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  • 6 years ago
महिलाओं पर अत्याचार, महिलाओं का शोषण, महिलाओं का कत्ले आम ये सब बहुत कमतर और छोटे से अल्फ़ाज नजर आते हैं, एक तेज़ाब का शिकार महिला के दर्द के आगे। लेकिन आज इसकी पीड़ित महिलाओं खुद को किसी सर्वाइवर नहीं फाइटर के रूप में देखती हैं।

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