Skip to playerSkip to main content
  • 6 years ago
इसके तहत जम्म-कश्मीर को संविधान के तहत मिले विशेषाधिकार खत्म हो गए. 
- अब वहां न सिर्फ एक तिरंगा फहराएगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर शेष देश के साथ मुख्यधारा में चल सकेगा. 
- अब केंद्र उन मामलों में भी दखल दे सकेगा, जो संविधान के तहत मिले विशेष प्रावधानों के कारण अभी तक उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर थे. 
- इसका असर निश्चित तौर पर आतंकवाद के सफाये पर पड़ेगा. 
- पाक परस्त नेताओं पर लगाम कसने में इससे मदद मिलेगी. 
- आतंकवाद के चलते राज्य से पलायन करने वाले कश्मीरी पंडितों की वापसी भी सुनिश्चित हो सकेगी. 
- बीजेपी ने इस तरह से उस ऐतिहासिक गलती को सुधारने का काम किया है, जिसने राज्य को दो परिवारों की बपौती बना रखा था. अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार धारा 370 के प्रावधानों का इस्तेमाल अपने-अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए करते आए थे.

Category

🗞
News
Comments

Recommended