संसद में पेश नए आंकड़े बताते हैं कि देश में अवैध तरीक़े से रहने वालों में सिर्फ बांग्लादेशी नहीं हैं. कई अन्य देशों के नागरिक अवैध तरीक़े से भारत में रह रहे हैं और पकड़े जाने पर सरकार ऐसे लोगों को डीपोर्ट कर रही है. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि डीपोर्ट के सबसे ज़्यादा मामले बांग्लादेश के न होकर नाइजीरिया के हैं. सवाल यह है कि इसके बावजूद सरकार सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को हवा क्यों देती है.
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