रिश्तों का बाज़ार सजा है, बोली लगाओ माल उठाओ || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)

  • 2 months ago
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वीडियो जानकारी: 08.08.23, बातचीत सत्र, गोवा

प्रसंग:
~ दहेज़ की परिभाषा क्या है ?
~ दहेज़ के आधार पर रिश्ते कैसे बनते है ? ये कैसी बुनियाद है रिश्तों की ?
~ दहेज़ की प्रथा हमें हमारे बारे में क्या बताती है ?
~ आज भी 'दहेज' जैसी कुप्रथा कैसे जीवित है?
~ हमारे रिश्तों की सच्चाई क्या है? उनमें प्रेम कहाँ है?
~ महिलाओं को आर्थिक बोझ की तरह क्यों देखा जाता है?
~ घर चलाने का सारा बोझ पुरुषों पर क्यों?
~ घरेलू हिंसा होने पर क्या किया जाए?

संगीत: मिलिंद दाते
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