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  • 4/22/2019
हिमाचल की मंडियों में आढ़तियों की लूट और शोषण के शिकार किसान-बागवानों का गुस्सा सोमवार को आखिरकार फूटकर बाहर आ ही है. किसानों-बागवानों ने आज किसान संघर्ष समिति के बैनर तले एपीएमसी शिमला-किन्नौर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. एपीएमसी और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश के सैकड़ों किसानों-बागवानों का करीब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा आढ़तियों के पास फंसा पड़ा है. उन्होंने कहा कि ना ही एपीएमसी और न ही सरकार इस दिशा में कोई कदम उठा रही है. इसी से नाराज किसानों ने ढली सब्जी मंडी में धरना दिया है. किसान संघर्ष समिति ने मांग की है कि इस शोषण और लूट को रोकने के लिए 2005 में बने हिमाचल प्रदेश कृषि एवं औद्योगकीय उपज विपणन अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए. इस अधिनियम के तहत एपीएमसी की जिम्मेदारी है कि वो किसान-बागवानों को फसल का उचित मूल्य प्रदान करने के साथ साथ तुरंत करवाए.

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