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  • 6 years ago
जानकी नवमी के अबूझ सावे पर लॉकडाउन के चलते हजारों शादियां निरस्त हो गई। पहले से तैयारियों कर रहे लोगों के घर शहनाई नहीं बज सकी। लेकिन बिना किसी दिखावे के समाज को जागरूक करने का संदेश देने वालों ने लॉकडाउन की पालना करते हुए विवाह भी किए। जिला प्रशासन से अनुमति लेने के बाद शनिवार को पानीपेच बस्सीसीतारामपुरा में सोशल डिस्टेंसिग रखते हुए एक विवाह हुआ।
दोपहर को सीकर रोड स्थित हरमाड़ा से ब्लड डोनर रामभजन बिना घोडी व बैंड—बाजे के 7 बा रातियों के साथ पानीपेच दूल्हन करिश्मा के घर पहुंचे। यहां पर बाबा रामदेव मंदिर में दोनों ने पहले मंदिर की चौखट पर खडे होकर वरमाला पहनाई। इसके बाद वैदिक मंऋोच्चार के बीच सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वादा किया।
फेरों में पंडित के अलावा सिर्फ़ लड़की के माता-पिता और एक भाई ही बैठा रहा। दुल्हन और दूल्हे ने पूरी शादी में मास्क पहने रखा। फेरों के दौरान भी मास्क पहनकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन की पालना की। साथ ही स्वयं और अन्य को सुरक्षित रहने का संदेश दिया।
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