शब्दयोग सत्संग ३१ अगस्त, २०१६ अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा
प्रसंग: जीवन मै परेशानियाँ से कैसे बाहर आये? आध्यात्मिकता का मतलब क्या है? क्या आध्यात्मिक व्यक्ति को सुख या दुःख का अनुभव नहीं होता हैं? जब ज्यादा खुश होता हूँ तो अक्सर लोग ऐसा क्यों कहते है कि ज्यादा खुश मत हो?