिए.
13:55 भागो!
13:57 जड़ी! जड़ी!
14:19 जड़ी! जड़ी!
14:21 बस!
14:27 तुमने अपना वादा पूरा किया. अब मेरी बारी.
14:39 क्या मांगा था तुमने?
14:41 आपने कहा था, आप मुझे मेरे बेटे, मेरे भैरव का पता बताएंगे.
14:45 आँ! यादाया. वादे का पक्का हूँ मैं.
14:50 नहीं, ये सच नहीं हो सकता. कोई इतना क्रूर नहीं हो सकता.
15:00 भगवान के लिए सच सच बताओ. कहाँ है मेरा बेटा? कहाँ है मेरा भैरव?
15:06 यही सच है. पर तुम्हारी हालत देखकर लग रहा है कि तुम...
15:13 इस सच के साथ जी नहीं पाओगे.
15:15 क्या हुआ? दर्द हो रहा है?
15:31 तुम बता.
15:42 बहुत मजा आया. पहली बार लग रहा है कोई तक्कर का मिला है.
15:46 अगर हम शत्रु नहीं होते, तो पक्के मितर होते.
15:50 चलो, अगले जनम में ही सही. क्योंकि तुम्हारा ये जनम तो पूरा हुआ.
15:58 चे हो रहा है या? कुछ पूछा मैंने.
16:03 इसने गुलामों को भढका कर विद्रो करने की कोशिश की सरकार. मैं नहीं होता, तो ये सफल भी हो जाता.
16:09 डस हाथीों का बल है इसमें. इसे मार कर पाटक पर इसकी लाश लटकाऊंगा, ताकि फिर कोई ऐसी जुरत ना करे.
16:17 इसकी मर्हम पट्टी करवाओ.
16:29 मर्हम पट्टी? मुझे आदेश दोहराने की आदत नहीं.
16:33 जी, हो जाएगा सरकार. दवा खाने ले जाओ इसे, अभी. सुभादा के ख़दान पर काम करता नहीं दिखा, तो तुम्हें बेडियों में जगड कर इसकी जगा डाल दूँगा.
16:44 ख़दान नहीं, ये मुझे खुणी अखारे के लिए चाहिए.
16:59 का, काहूं मैं? ए, सुनो, सुनो, मदिरा मिलेगी?
17:08 ये क्या था?
17:12 नहीं, क्या चाहते हो मुझे?
17:15 सवाल ये नहीं कि मैं तुमसे क्या चाहता हूँ वेर कटपपा, बल्कि ये कि तुम अपने आपसे क्या चाहते हो?
17:22 अच्छा, तो क्या चाहता हूँ मैं?
17:25 एक उधेश्य जीने का, मरने का, मारने का.
17:32 अब मैं तुम्हें उसके बारे में बताता हूँ जिसने मुझे ये उधेश्य, ये कारण दिया, टॉल दूद.
17:39 खून का उबाल कुछ कम हुआ?
17:47 बाहर निकालो और देख लो.
17:50 सीधे मुद्दे की बात पर आते हैं, घर वापस जाना चाहते हो?
17:55 बिना दाम लिये जाने दो, इतने दयालू तो तुम लगते नहीं.
17:59 तुम्हारे जैसे बड़े शूर्वीर के लिए कोई बड़ा दाम नहीं है ये.
18:03 एक छूटी सी इच्छा है मेरी, तुम्हें अपनी बराबरी केक युधा से लड़ते देखने की.
18:10 और अगर मैं मना करूँ तो? तो तुम्हें फिर से इस गोलामी के जीवन में भेश दूँगा. आप और तुम्हारे 20 साथियों को मुक्त कर दूँगा. भासी पर चड़ा कर, सबसे पहले तुम्हारे प्यारे उस बुढ्धे को. कब?
18:27 अभी एक चुनो. वो. इसे खोनी अखाडे में ले जाओ. लाओ उसे. अंदर कूदो.
18:52 तुम और मैं. चले? क्या लगता है? तुम्हारा वो बुढ्धा बाबा, भासी के भन्दे पर कितनी देर ठिक पाएगा?
19:04 अब तो प्रोपा करता है
19:06 प्रोपा करता है
19:08 प्रोपा करता है
19:10 प्रोपा करता है
19:12 प्रोपा करता है
19:41 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
19:43 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
19:45 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
19:47 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
19:49 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
19:51 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
20:13 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
20:15 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
20:25 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
20:35 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
20:37 कोशिश करूँगा पीड़ा कम हो
20:39 पीड़ा कम हो
20:41 पीड़ा कम हो
20:43 प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
20:45 प्रेमारी प्रेमारी
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