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  • 6 years ago
भीमा-कोरेगांव मामले में पांच आरोपी एक्टिविस्ट नजरबंद रखे गए हैं. इस मामले में इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य ने विशेष जांच दल (SIT) से जांच की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए केस में दखल देने से मना कर दिया. कोर्ट ने एसआईटी बनाने की मांग को भी खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि यहां पर विचार न मिलने से गिरफ्तारी का मामला नहीं है. कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी प्राथमिक आधार पर सबूतों के बाद की गई है. कोर्ट ने कहा कि यह गिरफ्तारी प्राथमिक तौर पर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी से संबंध होने के सबूतों के होने के आरोप के बाद की गई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों ने जांच पर कोई मांग नहीं की.

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