Skip to playerSkip to main content
  • 8 years ago
भागलपुर। शाबास! छोटी उम्र में बेटी के बड़े कारनामे, बेस्ट स्टेट मॉडल अवार्ड से हुईं सम्मानित। यहां बात हो रही है भागलपुर के इंटरस्तरीय आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर की दसवीं की छात्रा पल्लवी कुमारी की।

भागलपुर की बेटी पल्लवी को कोलकाता के बिड़ला इंडस्ट्रीयल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम(बीआईटीएम) में आयोजित पूर्वी भारत विज्ञान मेला में अपशिष्ट प्रबंधन और जलाशयों के संरक्षण विषय थीम पर प्रजेंटेशन दिया। इसमें प्लास्टिक रोड की राह दिखाने के लिए बेस्ट स्टेट मॉडल अवार्ड दिया गया। इस मॉडल की प्रोजेक्ट गाइड स्कूल की साइंस टीचर अर्पणा कुमारी भी सम्मानित की गईं।


जानिए कैसे बनाई जा सकती है प्लास्टिक मिक्स सड़क
पल्लवी ने बताया कि जहां सामान्यत: तारकोल आधारित सड़क की आयु पांच साल होती है वहीं प्लास्टिक पार मॉडल की सड़क की आयु 15-16 वर्ष होगी। पल्लवी ने बताया इस मॉडल में रोड बनाने में तारकोल की खपत 60-70 फीसदी कम हो जाती है। प्लास्टिक के इस्तेमाल से कूड़े प्रबंधन की समस्या से निपटने में काफी मदद मिलेगी। साथ ही प्राकृतिक संसाधन तारकोल की भी बचत होगी। इससे लागत में काफी कमी आयेगी। उसने बताया कि इस मॉडल पर काम करने के दौरान स्कूल परिसर में रोड बनाया। प्रमाण के तौर पर इसका वीडियो भी तैयार किया। सर्वप्रथम स्टॉन चिप्स को 70 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया गया। फिर तारकोल को मेल्टिंग प्वाइंट 180 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया गया। इसी में प्लास्टिक को डाल गया। फिर स्टॉन चिप्स को मिक्स कर संबंधित रोड पर डालकर रॉल किया गया।

पुरस्कार का श्रेय माता-पिता और शिक्षक को
पल्लवी ने बताया पुरस्कार मुझे जरूर मिला है। यह हमारी टीचर अर्पणा कुमारी के मार्गदर्शन से संभव हुआ है। साथ में माता पिता के आशीर्वाद के बिना संभव नहीं है। उसने आगे बताया कि इंटर करने के बाद मुझे डॉक्टर बनना है। इसके लिए अभी से मेहनत कर रही हूं। पल्लवी ने बताया कि देश में कूड़े के रूप में पैदा होने वाली प्लास्टिक से पर्यावरण को सबसे बड़ी चुनौती है। यह नदियों में जाकर जलश्रोत को नुकसान पहुंचा रही है। खासकर बाढ़ प्रभावित इलाके में बाढ़ के समय में जलाशयों में जाकर यह जलीय जीवों को भी नुकसान पहुंचा रही है। दूसरी ओर मिट्टी को भी यह बंजर बना रही है। लगभग सभी नगरी इकाइयों के ल?

Category

🗞
News
Comments

Recommended