Skip to playerSkip to main content
  • 5 years ago
शाजापुर। विद्यार्थी जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासित होकर उसे हासिल करने में जुट जाएं तो सफलता निश्चित मिलेगी, यह बाते न्यायाधीश चंचल बुंदेला ने शासकीय कन्या उमा विद्यालय शुजालपुर शहर में गुरूवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन में कही। श्रीमती चंचल बुंदेला ने शिविर में उपस्थित छात्राओं एवं शाला परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए बताया कि देश में संविधान ही सर्वोपरि है और जितने भी कानून हैं सभी उसमें समाहित अधिकारों की रक्षा के लिए बने हैं, संविधान को सभी कानूनों का पालक माना गया है। कानून के समक्ष सभी लोग एक समान हैं, कानून के समक्ष छोटे-बड़े, धर्म, जाति किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने महिलाओं के संरक्षण से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए बच्चियों को विशेष तौर पर बताया कि आपको किसी भी प्रकार से कोई परेशान कर रहा है, या किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ या छोटी-मोटी घरेलु हिंसा हो रही है तो उसकी जानकारी अपने भाई-बहिन, माता-पिता या शिक्षक को अवश्य दें, नहीं तो ऐसी छोटी-छोटी बातें छुपाने से बड़ी घटनाएं घटित हो जाती है।

Category

🗞
News
Comments

Recommended