Jallianwala Bagh Massacre 2023 : जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh) हत्याकांड की 104 साल पूरे हो चुके हैं। 13 अप्रैल 1919.... ये वो तारीख है, जिसे याद करने भर से देश सिहर उठता है अमृतसर (Amritsar) के जलियांवाला बाग में ब्रिटिश हुकूमत (British Rule) ने भारतीयों के खून से खून की होली खेली थी। 104 वर्ष बीत जाने के बाद भी वो दिन भुलाए नहीं भूलता। ये अंग्रेजों पर लगा वो खूनी दाग है जो कभी मिट नहीं सकता। उस दौर में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की कौल पर पूरे देश में रोलेट एक्ट का विरोध किया जा रहा था। पंजाब भी इससे अछूता नहीं था 6 अप्रैल को अमृतसर में एक बड़ी सभा हुई। जिससे बौखलाकर पंजाब पुलिस (Punjab Police) प्रशासन ने आजादी के आंदोलन के दो बड़े नेताओं सत्यपाल और डॉक्टर किचलू को गिरफ्तार कर लिया। जिससे अमृतसर में लोग गुस्से से भर गए। 13 अप्रैल 1919 वो बैसाखी के दिन, अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आजादी के मतवाले, अमृतसर के जलियांवाला बाग में जमा हो रहे थे। जालियांवाला बाग में 15 हजार लोगों में सभा शुरू हो चुकी थी। ये सब देखकर ब्रिटिश हुकूमत पहले से तिलमिलाया ब्रिटिश हुकूमत और तमतमा गया। पंजाब के तत्कालीन गवर्नर माइकल ओ डायर (Michael O Dyer) कुछ कर जाना चाहता था, उसके सिर पर खूनी जुनून सवार था।