Skip to playerSkip to main content
  • 7 years ago
जीवन के प्रति गहरी आस्‍था से ही ईर्ष्‍या से बचना संभव है. जो आपका है, उससे कैसी ईर्ष्या, जो आपका नहीं. इससे ईर्ष्या क्‍यों. जिसके हासिल में हमारा हिस्‍सा नहीं, उसके लिए मन की कोमल कोशिका को कठोर बनाने का कोई अर्थ नहीं.

Category

🗞
News
Comments

Recommended