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  • 7 years ago
लखनऊ. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली की। उन्होंने कहा- मैं देश को बताना चाहता हूं कि सीएए के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा- सीएए के खिलाफ राहुल बाबा, ममता, अखिलेश, मायावती समेत सारी ब्रिगेड कांव-कांव कर रही है। मैं लखनऊ की भूमि से डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसे विरोध करना हो करे, सीएए वापस नहीं होगा। सीएए के समर्थन में शाह की यह छठी रैली है। इससे पहले वे अहमदाबाद, जोधपुर, नई दिल्ली, जबलपुर, वैशाली में जनसभाएं कर चुके हैं।



शाह ने कहा- मैंने इस बिल को लोकसभा में पारित किया


‘राहुल बाबा, अखिलेश, ममता जी, बहन जी सार्वजनिक चर्चा के लिए तैयार हूं। अल्पसंख्यक छोड़ दीजिए, किसी की भी नागरिकता चली जाए यह बता दीजिए। देश में कांग्रेस, सपा, बसपा और तृणमूल धरने और दंगे करवा रहे हैं। सीएए में किसी की नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का प्रावधान है।’ 
‘पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में करोड़ो लोग रह रहे हैं, वहां अब अत्याचार हो रहा है। मैंने उनके दर्द को सुना है। सामूहिक बलात्कार किया जाता है। जबरन निकाह, धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हजारों मंदिर, गुरुद्वारे तोड़े जाते हैं। अफगानिस्तान में भगवान बुद्ध के पुतले को गोले दागकर जीर्ण शीर्ण करने का पाप हुआ है।’

‘अभी-अभी संसद का सत्र था। नरेंद्र मोदी सीएए लेकर आए। सीएए के खिलाफ राहुल बाबा एंड कंपनी, ममता दीदी, अखिलेश, बहन जी सभी कांव-कांव करने लगे। कांग्रेस के पाप के कारण देश के दो टुकड़े हो गए। जब विभाजन हुआ तब पाकिस्तान में 23% अल्पसंख्क थे, लेकिन आज 3 % बचे हैं।’


‘कहां गए वो लोग या तो मार दिया गया या फिर भारत में शरण ली। तब आपका ह्यूमन राइट्स कहां सो रहा था। कश्मीर से पांच लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितो को अपने देश के भीतर विस्थापित होना पड़ा। जिन कश्मीरी पंडितो की हवेलियां थीं, आज उनके पास खाने को खाना नहीं है।’


‘गांधी जी ने 1947 में कहा था कि शरणार्थियों को उनका हक मिलना चाहिए। जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि केंद्रीय राहत कोष से जो करना पड़े वो करना चाहिए। इंदिरा गांधी ने कहा था- बांग्लादेश के शरणार्थियों के लिए भारत की भूमि खुली है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी वोट बैंक की लालच में अंधी है।’


‘अखिलेश बाबू आप ज्यादा न बोलो तो अच्छा है। मंच पर पांच मिनट बोलकर दिखाओ। जो देश विरोधी नारे हैं, उसे यूपी की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। ममता दीदी इतनी जोर से बोलती है कि, लगता है इन्हें हो क्या गया है? दलित बंगालियों को नागरिकता मिल रही है, उसमें आपको तकलीफ क्या है।’


‘हाल ही में राजस्थान में चुनाव हुआ। कांग्रेस के घोषणा पत्र में लिखा है, शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी चाहिए। आप करें तो ठीक, हम करें तो विरोध। हमारा तो जन्म ही विरोध में हुआ है। मायावती और ममता को आदत पड़ी है कि देश हित में जो भी हो, उसका विरोध करें।’


‘जवाहर लाल नेहरू ने जो गलती की थी, आज हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को उखाड़कर फेंक दिया। कश्मीर हमारा अभिन्न अंग नहीं माना जा रहा था। आज कश्मीर में तिरंगा आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा है। ममता, राहुल कहते थे, धारा 370 नहीं हटना चाहिए। पेट में क्यों दर्द हो रहा था।’


‘कांग्रेस जब तक सत्ता में थी, तब तक अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर नहीं बनने दिया। कोर्ट में कपिल सिब्बल खड़े होकर केस में अड़ंगा लगाते थे। मोदी सरकार बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट में केस तेजी से चला और अब अयोध्या में आसमान छूने वाला श्रीराम का मंदिर बनने वाला है।’


‘दो साल पहले जेएनयू के अंदर देश विरोधी नारे लगे। मैं जनता से पूछने आया हूं कि जो भारत माता के एक हजार टुकड़े करने की बात करे उसको जेल में डालना चाहिए या नहीं? मोदी जी ने उनको जेल में डाला और ये राहुल एंड कंपनी कह रही है कि ये बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार है।’



दिसंबर 2019 में उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हिंसा हुई

सीएए के विरोध में दिसंबर 2019 में उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हिंसा हुई थी, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। हिंसा में शामिल लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। प्रदेश में अभी भी प्रयागराज और लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन जारी है। वहां महिलाएं 3 दिन से धरने पर बैठी हैं। प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट भी हो रहे हैं। पुलिस ने ऐसे 112 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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