सरकार के कामकाज के तरीके को लेकर संघ के परिवार में नाराजगी दिखाई दे रही है. संघ से जुड़े संगठन भारतीय मजदूर संघ ने बढ़ती बेरोजगारी और निजीकरण के खिलाफ 3 जनवरी को देशभर में आंदोलन का ऐलान किया है. संघ की मांग है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित किया जाए. संगठन का दावा है कि सरकारी योजनाओं के तहत काम करने वाले लोगों में 87 फीसदी लोग कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे है. BMS के दावे के मुताबिक, सरकार FDI पर देश को गुमराह कर रही है. विनिवेश के जरिए PSUs को खत्म किया जा रहा है.
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