वहां पे अबीर को उसकी मामा की बात याद आएगा तो वह एक फुट बेल पे लिख देगा की हेल्प अभिर
और वह फुटबॉल को कीक करेगा तो वो अभी मैंने और अक्षरा की कर पे ही जाके पड़ेगा तो
वो अक्षरा कहे की मैंने अपने बेटे को यह सिखाया था मतलब अभी यहां पे ही कहानी है
तो वो लोग फुटबॉल के और जाते रहते हैं तो अभी रिग मंदिर में होता है
और वहां पे वो घूमता है तो उसे उसके मामा मिल जाति है और वो दोनों हक करके बहुत रोटी हैं और
अक्षरा उसे डांटती है की तुम क्यों ऐसे करके ए गए तो
वो कहता है की आप बीमा थी ना इसलिए मैं ए गया था और आप लोग तो मुझे प्यार नहीं करते तो मैं आपको कहता हूं तो आप थोड़ी ना मुझे लेने आते इसलिए मैं आपके पास ए गया
फिर अक्षरा से का देती है की हमने ड्रामा किया था तुमको अपने देदा पास भेजना के लिए
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