समाजवादी पार्टी की साइकिल यात्रा नौ दिन में लगभग 370 किलोमीटर की यात्रा तय कर शनिवार को लखनऊ में खत्म हो गई. 12 मार्च को रामपुर से आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में शुरू हुई समाजवादी साइकिल यात्रा बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर, सीतापुर से होते हुए लखनऊ पहुंची. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 12 मार्च को लगभग बारह किलोमीटर साइकिल चलाकर इस यात्रा की शुरुआत की थी. रास्ते में जगह-जगह साइकिल यात्रा का स्वागत हुआ और पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव के संदेश को दूसरों तक पहुंचाया.शनिवार को अखिलेश यादव ने लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में खुद मौजूद रहकर साइकिल यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और उन्हें उनकी मेहनत के लिए बधाई दी. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष के बाद ही चीजें आपकी होंगी. इस दौरान अखिलेश यादव ने रामपुर से लखनऊ तक साइकिल यात्रा का नेतृत्व करने वाले समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया.एसपी अध्यक्ष ने प्रदेश में कानून व्यवस्था, महिलाओं, किसानों और नौजवानों के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर बीजेपी ने जान-बूझकर मुकदमे दर्ज करवाए हैं. लेकिन उसको यह नहीं पता है कि यहां जिस पर एफआईआर दर्ज होती है वो ही आदमी मुख्यमंत्री बन जाता है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके उस बयान के लिए घेरा जिसमें उन्होंने बीजेपी के संकल्प पत्र की तुलना पवित्र ग्रंथ गीता से की थी. अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे यह सुनकर बेहद दुख हुआ कि आखिर योगी आदित्यनाथ बीजेपी के संकल्प पत्र की तुलना पवित्र ग्रंथ गीता से कैसे कर सकते हैं.
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