Skip to playerSkip to main content
  • 4 years ago
टेस्टिकुलर टॉर्जन तब होता है जब एक टेस्टिल यानी अंडाशय स्‍परमेटिक कॉर्ड पर घूम जाता है। इससे अंडकोश तक रक्‍त ले जाने वाली यह नलिका मुड़ जाती है। इससे अंडकोश में रक्‍त कमी हो जाती है। इससे अंडकोश में अचानक और नियमित तौर पर तेज दर्द और सूजन होने लगती है। टेस्टिकुलर टॉर्जन को आमतौर पर आपातकालीन सर्जरी की जरूरत पड़ती है। अगर शुरुआती घंटों में इसका इलाज कर लिया जाए, तो अंडकोश को बचाया जा सकता है। लेकिन, अधिक समय तक इंतजार करने से स्‍थायी क्षति हो सकती है और पिता बनने की क्षमता पर भी दुष्‍प्रभाव पड़ सकता है। जब रक्‍त प्रवाह काफी देर तक रुका रहता है, तो अंडाशय बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो जाता है और उसे निकालना पड़ता है। टेस्टिकुलर टॉर्जन के महीने भर पहले मिलने वाले संकेत एवं लक्षण : अंडकोश में अचानक और तेज दर्द होना। अंडकोश में सूजन आना । पेट व पीठ की निचली मांसपेशियों में तेज दर्द होना। नौसिया और उल्‍टी । अंडाशय का सामान्‍य से ऊंची स्थिति अथवा असामान्‍य कोण पर होना ।

#AndkoshKharabHoneKeLakshan
Comments

Recommended