पुष्पेंद्र दोहरे की मौत उत्तर प्रदेश पुलिस की ठोको नीति अभियान का एक हिस्सा है उत्तर प्रदेश पुलिस निरंकुश होती जा रही है दलितों मजलूमों व कमजोर वर्गों के लोगों पर अत्याचार चरम पर है। समाजवादी पार्टी सत्ता में आई तो पूरा हिसाब चुकता किया जाएगा। यह बात समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष गोपाल यादव ने महेवा पहुंच कर पुष्पेंद्र दोहरे के घर जाकर कर ढांढस बंधाया। बाद में मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा पुलिस ने पुष्पेंद्र कांड में जो अमानवीय चेहरा दिखाया वह शर्मनाक है, ना तो उसकी पत्नी को ना उसकी मां को मरने के बाद चेहरा तक नहीं देखने दिया। चुपके से पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर क्रूरता की पराकाष्ठा पार कर दी। बताते चलें 19 अगस्त को महेवा चौकी पुलिस मृतक पुष्पेंद्र के घर उसे पकड़ने हेतु दबिश देने गई थी। जहां उसने पुलिस से बचने के लिए अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर लिया था। बाद में मिनी पीजीआई सैफई में इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। परिवारजनों और उसके सामाजिक लोगों का आरोप है मृतक पुष्पेंद्र को खुद पुलिस ने पेट्रोल डालकर जलाया था। अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने तरह-तरह के हथकंडे अखितयार किये थे। सपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि पुष्पेंद्र इतना शातिर अपराधी भी नहीं था, जो पुलिस ने उसके साथ क्रूरता दिखाई। पुलिस ने उसके भाई को थाने में कौन सी कानूनी धारा के तहत पाबंद किया था। यह उसकी हिटलर साईं का नमूना है। उन्होंने प्रदेश सरकार से 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि तथा मृतक की विधवा पत्नी रुचि को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।
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