स्व• अटल बिहारी वाजपेयी जी का कहना था कि "सरकारें आएंगी जाएंगी पर यह देश बचना चाहिए।" आज उसी देश को बचाते हुए बिहार का एक लाल शहीद हो गया और बिहार की संवेदनहीन सरकार उसे सम्मान तक नहीं दे सका। अपनी सत्ता की कुर्सी को बचाने में माननीय इतने व्यस्त हो गए की खुद तो शहीद के दरवाजे तक नहीं गए और न हीं किसी को भेजना उचित समझा। खैर सरकार तो जाति देखकर सबकुछ करती है। लेकिन वे कहाँ रह गए जो अपने समाज की ठेकेदारी करते हैं। जो अपने आप को मगध का प्रतिनिधि मानते हैं जो अपने आप को इस जाति का नेता मानते हैं। कम से कम वे हीं आ जाते एक बुढ़े बाप को ढाढ़स बंधाने। लेकिन नहीं सब अपने-अपने विधानसभा का टिकट कंफर्म कराते रहे।
शर्म कीजिए और चुल्लु भर पानी में कहीं डूब मरिए कि आपके अंदर शहीदों के सम्मान के लिए दो मिनट का समय नहीं है।