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  • 6 years ago
शामली। पीस पार्टी के पदाधिकारियों ने केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर प्रतिपक्ष के राजनीतिज्ञों के उत्पीडन करने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। जिसमें उन्होने राजनैतिक लोगों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों का वापस लिए जाने की मांग की है। मंगलवार को पीस पार्टी के जिला प्रभारी सैयद मौहम्मद असलम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। जिसमें उन्होने कहा कि प्रदेश में भाजपा जब से सत्ता में आई है। विपक्ष की आवाज दबाकर लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर जेल भेजा जा रहा है। उन्होने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जनता की आवाज उठाता है और वह सरकार की जनविरोधी नीतियों पर आवाज उठाता है, जबकि भाजपा जनविरोधी नीतियों के विरूद्ध आवाज उठाने वाले विपक्षी नेताओं को फर्जी मामलों में फंसाकर जेल भेजने का काम कर रही है। जिसमें आवाज उठाने वाले पीस पार्टी कार्यकर्ता मऊ विधानसभा अध्यक्ष मुनव्वर अली, रामपुर सांसद आजम खां, उनकी पत्नी विधायक रामपुर तनजीम फातिमा, पुत्र अब्दुल्ला आजम खान, गोरखपुर के डा. कफील, एएमयू के छात्र उस्मानी सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया। उन्होने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को छीनने का कार्य किया जा रहा है और वह लोकतंत्र का समाप्त करने का काम कर रही है। उन्होने असंवैधानिक रूप से किए गए मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग की है। इस अवसर पर हकीम सूफी अलाउददीन, अनसार अंसारी, नूरहसन, वाजिद, नाजिद राणा, आरिफ, भूरा, फारूख, लतीफ, तसव्वर आदि मौजूद रहे। 

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