मध्यप्रदेश के धार जिले में एक मजदूर पिता ने अपने बच्चे को परीक्षा दिलाने के लिए 85 किलोमीटर साइकल चलाकर परीक्षा केंद्र पहुंचा दिया। इतना ही नहीं, पिता ने बच्चे को 15 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पहुंचाया। दरअसल, प्रदेश में 'रुक जाना नहीं अभियान' के तहत 10वीं और 12वीं परीक्षा में असफल हुए छात्रों को एक और मौका दिया जा रहा है। मंगलवार को गणित का पेपर था। जिले के मनावर तहसील के रहने वाले शोभाराम के बेटे आशीष को 10वीं के तीन विषय की परीक्षा देनी थी, लेकिन परीक्षा केंद्र उसके घर से 85 किलोमीटर दूर था। कोरोना महामारी के चलते बसें भी बंद हैं। बेटे का साल बरबाद ना हो इसके लिए शोभाराम ने साइकल पर ही बेटे को लेकर निकल पड़े। पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें रास्ते में कठिनाई का सामना करना पड़ा, लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। मैंने ऐसा किया ताकि मेरा बेटा परीक्षा दे पाए।”
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