Skip to playerSkip to main content
  • 5 years ago
हिन्दुओं ने खेली होली तो मुस्लिमों ने रखा रोजा
#Hinduo ne kheli holi #Muslimo ne rakha roza
मेरठ में शब—ए—रात के मौके पर रविवार की पूरी रात कब्रिस्तानों में लोग पहुंचते रहे और अपने पूर्वजों की याद में फातिहा पढी। इस दौरान शहर कारी शफीकुर्रहमान ने लोगों को अफो की अहमियत बया की। उन्होंने कहा कि अफो अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है क्षमा करना, बख्श देना, दरगुजर करना, बदला न लेना और गुनाह पर पर्दा डालना। उन्होंने बताया कि अफो तो तब होगा जब कोई व्यक्ति समर्थता व शक्ति के बावजूद किसी को माफ कर दे। गुस्से पर काबू पाने की वास्तविकता यह है कि किसी गुस्सा दिलाने वाली बात पर खामोश हो जाए और बदला लेने की क्षमता के बावजूद सब्र व सुकून के साथ रहे।

Category

🗞
News
Comments

Recommended