Skip to playerSkip to main content
  • 6 years ago
गुरुवार को जिले भर में आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया गया। आतंकवाद का डटकर विरोध करने एवं सभी वर्गों में शांति कायम रखने की शपथ दिलाई गई।सीओ बिलग्राम व कोतवाल अमरजीत सिंह ने अधिकारियों-कर्मचारियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि आतंकवाद और हिंसा ने देश के सभी क्षेत्रों को तरह-तरह से कुप्रभावित किया है। इससे लोगों के मन में भय और अनिश्चितता की भावना पैदा हुई है।आतंकवाद राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा के लिए खतरा है। इससे हमें मिलजुलकर लड़ना होगा।जिले में पुलिस आफिस के सभी दफ्तरों में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को शपथ दिलाई गयी।इस दौरान कहा गया कि आतंकवाद के खिलाफ साथ मिलकर चलना होगा।इस दौरान आतंकवाद के राष्ट्रीय हितों पर पड़ने वाले कुप्रभाव की चर्चा करते हुए आतंक के दायरे से दूर रहने का अनुरोध किया। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। वह श्रीपेरंबदूर में एक रैली को संबोधित करने गए थे। उसी दौरान एक महिला उनके सामने आई। महिला का संबंध आतंकवादी संगठन एलटीटीई से था। उसके कपड़ों के नीचे विस्फोटक छिपा था। वह जैसे ही राजीव गांधी का पैर छूने के लिए झुकी तभी तेज धमाका हुआ। उस धमाके में राजीव गांधी समेत करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी। उनकी हत्या के बाद से ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया। इस दिन हर सरकारी कार्यालयों, सरकारी उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थानों में आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है।

Category

🗞
News
Comments

Recommended