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  • 6 years ago
रात के 2:00 बज रहे थे और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' राजधानी के शाहीन बाग में दूर से ही गूंज रहा था, जहां लोग CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. गीत, पेंटिंग और अन्य माध्यम से लोग सरकार और इस कानून के खिलाफ एक रचनात्मक विरोध भी कर रहे हैं. क्विंट ने तीन संगीतकारों - सुमित रॉय, पूजन साहिल और अरमान यादव के साथ शहीन बाग से खुरेजी और जेएनयू तक यात्रा की. हमने उनसे प्रोटेस्ट रैप और गाने लिखने की प्रक्रिया के बारे में बात की, उनसे जाना की वो देश के हालात के बारे में क्या सोचते हैं, और क्यों लिखते हैं.

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